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Karni Sena की दो प्रमुख मांगें राजस्थान सरकार ने स्वीकार कीं, UGC आंदोलन जारी रहेगा

जयपुर, पांच अगस्त श्री राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने बुधवार को कहा कि राजस्थान सरकार ने संगठन की दो प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं। इनमें जयपुर में प्रदर्शन के बाद जान गंवाने वाले युवक के परिजनों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देना शामिल है। मकराना ने यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के आवास पर उनसे मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने घटना के लिए कथित रूप से जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी दो-तीन दिन का समय मांगा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी दो मांगें सरकार ने स्वीकार कर ली हैं। प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले युवक के परिजनों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके लिए हम सरकार के आभारी हैं।’’ हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यूजीसी से जुड़े मुद्दे को लेकर करणी सेना का आंदोलन जारी रहेगा।

मकराना ने कहा, ‘‘सरकार ने जिम्मेदार अधिकारियों के वीडियो उपलब्ध कराने को कहा है। हम वीडियो सौंपेंगे। जांच के बाद जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें निलंबित किया जाएगा।

सरकार ने हमारा सहयोग किया है और हमें भविष्य में भी इसी तरह के सहयोग की उम्मीद है।’’ राठौड़ ने कहा कि भाजपा सामाजिक समरसता बनाए रखने और समाज के सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार की पक्षधर है। उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि समाज एकजुट रहे। सभी को समान अवसर और सम्मान मिले।

यदि कोई घटना होती है तो उसका समाधान शांतिपूर्ण तरीके से हो। हम सभी एक परिवार हैं और संवाद के जरिए ऐसे मामलों का समाधान करेंगे।’’ उल्लेखनीय है कि करणी सेना ने सोमवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के यूजीसी विनियम-2026 को वापस लेने और सवर्ण समाज से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर जयपुर में रैली निकाली थी। प्रदर्शन के बाद एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी।

करणी सेना के नेताओं के अनुसार, मृतक की पहचान देवराज सिंह के रूप में हुई, जिसने प्रदर्शन के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद दम तोड़ गया। वहीं, पुलिस का कहना है कि देवराज सिंह की सोमवार रात अपने घर पर हृदयाघात से मृत्यु हुई थी।

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Allahabad High Court ने मांगा ब्योरा, UP में गन्ने के बकाए पर ब्याज कटौती का मामला

लखनऊ, पांच अगस्त इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का बकाया भुगतान में विलंब पर 15 प्रतिशत ब्याज के बजाय 12 प्रतिशत ब्याज के साथ जारी किए जा रहे रिकवरी प्रमाण पत्र को गंभीरता से लिया है। अदालत ने दो दिसंबर, 2021 के बाद इस तरह का प्रमाण पत्र जारी करने वाले गन्ना आयुक्त से इस संबंध में विवरण मांगा है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने किसान मजदूर संगठन के संयोजक वीएम सिंह द्वारा 2006 में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

अदालत ने उत्तर प्रदेश गन्ना आयुक्त को उन सभी पूर्व गन्ना आयुक्तों के नामों का विवरण देने को कहा जो दो दिसंबर, 2021 के बाद तैनात रहे और उत्तर प्रदेश गन्ना अधिनियम, 1953 के तहत रिकवरी प्रमाण पत्र जारी किए। पीठ ने कहा कि 15 प्रतिशत के बजाय 12 प्रतिशत ब्याज वाले रिकवरी प्रमाण पत्र जारी करना प्रथम दृष्टया उच्च न्यायालय के 23 दिसंबर, 2021 के आदेश की अवमानना प्रतीत होता है। अदालत ने यह भी कहा कि वह इस बात की समीक्षा करेगी कि क्या यह कार्य मिलीभगत कर किया गया या इसका इरादा गन्ना किसानों की कीमत पर चीनी मिलों को वित्तीय लाभ पहुंचाना था।

अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 31 अगस्त निर्धारित की।

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  Sports

WI vs PAK: वेस्टइंडीज 26 साल बाद भी नाकाम, पाकिस्तान ने टेस्ट सीरीज की बराबर, बाबर आजम ने ऐसे जिताया मैच

पोर्ट ऑफ स्पेन में खेला गया ये दूसरा टेस्ट मैच सिर्फ 4 दिन के अंदर खत्म हो गया और पाकिस्तान ने सीरीज 1-1 से बराबर कर ली. विंडीज गेंदबाज दोनों पारियों में अब्दुल्ला शफीक को आउट नहीं कर सके. Thu, 06 Aug 2026 00:06:00 +0530

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