Responsive Scrollable Menu

Sharad Purnima की रात खुले आसमान में खीर क्यों रखी जाती है, क्या है धार्मिक मान्यता

सनातन धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस रात को चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी शीतल चांदनी से अमृत वर्षा होती है। माना जाता है कि लोग इस दिन चंद्रमा की रोशनी में खीर रखते हैं जिससे यह अमृत उस खीर में गिरे और खीर में भी अमृत का प्रभाव होता है।

शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा 16 कालाओं से पूर्ण होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी धरती पर आती है। इन्हीं कारणों से लोग शरद पूर्णिमा के दिन घर की छत या बालकनी में खुले असमान के नीचे खीर रखते हैं। क्या इस परंपरा के पीछे धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ क्या वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक आधार भी हैं? आइए आपको इस बारे में बताते हैं।

शरद पूर्णिमा पर खीर रखने की परंपरा

धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणें विशेष रूप से शुभ और शीतल मानी जाती है। माना जाता है कि इस समय खुले आसमान के नीचे रखी खीर में चंद्रमा की सकारात्मक ऊर्जा किरणों के माध्यम से खीर में पड़ती हैं और वो प्रसाद रूप अमृत में बदल जाती है।

फिर इस खीर को अगले दिन प्रसाद के तौर पर सुबह परिवार में सभी लोग एक साथ ग्रहण करते हैं। लेकिन हर जगह इसे मनाने की तरीके और इससे संबंधित मान्यताएं अलग हैं और शरद पूर्णिमा पर 'अमृत वर्षा' की धारणा मुख्य रुप से धार्मिक और लोकविश्वासों से संबंधित है।

शरद पूर्णिमा का वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक आधार

आपको बताते चलें कि खगोलीय स्थिति और चंद्र किरणों से जुड़ा धार्मिक व वैज्ञानिक पहलू यह है कि शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा पृथ्वी के बेहद करीब होता है और अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों में विशेष ऊर्जा और शीतलता होती है। इसके पीछे कारण होता है कि इस रात चंद्रमा से 16 कलाओं के रुप में किरणें निकलती है, जो कि अमृत के रुप में होती है।

चांदी का पात्र में खीर रखने का महत्व

ज्योतिष के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात खीर को चांदी के पात्र में खुले आसमान के नीचे रखा जाता है। वहीं, चांदी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो चंद्र किरणों के साथ मिलकर खीर में औषधीय गुणों की वृद्धि करते हैं। लेकिन रात के समय सचमुच में चंद्रमा से अमृत की वर्षा होती है। जिसका कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है और ये मान्यता कई सदियों से चलती आ रही है।

चंद्रमा की रोशनी और शीतलता

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, शरद पूर्णिमा आश्विन मास की पूर्णिमा को आती है। इस समय में मौसम में काफी बदलाव देखने को मिलते हैं और रातें भी ठंडी  होने लगती है। धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगती है। चंद्रमा की रोशनी को भारतीय परंपरा में शीतलता और मानसिक शांति से जोड़ा जाता है।

वैसे इस रात को चंद्रमा पृथ्वी के सबसे ज्यादा करीब होता है और इसी वजह से उसके शीतल किरणों का लाभ सबसे अधिक धरती पर होता है। इसी कारण से कहा जाता है कि चंद्रमा से अमृत की वर्षा होती है।

बता दें कि, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा से अमृत बरसने और रोशनी में खीर रखने का महत्व धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक पंरपरा और चंद्रमा से संबंधित मान्यताओं पर आधारित है।

Continue reading on the app

डर, कर्ज या करियर की परेशानी? किस समस्या में करें हनुमान जी का कौन-सा पाठ?

हनुमान जी की भक्ति को बहुत शक्तिशाली माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अलग-अलग परेशानियों के लिए हनुमान जी के अलग-अलग पाठ करें। मान्यता है कि इससे जीवन की परेशानियों से राहत मिल सकती है। आइए जानते हैं कि किस परेशानी में हनुमान जी का कौन-सा पाठ करें।

हनुमान चालीसा

अगर आपको डर लगता है, अकेले होने पर घबराहट होती है, डरावने सपने आते हैं या मन में किसी तरह का डर बना रहता है, तो 11 मंगलवार तक हनुमान चालीसा का पाठ करें।

हनुमान अष्टक

अगर काम में बार-बार रुकावट आ रही है और मेहनत के बाद भी उसका फल नहीं मिल रहा है या शादी या किसी अन्य काम में रुकावट आ रही है, तो लगातार 11 मंगलवार हनुमान अष्टक का पाठ करें।

इसे भी पढ़ें: Hanuman Mantra: Sankatmochan Hanuman की पूजा में इन 6 Mantras का जप बदल सकता है आपकी जिंदगी

बजरंग बाण

अगर कोई कानूनी मामला चल रहा है, कोई रिश्ता टूटने की कगार पर है या कोई ऐसी परेशानी है जिससे आप चाहकर भी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, तो बजरंग बाण का पाठ करें।

संकट मोचन हनुमानाष्टक

अगर व्यापार में बढ़ोतरी नहीं हो रही है, नौकरी नहीं मिल रही है, पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है या करियर से जुड़ी कोई परेशानी है, तो संकट मोचन हनुमानाष्टक का पाठ करें।

सुंदरकांड

अगर कर्ज बहुत ज्यादा हो गया है, कोई फैसला लेने में परेशानी हो रही है या पैसा टिक नहीं रहा है, तो इन परेशानियों से राहत पाने के लिए सुंदरकांड का पाठ करें।

इसे भी पढ़ें: Puja Diya Rules: पूजा में रुई और कलावे की बाती का अलग महत्व, समय और उद्देश्य के अनुसार करें चयन

हनुमान बाहुक

अगर शरीर में हमेशा थकान रहती है, आत्मविश्वास की कमी महसूस होती है या आप अक्सर बीमार या परेशान रहते हैं, तो लगातार 7 मंगलवार हनुमान बाहुक का पाठ करें।

हनुमान कवच

अगर बहुत ज्यादा गुस्सा आता है, चिड़चिड़ापन रहता है, किसी की तरफ से परेशानी मिल रही है या ऑफिस अथवा परिवार में आपके खिलाफ गलत माहौल बनाया जा रहा है, तो हनुमान कवच का पाठ करें।

Continue reading on the app

  Sports

ऑस्ट्रेलिया की ऐतिहासिक जीत की उम्मीद जगी, चौथे दिन आ सकता है फैसला, बैकफुट पर मेजबान

केप टाउन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 429 रन बनाकर 100 रनों की अहम बढ़त हासिल कर ली.जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में 4 विकेट पर 140 रन बना लिए हैं और उसकी कुल बढ़त 40 रनों की हो गई है. मिचेल स्टार्क और नाथन लियोन की शानदार गेंदबाजी के दम पर मैच अब ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में झुक गया है, लेकिन दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के संघर्ष से मुकाबला रोमांचक बना हुआ है. Fri, 30 Oct 2026 00:31:10 +0530

  Videos
See all

PM मोदी की लंबी उम्र के लिए युवक ने रखा करवा चौथ का व्रत! | #viralnews #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-29T23:00:23+00:00

आधी रात को मंदिर में मशीनें क्यों पहुंचीं | #viralnews #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-29T23:10:11+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers