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Aaj Ka Tarot Rashifal, 3 March: चंद्र ग्रहण के प्रभाव से सिंह, कुंभ समेत 6 राशियों को जमकर लाभ, मेष, धनु समेत 4 राशि वाले नकारात्मक प्रभाव से रहें सतर्क! पढ़ें आज का टैरो ​राशिफल

Aaj Ka Tarot Rashifal, 3 March 2026: आज चंद्र ग्रहण का प्रभाव मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर पड़ने वाला है. कई राशियां जीवन के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी हैं - कुछ के लिए यह पुनः आरंभ का समय है तो कुछ के लिए यह अंत और स्वीकृति का समय है. वृषभ, सिंह समेत कई राशियों के लिए चंद्र ग्रहण तरक्की के द्वार खोलने वाला है तो मेष, धनु समेत कई राशियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. चंद्र ग्रहण का दिन मेष से मीन सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा, टैरो कार्ड्स राशिफल से जानिए...

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West Bengal में गरजे Rajnath Singh, बोले- 'यह रैली नहीं, बंगाल में परिवर्तन की घोषणा है'

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को 'एक देश, एक विधान, एक निशान' का नारा लगाते हुए पश्चिम बंगाल के लोगों से आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को वोट देने का आग्रह किया। 'परिवर्तन यात्रा' में सभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल 'परिवर्तन' के लिए तैयार है, जिसे उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी लाएगी। उन्होंने कहा कि यह रैली पश्चिम बंगाल की परिवर्तन की 'घोषणा' है।
 

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सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल वीरों और क्रांतिकारियों की भूमि है, और उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सहित बंगाली परिवर्तनकर्ताओं के योगदान को रेखांकित किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि बंगाल की मिट्टी में त्याग और आत्मसम्मान समाहित है। मैं आपका उत्साह देख रहा हूं, और मैं कह सकता हूं कि 'परिवर्तन' की घोषणा बंगाल की धरती से हो। मैं कहना चाहता हूं कि परिवर्तन का समय आ गया है। अब छुकना मत। मैं इसे रैली नहीं मानता, मैं इसे बंगाल में परिवर्तन की 'घोषणा' मानता हूं।

उन्होंने आगे कहा कि यह वीरों की भूमि है। यह क्रांतिकारियों की भूमि है। यह नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भूमि है। उन्होंने कहा था, 'मुझे रक्त दो, और मैं तुम्हें स्वतंत्रता दूंगा।' बंगाल की भूमि साधारण नहीं है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म यहीं हुआ था। उन्होंने कहा था कि इस देश में 'दो विधान', 'दो निशान' और 'दो प्रधान' नहीं चलेंगे। उस समय उन्होंने जो नारा लगाया था, वह मात्र नारा नहीं, बल्कि एक प्रतिज्ञा थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने उस प्रतिज्ञा को पूरा किया। अब इस देश में 'दो विधान', 'दो निशान' और 'दो प्रधान' कभी नहीं होंगे। यहाँ 'एक देश, एक विधान, एक निशान' होगा।
 

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श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक बार जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में कहा था कि दो संविधान (विधान), दो शीर्ष प्रमुख (प्रधान) और दो ध्वज (निशान) का दोहरापन नहीं हो सकता। इससे पहले दिन में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 'परिवर्तन' शब्द पश्चिम बंगाल को "घुसपैठ और भ्रष्टाचार मुक्त" बनाने और तृणमूल कांग्रेस सरकार को भाजपा सरकार से बदलने की इच्छा को दर्शाता है।

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  Sports

ICC टूर्नामेंट्स में साउथ अफ्रीका का रिकॉर्ड बेहद खराब, महज इतने सेमीफाइनल मुकाबले ही जीत पाई

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का पहला सेमीफाइनल मुकाबला आज यानी 4 मार्च को साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले जाने वाले इस मुकाबले के लिए दोनों टीमों ने कमर कस ली है। साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड दोनों ही टीमें अपने पहले टी20 वर्ल्ड कप खिताब की तलाश में सेमीफाइनल में मैदान पर होंगी।

हालांकि, सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका के रिकॉर्ड्स बेहद निराशाजनक रहे हैं। बता दें कि, साउथ अफ्रीका की टीम ने अब तक 14 बार आईसीसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल खेले हैं लेकिन उन्हें सिर्फ दो बार ही जीत नसीब हुई है। बाकी 14 मैचों में उन्हें हार झेलनी पड़ी है।

अफ्रीकी टीम के लिए चोकर्स का टैग एक ऐसा दाग है जिसे वे चाहकर भी नहीं धो पाते। आईसीसी टूर्नामेंट्स के नॉकआउट मुकाबलों में साउथ अफ्रीका का प्रदर्शन इतिहास के सबसे निराशाजनक आंकड़ों में से एक है। आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रोटियाज टीम ने अब तक विभिन्न आईसीसी टूर्नामेंट्स में खेले गए कुल  14 सेमीफाइनल मैचों में से 12 में हार का सामना किया है। 

साउथ अफ्रीका की सेमीफाइनल में हार का सिलसिला 1992 के वनडे वर्ल्ड कप से शुरू हुआ था, जब इंग्लैंड ने उन्हें बाहर किया था। हालांकि, 1998 की चैंपियन ट्रॉफी में श्रीलंका को हराकर उन्होंने पहली बार फाइनल का टिकट कटाया था। लेकिन उसके बाद से ये रास्ता और भी कठिन होता गया। 1999 के वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वह यादगार सेमीफाइनल मैच आज भी फैंस को याद है,जो टाई रहने के बावजूद साउथ अफ्रीका के टूर्नामेंट से बाहर होने का कारण बना क्योंकि ऑस्ट्रेलिया अंक तालिका में उनसे ऊपर था। इसके बाद 2000, 2002 और 2006 की चैंपियंस ट्रॉफी में भी भारत और वेस्टइंडीज जैसी टीमों ने उन्हें सेमीफाइनल में हराया था। 

मौजूदा समय में भी टीम की किस्मत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 2007 और 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें सेमीफाइनल में बाहर का रास्त दिखाया, जबकि 2015 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार ने करोड़ों फैंस के दिल तोड़ दिए। टी20 वर्ल्ड कप में भई उनकी स्थिति कुछ अलग नहीं रही, जहां 2009 और 2014 में उन्हें क्रमश: पाकिस्तान और भारत से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ मिली एकतरफ जीत ने एख उम्मीद जगाई थी कि शायद अब ये सिलसिला खत्म हो गया है लेकिन 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार ने फिर से पुराने जख्म ताजा कर दिए।  

Wed, 04 Mar 2026 15:35:44 +0530

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