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UP TGT Exam : कोर्ट हैरान, UPESSC अध्यक्ष टॉस से करते हैं प्रश्नपत्रों का चयन, 25 फीसदी प्रश्न गलत होना समझ से परे

यूपी टीजीटी भर्ती परीक्षा के मामले में बुधवार को सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग के वकील के शाही ने कोर्ट को बताया कि प्रश्नपत्र अलग-अलग एजेंसियों से तैयार करवाए जाते हैं।

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बुक रिव्यू- अंतरिक्ष से पृथ्वी कैसी दिखती है:देशों की सीमाएं, राजनीति और युद्ध नहीं, दुनिया को देखने का नया नजरिया देती एक किताब

किताब- ऑर्बिटल (अंग्रेजी किताब ‘ऑर्बिटल’ का हिंदी अनुवाद) लेखिका- समैंथा हार्वी अनुवाद- डॉ. रोहिणी प्रकाशक- पेंगुइन मूल्य- 299 रुपए क्या आपने कभी सोचा है कि अंतरिक्ष से पृथ्वी कैसी दिखती होगी? वहां से देशों की सीमाएं नहीं दिखतीं, न राजनीति, न युद्ध और न ही इंसानों के बंटवारे। सिर्फ एक नीला ग्रह दिखाई देता है, जिस पर पूरी मानवता रहती है। मशहूर लेखिका समैंथा हार्वी की किताब 'ऑर्बिटल' इसी नजरिए से दुनिया को दिखाने की कोशिश करती है। साल 2024 में इस किताब को ‘बुकर पुरस्कार’ मिल चुका है। यह किताब इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में मौजूद छह अंतरिक्ष यात्रियों के जीवन के एक दिन की कहानी है। इन 24 घंटों में वे पृथ्वी के 16 चक्कर लगाते हैं। किताब में क्या है? 'ऑर्बिटल' की कहानी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में मौजूद छह अंतरिक्ष यात्रियों के इर्द-गिर्द घूमती है। इनमें रूस, अमेरिका, ब्रिटेन, इटली और जापान के यात्री शामिल हैं। वे वैज्ञानिक प्रयोग करते हैं, मशीनों की निगरानी करते हैं और हर 90 मिनट में पृथ्वी का एक चक्कर पूरा करते हैं। पूरे दिन में वे पृथ्वी के 16 चक्कर लगाते हैं। बाहरी घटनाएं बहुत कम हैं, लेकिन भीतर लगातार बहुत कुछ घटता रहता है। कोई अपनी मां को याद करता है, कोई अपने परिवार के बारे में सोचता है, तो कोई पृथ्वी पर बन रहे तूफान को अंतरिक्ष से देख रहा होता है। किताब की सबसे खास बात यह है कि यहां अंतरिक्ष रोमांच का माध्यम नहीं बनता। लेखिका उसे एक ऐसी जगह की तरह इस्तेमाल करती हैं, जहां से पूरी मानव सभ्यता को नए नजरिए से देखा जा सकता है। किताब की सबसे असरदार बात 'ऑर्बिटल' की सबसे बड़ी ताकत इसका नजरिया है। ज्यादातर अंतरिक्ष के बारे में लिखी गई किताबें तकनीक, मिशन या रोमांच पर केंद्रित होती हैं। लेकिन समैंथा हार्वी इसके उलट अंतरिक्ष को एक दार्शनिक नजरिए से देखती हैं। उनके लिए अंतरिक्ष पृथ्वी को समझने का माध्यम है। जब छह अंतरिक्ष यात्री खिड़की से नीचे देखते हैं तो उन्हें देशों की सीमाएं नहीं दिखतीं। वे समुद्र, पहाड़, जंगल, बादल और मौसम के बदलते रंग देखते हैं। किताब यह सवाल उठाती है कि जिन सीमाओं और संघर्षों में इंसान उलझा रहता है, क्या वे सचमुच उतने बड़े हैं, जितना हम मानते हैं? समैंथा किताब में पर्यावरण का मुद्दा भी उठाती हैं। अंतरिक्ष से दिखाई देती पृथ्वी खूबसूरत भी है और बेहद नाजुक भी। किताब के याद रह जाने वाले प्रसंग किताब में कई ऐसे प्रसंग हैं, जो मन में बैठ जाते हैं, जैसेकि- भाषा और लिखने का ढंग समैंथा हार्वी अंतरिक्ष के कठिन विषयों को सरल भाषा में समझाती हैं। किताब में वैज्ञानिक जानकारी है, लेकिन कहीं भी वह विज्ञान की पाठ्यपुस्तक जैसी नहीं लगती। अंतरिक्ष, पृथ्वी और प्रकृति का वर्णन कई जगह कविता जैसा महसूस होता है। किताब का हिंदी अनुवाद डॉ. रोहिणी ने किया है। अनुवाद मूल रचना की संवेदनशीलता और लय को बनाए रखता है। पढ़ते समय कहीं यह अहसास नहीं होता कि यह किसी दूसरी भाषा से ट्रांसलेटेड है। किताब की खूबियां किताब की कमजोरियां यह किताब क्यों पढ़नी चाहिए? 'ऑर्बिटल' उन किताबों में से है, जो पढ़ने के बाद सोचने का एक नया नजरिया देती हैं। यह याद दिलाती है कि अंतरिक्ष में जाने की सबसे बड़ी वजह सिर्फ दूसरे ग्रहों तक पहुंचना नहीं, बल्कि अपनी पृथ्वी को बेहतर ढंग से समझना भी है। अगर आपको ऐसी किताबें पसंद हैं, जो जीवन से जुड़े बड़े सवाल उठाती हैं, तो यह किताब जरूर पढ़नी चाहिए। ग्राफिक में देखिए यह किताब किन्हें पढ़नी चाहिए- किताब के बारे में मेरी राय आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, युद्ध, पर्यावरण संकट और तकनीक के तेजी से बदलते दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में 'ऑर्बिटल' अपनी पृथ्वी को नए नजरिए से देखना सिखाती है। ………………………… ये खबर पढ़ें… बुक रिव्यू: मंत्रों की ध्वनि से मन को सुकून:तनाव, भागदौड़ के बीच शांति की राह, ये किताब सिर्फ बात नहीं करती, रास्ता दिखाती है इस भागदौड़ भरी जिंदगी में शोर ज्यादा और सुकून कम है। मोबाइल के नोटिफिकेशन से दिन की शुरूआत होती है और रात तक दिमाग कामों, जिम्मेदारियों व चिंताओं से भरा रहता है। हम छुट्टियों में, नई चीजों में, सफलता में या लोगों के बीच शांति तलाशते हैं। राधिका दास की किताब 'मंत्र साधना' इसी सवाल का जवाब देती है। पूरी खबर पढ़ें…

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  Sports

शेख हसीना और शाकिब-अल-हसन के बीच क्या रिश्ता? पूर्व बांग्लादेशी कप्तान के घर क्यों लगाई गई आग? समझें पूरी कहानी

Shakib Al Hasan and Sheikh Hasina relation: शाकिब-अल-हसन के उदय और पतन की कहानी बहुत अनोखी है, जो क्रिकेट-राजनीति और सरकारी हिंसा के कॉकटेल से निकलती है. चलिए समझते हैं कि कैसे एक टैलेंटड खिलाड़ी की एक तानाशाही सरकार के साथ मिलीभगत ने बांग्लादेश के सबसे बड़े क्रिकेट स्टार का करियर खत्म कर दिया. Thu, 6 Aug 2026 07:41:58 +0530

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