15 अगस्त को ऐतिहासिक टेस्ट खेलने उतरेगी टीम इंडिया, ऐसा करने वाला भारत बनेगा दुनिया का सिर्फ तीसरा देश
IND vs SL: भारतीय टीम 2 टेस्ट मैचों के लिए श्रीलंका पहुंच चुकी है. शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं. यह सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से टीम इंडिया के लिए बेहद अहम है. इसके अलावा श्रीलंका के खिलाफ पहला टेस्ट मैच टीम इंडिया के लिए ऐतिहासिक भी होने वाला है. भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. भारत का यह 600वां टेस्ट मैच होगा. टेस्ट क्रिकेट में इस आंकड़े को छूने वाला भारत दुनिया का तीसरा देश बन जाएगा.
15 अगस्त को श्रीलंका में 600वां टेस्ट खेलेगा भारत
श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में 15 अगस्त को टीम इंडिया अपना 600वां टेस्ट मैच खेलने उतरेगी. इसी के साथ टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम इस आंकड़े को छूने वाली दुनिया की सिर्फ तीसरी टीम बन जाएगी. अब तक सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के नाम है. इंग्लैंड ने साल 1877 से लेकर अब तक कुल 1077 टेस्ट मैच खेले हैं. जबकि दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया की टीम है. ऑस्ट्रेलिया ने अब तक कुल 882 टेस्ट मैच खेले हैं. वहीं टीम इंडिया ने साल 1932 से लेकर अब तक 599 टेस्ट मैच खेले हैं.
???? Colombo
— BCCI (@BCCI) August 5, 2026
The preps have begun for the #SLvIND Test Series ????#TeamIndia pic.twitter.com/Dc5hQMEJOL
सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले देश
इंग्लैंड- 1097 टेस्ट मैच- 405 टेस्ट मैच जीते- 336 टेस्ट मैच हारे
ऑस्ट्रेलिया- 882 टेस्ट मैच- 426 टेस्ट मैच जीते- 235 टेस्ट मैच हारे
भारत- 599 टेस्ट मैच- 186 टेस्ट मैच जीते- 188 टेस्ट मैच हारे
वेस्टइंडीज- 596वां टेस्ट मैच खेल रही है- 187 टेस्ट मैच जीते- 223 टेस्ट मैच हारे
पाकिस्तान- 471वां टेस्ट मैच खेल रही है- 152 टेस्ट मैच जीते- 152 टेस्ट मैच हारे
टेस्ट क्रिकेट में कैसा है भारत का रिकॉर्ड
भारतीय टीम ने अपना पहला टेस्ट मैच साल 1932 में खेला था. तब से लेकर अब तक टीम इंडिया कुल 599 टेस्ट मैच खेल चुकी है. इस दौरान भारत को 186 टेस्ट मैचों में जीत मिली है, जबकि 188 टेस्ट मैचों में हार मिली है. वहीं 224 टेस्ट मैच ड्रॉ पर खत्म हुए हैं और एक टेस्ट मैच टाई रहा है. देखा जाए तो टीम इंडिया का जीत प्रतिशत हार से कुछ ही कम है, लेकिन ड्रॉ का आंकड़ा काफी ज्यादा है. बता दें कि अपने टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत में भारत का विदेशी सरजमीं पर प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहता था, लेकिन फिर आधुनिक क्रिकेट में टीम इंडिया न सिर्फ अपने घर बल्कि विदेशी सरजमीं पर भी जाकर सीरीज अपने नाम कर रही है.
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया का स्क्वाड
श्रीलंका से टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया- शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन*, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, आकिब नबी डार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल और सारांश जैन.
भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट सीरीज का शेड्यूल
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच 15 अगस्त से 19 अगस्त तक गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. जबकि दूसरा टेस्ट मैच 23 अगस्त से 27 अगस्त तक कोलंबो में खेला जाएगा. यह सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है. ऐसे में यह टीम इंडिया के लिए बेहद ही अहम हो गया है. भारत को WTC फाइनल की रेस में बने रहने के लिए यह सीरीज जीतना होगा.
पहला टेस्ट: 15 से 19 अगस्त (2026), गाले इंटरनेशनल स्टेडियम, गाले
दूसरा टेस्ट: 23 से 27 अगस्त (2026) सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब, कोलंबो
योगी सरकारी की स्कूली बच्चों के लिए अहम पहल, हर जिले में खुलेंगे वाहन फिटनेस जांच केंद्र
UP News: योगी सरकार राज्य के विकास के साथ-साथ आम जनता के लिए भी तमाम योजनाएं चला रही है. जिससे किसी भी वर्ग को परेशानियों का सामना न करना पड़े. अब योगी सरकार ने राज्य के स्कूली बच्चों के लिए भी एक अहम कदम उठाया है. जिसके तहत योगी सरकार ने यूपी के साभी जिलों में तीन-तीन वहान फिटनेट जांच सेंटर खोलने का एलान किया है. जिससे स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके.
परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने किया एलान
दरअसल, बुधवार (5 अगस्त, 2026) को यूपी के परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने विधान परिषद में इस बात की घोषणा की. उन्होंने कहा कि फिटनेस जांच में स्कूली वाहनों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जा सकती. राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा स्कूली वाहनों को इसमें छूट दिया जाना इसलिए संभव नहीं है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने स्कूली वाहनों की फिटनेस की जांच को लेकर दिशा निर्देश जारी कर रखे हैं.
सपा ने उठाया का स्कूल बसों का विधानसभा में मुद्दा
बता दें कि इससे पहले बुधवार को यूपी विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल में सपा विधायक आशुतोष सिन्हा ने राज्य की स्कूली बसों और विद्यालय के वाहनों के फिटनेस जांच का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा था कि प्रदेश में विद्यालयी बसों की अधिकतम आयु सीमा 15 वर्ष निर्धारित की गई है.
जबकि ऐसे वाहन सामान्य यात्री बसों की तुलना में प्रतिदिन औसतन करीब दो घंटे तथा वर्ष में सीमित कार्य दिवसों पर ही संचालित होते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे में सीमित संचालन, नियमित रखरखाव तथा विद्यार्थियों और अभिभावकों पर पड़ने वाले आर्थिक भार को देखते हुए क्या सरकार विद्यालयी वाहनों की आयु सीमा बढ़ाने पर विचार कर सकती है.
परिवहन राज्य मंत्री ने दिया सपा के सवालों का जवाब
समाजवादी पार्टी के विधायक के प्रश्न का परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने जवाब दिया. उन्होंने अपने जवाब में कहा कि वर्तमान नियमों के अनुसार शिक्षा संस्था की बसों की अधिकतम आयु 15 वर्ष तथा निजी विद्यालय बसों और विद्यालय वैन की आयु 10 वर्ष निर्धारित की गई है.
इसके साथ ही उन्होंने विद्यालयी वाहनों की आयु सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, वाहन की भौतिक, यांत्रिक और तकनीकी स्थिति तथा सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वर्तमान आयु सीमा निर्धारित की गई है. उन्होंने आगे कहा कि ऐसे में आयु सीमा बढ़ाने से सड़क सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है.
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सपा विधायक के सवाल का किया अन्य सदस्यों ने समर्थन
इस दौरान बीजेपी और शिक्षक दल के कई सदस्यों सपा विधायक के सवाल का समर्थन किया. इनमें बीजेपी विधायक उमेश द्विवेदी, हरी सिंह ढिल्लो, देवेन्द्र प्रताप सिंह के अलावा शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी का नाम शामिल है. उन्होंने सपा विधायक आशुतोष सिन्हा के सवाल का समर्थन करते हुए कहा कि अगर कोई विद्यालय वाहन नियमित रूप से फिटनेस परीक्षण में पास हो रहा है तथा उसकी तकनीकी स्थिति सुरक्षित है, तो सिर्फ आयु के आधार पर उसे संचालन से बाहर करना पुनर्विचार करने वाला विषय है.
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