फिर फोड़ने लगे हूती, एयरपोर्ट से सैन्य ठिकानों तक सऊदी धुआं-धुआं
देश के कई हिस्सों में हूतियों की कई मिसाइलों के कारण बड़े पैमाने पर क्षति पहुंची है। इससे पहले सऊदी अरब ने संयुक्त रूप से यमन के कई हिस्सों पर भीषण एयर स्ट्राइक की थी। जिसके बाद हूतियों की ओर से अगले कुछ दिनों तक मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ ही ग्राउंड पर अटैक की चेतावनी जारी हुई। हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने अलमसीराह टीवी चैनल पर लाइव आकर पूरे मिडिल ईस्ट को हिला देने वाला एक बयान जारी किया। दावा है कि उन्होंने सऊदी अरब के प्रमुख तेल संयंत्रों, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और अति संवेदनशील सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक साथ छह खतरनाक बैलेस्टिक मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमले अंजाम दिए। याह्या सारी के मुताबिक इस भीषण सैन्य ऑपरेशन में सबसे पहला और बड़ा निशाना बनी दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरब को की सुविधाएं होतीय ने तीन घातक बैलस्टिक मिसाइलों के साथ सीधे सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित राज तानुरा रिफाइनरी और अबकाईक के विशाल तेल ठिकानों पर निशाना लगाया। इतना ही नहीं लाल सागर के किनारे स्थित राबिक रिफाइनरी पर भी अटैक किए गए। जिसके बाद से ही वैश्विक तेल बाजारों में हाहाकार मच चुका है। लेकिन तबाही का खेल यहीं खत्म नहीं होता।
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हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब के आसमान को चीरते हुए उसके सबसे बेस्ट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को भी अपने निशाने पर लिया। अंसारउल्ला ने पहले ही चेताया था कि सऊदी अरब को शर्तों पर आना पड़ेगा। वरना विनाश का तरीका तो बदल सकता है मगर रुकेगा नहीं। हूती प्रवक्ता का दावा है कि रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सीधे मिसाइलें बरसाई गई। जबकि दम्माम शहर के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को घातक ड्रोन से निशाना बनाया गया। इस हमले के बाद सऊदी अरब के हवाई ठिकानों और कमर्शियल फ्लाइट्स के ट्रैफिक में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है। उधर यमन से सटी सऊदी अरब की दक्षिणी सीमा पर स्थित नजरान में सऊदी सेना के मेन कमांड सेंटर पर भी हूतियों ने बड़ा हमला किया। दावा किया है कि इस कार्यवाही में कई सऊदी सैनिक और आला सैन्य अधिकारी या तो मारे गए हैं या फिर वे गंभीर रूप से घायल हैं। हूतियों का साफ कहना है कि उन्होंने यह भीषण हमला यमन पर सऊदी अरब द्वारा हाल ही में की गई उस गोलाबारी के जवाब में किया गया है जिसमें 27 बेगुनाह यमनियों की दर्दनाक मौत हो गई थी। दूसरी तरफ सऊदी नीति गठबंधन के एयर डिफेंस सिस्टम ने दावा किया है कि उन्होंने रियाद की ओर तेजी से आ रही दो बैलस्टिक मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट करके मार गिराया।
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साल 2014 में सना पर हूतियों के कब्जे और साल 2015 में सऊदी गठबंधन की सैन्य एंट्री के बाद से यहां एक तरीके का गृह युद्ध ही चल रहा है जो अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर दिखाई दे रहा। एक तरफ रियाद और दम के आसमान में गरजस्ते होती ड्रोन है तो दूसरी तरफ सऊदी अरब का काउंटर अटैक। सवाल यह खड़ा हो चुका है कि क्या सऊदी अरब के लिए अब कोई सीधे तौर पर देश इस जंग में उतरेगा या फिर नहीं? देखिए हमारी अगली रिपोर्ट। खाड़ी क्षेत्र में जारी भीषण सैन्य टकराव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी आईआरजीसी की नौसेना ने एक बड़ी तकनीकी और खुफिया सफलता का दावा किया है।
चीन के रेगिस्तान समुद्री जीवों का उत्पादन [Unique fish farming in Xinjiang]
शिनजियांग के रेगिस्तानी और खारे पानी में वैज्ञानिक तरीकों से मछली पालन की गहरी पड़ताल, जिसमें ओसमोसिस, इकोलॉजिकल इंजीनियरिंग और स्मार्ट ग्रीन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. A deep dive into scientifically driven fish farming in the desert and saline waters of Xinjiang, utilizing osmosis, ecological engineering, and smart green technology. #dwsciencewithvivek
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