AISTA ने Kolkata में चीनी की स्टॉक सीमा बढ़ाकर 1,000 टन करने की मांग की
नयी दिल्ली, पांच अगस्त अखिल भारतीय चीनी कारोबार संघ (एआईएसटीए) ने बुधवार को सरकार से कोलकाता और आसपास के इलाकों में डीलरों के लिए चीनी स्टॉक की सीमा मौजूदा 400 टन से बढ़ाकर 1,000 टन करने का आग्रह किया। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि कम सीमा के कारण त्योहारों के मौसम से पहले आपूर्ति में रुकावट आ सकती है। जमाखोरी और सट्टेबाजी को रोकने के लिए सरकार ने 28 जुलाई को देश भर में चीनी डीलरों पर 400 टन की एक समान स्टॉक सीमा लागू की थी।
एआईएसटीए के अध्यक्ष, प्रफुल्ल विठलानी ने कहा कि जब मार्च 2009 और अक्टूबर 2016 में इसी तरह की स्टॉक सीमाएं लागू की गई थीं, तो कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों को 1,000 टन की ऊंची सीमा की अनुमति दी गई थी, क्योंकि इस क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला अलग तरह की है। विठलानी ने एक बयान में कहा, ‘‘मौजूदा अधिसूचना के तहत, इस सीमा को 60 प्रतिशत घटाकर 400 टन कर दिया गया है, जिससे चीनी की उपलब्धता या कम आपूर्ति को लेकर चिंताएं पैदा हो रही हैं।’’ उन्होंने कहा कि न तो पश्चिम बंगाल और न ही पूर्वोत्तर राज्यों में कोई चालू चीनी मिल या रिफाइनरी है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में चीनी की पूरी मांग महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों से पूरी रेलवे रेक (मालगाड़ी के डिब्बों की पूरी खेप) के जरिए पूरी की जाती है।
एक रेक में लगभग 2,700 टन चीनी होती है। विठलानी ने कहा, ‘‘डीलरों के लिए 400 टन की स्टॉक सीमा तय करने से स्थानीय व्यापारियों के लिए रेक से आए माल को कुशलतापूर्वक खाली करना और स्टोर करना लगभग असंभव हो जाता है, जिससे लॉजिस्टिक्स में गंभीर रुकावटें आ सकती हैं।’’ एआईएसटीए ने कहा कि कोलकाता पूरे पश्चिम बंगाल में चीनी की आपूर्ति के लिए मुख्य वितरण केंद्र का काम करता है, जबकि गुवाहाटी सात पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यही भूमिका निभाता है। व्यापार निकाय ने कहा कि उसने पिछले सप्ताह दो बार केंद्र सरकार से कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों के लिए स्टॉक सीमा को 1,000 टन करने का अनुरोध किया था, ताकि आने वाले त्योहारों के मौसम में चीनी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
निकाय ने कहा कि वह देश भर में चीनी की बिना रुकावट आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Netflix भारत में बढ़ाएगा निवेश, Ted Sarandos ने PM Modi से मिलकर की चर्चा
नयी दिल्ली, पांच अगस्त मनोरंजन सामग्री मंच नेटफ्लिक्स ने अपनी विस्तार योजना के तहत भारत की रचनात्मक पारिस्थितिकी में निवेश बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। नेटफ्लिक्स ने एक बयान में कहा कि कंपनी के सह-मुख्य कार्यपालक अधिकारी टेड सारांडोस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।
इस दौरान भारतीय कहानियों के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था में नेटफ्लिक्स की दीर्घकालिक भूमिका पर चर्चा हुई। सारांडोस ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे समृद्ध कहानी कहने वाले देशों में से एक रहा है और पिछले एक दशक में भारतीय सामग्रियों ने वैश्विक दर्शकों तक मजबूत पहुंच बनाई है। उन्होंने कहा कि कंपनी अब अगले दशक में भारत की नई पीढ़ी के कहानीकारों में निवेश को प्राथमिकता देगी।
नेटफ्लिक्स ने नेटफ्लिक्स इंडिया स्टोरीटेलिंग इनिशिएटिव के तहत भारतीय क्रिएटिव प्रतिभाओं के विकास के लिए बहु-चरणीय निवेश की योजना बनाई है। इसके तहत एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र में कौशल विकास और अवसरों को बढ़ावा दिया जाएगा। कंपनी ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (आईआईसीटी) के साथ साझेदारी कर विजुअल इफेक्ट्स और मीडिया टेक्नोलॉजी से जुड़े पाठ्यक्रम विकसित करने की भी घोषणा की।
इसके अलावा 100 भारतीय छात्रों को विभिन्न रचनात्मक क्षेत्रों में प्रशिक्षण के लिए छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। साथ ही, राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) के साथ मिलकर नई नौकरियों के लिए प्रतिभा तैयार करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। नेटफ्लिक्स ने कहा कि अब तक भारत में उसके लिए 200 से अधिक मौलिक परियोजनाएं तैयार की जा चुकी हैं और देश के 100 से ज्यादा स्थानों पर शूटिंग की गई है।
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