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HDFC Bank के चेयरमैन Rajeev Kumar ने निवेशकों को दिया भरोसा, Transparency और बेहतर Governance के साथ बढ़ेगा बैंक

एचडीएफसी बैंक ने अपनी वार्षिक आम बैठक के दौरान निवेशकों और ग्राहकों को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि बैंक की बुनियादी व्यवस्था मजबूत बनी हुई है और आने वाले समय में उसके प्रमुख वित्तीय संकेतकों में सुधार देखने को मिलेगा। बैंक के अंशकालिक अध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि संस्था की कार्यप्रणाली पारदर्शी है और बैंक भविष्य में भी उच्च स्तर की शासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

मौजूद जानकारी के अनुसार, राजीव कुमार ने बुधवार को आयोजित बैंक की 32वीं वार्षिक आम बैठक में पहली बार अध्यक्ष के रूप में संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि बैंक के शेयरधारकों, ग्राहकों और अन्य हितधारकों ने जिस भरोसे के साथ संस्था का साथ दिया है, उसे बनाए रखना बैंक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उनके अनुसार बैंक की कार्यसंस्कृति और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली मजबूत है तथा इसे आगे और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

बता दें कि राजीव कुमार की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बैंक हाल के महीनों में अपनी शासन व्यवस्था को लेकर चर्चा में रहा है। इससे पहले बैंक के पूर्व अंशकालिक अध्यक्ष अतनु चक्रवर्ती ने मार्च में अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह व्यक्तिगत नैतिक मूल्यों और संस्था के कुछ दृष्टिकोणों के बीच मतभेद को बताया था।

गौरतलब है कि इस घटनाक्रम के बाद बैंक की ओर से स्वतंत्र कानूनी जांच कराई गई थी। जून में आई जांच रिपोर्ट में नैतिकता और शासन व्यवस्था से जुड़े आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद बैंक ने अपनी आंतरिक व्यवस्था को लेकर भरोसा दोहराया था।

राजीव कुमार ने भविष्य में निदेशक मंडल में होने वाली नियुक्तियों को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत दिए। उन्होंने कहा कि बैंक ऐसे लोगों को जिम्मेदारी देगा जो योग्यता, ईमानदारी और पेशेवर उत्कृष्टता के उच्च मानकों पर खरे उतरते हों। उनके अनुसार उत्कृष्ट नेतृत्व मिलना आसान नहीं होता, लेकिन बैंक इसी आधार पर नए निदेशकों का चयन करेगा।

मौजूद जानकारी के अनुसार, हाल के महीनों में बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन के तीसरे कार्यकाल को लेकर भी चर्चा चल रही है। हालांकि वार्षिक आम बैठक के शुरुआती संबोधन में राजीव कुमार ने इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं की।

बैठक के दौरान उन्होंने बैंक के वित्तीय प्रदर्शन पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि एचडीएफसी लिमिटेड के एचडीएफसी बैंक में विलय के बाद बैंक की बैलेंस शीट में कुछ संरचनात्मक बदलाव हुए हैं। इसी कारण चालू और बचत खातों में जमा की हिस्सेदारी तथा शुद्ध ब्याज आय पर कुछ दबाव देखने को मिला है। हालांकि उनका कहना है कि यह अस्थायी स्थिति है और आने वाली कुछ तिमाहियों में इन दोनों संकेतकों में सुधार होने की पूरी संभावना है।

बता दें कि बैंक लगातार अपनी जमा बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। राजीव कुमार ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बैंक की कुल जमा में 14.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पूरे बैंकिंग क्षेत्र में यह वृद्धि 11.5 प्रतिशत रही। वहीं बैंक द्वारा दिए गए ऋण में भी 12.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

उन्होंने कहा कि बैंक अब उपभोक्ता खर्च से जुड़े क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दे रहा है। साथ ही नए ग्राहकों को जोड़ने और जमा आधार को मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम किया जा रहा है। बैंक को उम्मीद है कि इन प्रयासों का सकारात्मक असर आने वाली तिमाहियों में दिखाई देगा और वित्तीय प्रदर्शन पहले की तुलना में और बेहतर होगा। राजीव कुमार ने विश्वास जताया कि मजबूत आंतरिक व्यवस्था, बेहतर प्रबंधन और दीर्घकालिक रणनीति के दम पर बैंक आगे भी अपने ग्राहकों और निवेशकों का भरोसा बनाए रखने में सफल रहेगा।

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Aviation Sector के एक्सपर्ट Tewolde GebreMariam होंगे Air India के नए CEO, Campbell Wilson की लेंगे जगह

एयर इंडिया ने अपने शीर्ष लीडरशिप में बड़ा बदलाव करते हुए नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक की नियुक्ति की घोषणा कर दी है। कंपनी ने इथियोपियन एयरलाइंस समूह के पूर्व प्रमुख तेवोल्डे गेब्रेमारियम को यह जिम्मेदारी सौंपी है। माना जा रहा है कि एयर इंडिया के पुनर्गठन और वैश्विक विस्तार के अगले चरण में उनका अनुभव कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया के निदेशक मंडल ने तेवोल्डे गेब्रेमारियम को मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक नियुक्त करने का फैसला लिया है। वह कैंपबेल विल्सन का स्थान लेंगे, जिन्होंने इस वर्ष अप्रैल में अपने पद से इस्तीफा दिया था। कंपनी ने कहा है कि यह नियुक्ति एयर इंडिया को विश्वस्तरीय वैश्विक विमानन कंपनी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बता दें कि एयर इंडिया का स्वामित्व टाटा समूह के पास है और पिछले कुछ वर्षों से कंपनी बड़े स्तर पर बदलाव और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया से गुजर रही है। नए विमान खरीदने, सेवाओं में सुधार, बेड़े के विस्तार और विभिन्न इकाइयों के एकीकरण जैसे कई बड़े कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। अब कंपनी का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाना है।

कंपनी के अनुसार, तेवोल्डे गेब्रेमारियम विमानन क्षेत्र के सबसे सफल प्रबंधकों में गिने जाते हैं। उन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस समूह का कई वर्षों तक नेतृत्व किया और एक क्षेत्रीय विमान सेवा को अफ्रीका की सबसे बड़ी, सबसे लाभदायक और सबसे सम्मानित विमानन कंपनियों में बदलने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय मार्गों का तेजी से विस्तार किया और परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार किया।

गौरतलब है कि एयर इंडिया ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की तलाश के दौरान ऐसे व्यक्ति को प्राथमिकता दी, जिसे बड़े स्तर पर विमानन कंपनियों के पुनर्गठन, सुरक्षित संचालन, बेहतर ग्राहक सेवा और लाभदायक विस्तार का व्यावहारिक अनुभव हो। कंपनी का मानना है कि तेवोल्डे गेब्रेमारियम इन सभी मानकों पर खरे उतरते हैं।

टाटा संस और एयर इंडिया के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि कैंपबेल विल्सन के नेतृत्व में कंपनी ने स्थिरता, विभिन्न इकाइयों के एकीकरण और नए विमानों की खरीद जैसे शुरुआती महत्वपूर्ण चरण पूरे किए। अब एयर इंडिया विस्तार और बेहतर क्रियान्वयन के नए दौर में प्रवेश कर रही है। उनके अनुसार, तेवोल्डे गेब्रेमारियम का अनुभव एयर इंडिया को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा।

अपनी नियुक्ति पर तेवोल्डे गेब्रेमारियम ने कहा कि एयर इंडिया का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया की ऐतिहासिक विरासत और भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ विश्वस्तरीय विमानन कंपनी बनाने का अवसर बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने भरोसा जताया कि वह कंपनी के कर्मचारियों, निदेशक मंडल और सभी साझेदारों के साथ मिलकर सुरक्षित, भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं देने की दिशा में काम करेंगे।

मौजूद जानकारी के अनुसार, तेवोल्डे गेब्रेमारियम के पास विमानन क्षेत्र में लगभग 37 वर्षों का अनुभव है। वह इथियोपियन एयरलाइंस समूह के सबसे लंबे समय तक मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहने वाले अधिकारियों में शामिल रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान कंपनी की वार्षिक आय लगभग एक अरब डॉलर से बढ़कर पांच अरब डॉलर तक पहुंच गई। इसी अवधि में यात्रियों की संख्या तीन करोड़ से बढ़कर बारह करोड़ नहीं बल्कि 30 लाख से बढ़कर एक करोड़ 20 लाख तक पहुंची, जबकि माल परिवहन क्षमता और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की संख्या में भी कई गुना वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के कर्मचारियों की संख्या भी 6,300 से बढ़कर 17,000 तक पहुंची।

बता दें कि तेवोल्डे गेब्रेमारियम ने वर्ष 1993 में अर्थशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वर्ष 1999 में उन्होंने ओपन यूनिवर्सिटी से व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल की। एयर इंडिया को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में कंपनी अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करते हुए भारतीय विमानन क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करने में सफल होगी।

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वैभव सूर्यवंशी तोड़ेंगे मेरा विश्व रिकॉर्ड...टी20 में इतिहास रचने के बाद जोस बटलर की गर्जना, पोलार्ड का रिकॉर्ड धुआं-धुआं

Jos Buttler on Vaibhav Sooryavanshi: जोस बटलर ने 'द हंड्रेड' में वेल्श फायर के खिलाफ नाबाद 51 रनों की तूफानी पारी खेलकर इतिहास रच दिया है. वह 14,833 रनों के साथ टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. कायरन पोलार्ड का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद बटलर ने वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते हुए बड़ी भविष्यवाणी की. बटलर के अनुसार, भविष्य में उनका यह महारिकॉर्ड सिर्फ वैभव सूर्यवंशी ही तोड़ सकते हैं. Thu, 6 Aug 2026 06:31:03 +0530

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