अमेरिका और इस्राइल की ईरान पर संयुक्त कार्रवाई ने वेस्ट एशिया को अस्थिरता में डाल दिया है। अमेरिका और इजरायल ने अपनेबयानों से साफ कर दिया था किइस बार जंग केवल प्रतीकात्मक नहीं होगी। हुआ भी कुछ ऐसा ही। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई की मौत हो गई। वहीं ईरान के साथ कई वर्ष तक कूटनीतिक और रणनीतिक संबंध रखने वाले रूस, चीन, उत्तर कोरिया जैसे देश और किम जोंग उन, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग जैसे नेता केवल निंदा तक ही सीमित रह गए। लेकिन किसी भी तरह का प्रत्यक्ष सैन्य समर्थन नहीं दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि यह मौजूदा तनाव दिखाता है कि एक ओर तो पावर पोलिटिक्स में बड़े नेता खामोश या केवल बयानबाज़ी कर रहे हैं, दूसरी ओर 8 वॉर रुकवाने का क्रे़डिट लेने वाले ट्रंप का रुख बेहद सख्त और निर्णायक नजर आ रहा है। इस स्थिति ने वैश्विक राजनैतिक समीकरणों को फिर से चुनौती दी है और विश्व को एक नए संकट के कगार पर ला खड़ा किया है।
खामनेई की मौत को पुतिन ने बताया हत्या
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या एक घृणित हत्या थी जिसने मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानदंडों का उल्लंघन किया। क्रेमलिन द्वारा जारी किए गए अपने ईरानी समकक्ष मसूद पेज़ेश्कियन को लिखे एक पत्र में पुतिन ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता सैयद अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या के संबंध में मेरी गहरी संवेदनाएं स्वीकार करें, जो मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानदंडों का घोर उल्लंघन करते हुए की गई है। ईरानी सरकारी मीडिया ने घोषणा की कि खामेनेई की शनिवार को 86 वर्ष की आयु में इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के हवाई हमलों में हत्या कर दी गई। पुतिन ने कहा हमारे देश में, अयातुल्ला खामेनेई को एक उत्कृष्ट राजनेता के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने मैत्रीपूर्ण रूसी-ईरानी संबंधों के विकास और उन्हें एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने में व्यक्तिगत रूप से बहुत बड़ा योगदान दिया।
नॉर्थ कोरिया ने बताया राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन
उत्तर कोरिया ने ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के निरंतर हमले की निंदा करते हुए इसे "अवैध आक्रामकता" बताया और दावा किया कि इससे वाशिंगटन का गुंडागर्दी जैसा रवैया सामने आया है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी को दिए एक बयान में कहा कि दोनों देशों द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान पूरी तरह से अवैध आक्रामकता और संप्रभुता के उल्लंघन का सबसे घिनौना रूप हैं। प्योंगयांग ने कहा कि इन सैन्य कार्रवाइयों से दोनों सहयोगियों का बेशर्म और गुंडागर्दी जैसा आचरण झलकता है, जिन्होंने अपने स्वार्थी और वर्चस्ववादी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सैन्य बल का दुरुपयोग किया है। उत्तर कोरिया और अमेरिका लंबे समय से एक-दूसरे के विरोधी रहे हैं, लेकिन वाशिंगटन ने हाल के महीनों में प्योंगयांग के साथ उच्च स्तरीय वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए प्रयास किए हैं, ताकि इस साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरिया के किम जोंग उन के बीच संभावित शिखर सम्मेलन हो सके।
ट्रंप आखिर चाहते क्या है ?
ट्रंप क्या चाहते हैं ये ग्लोबल कूटनीति की सबसे अबूझ पहेली है। जब से वह अमेरिका में दूसरे टर्म में प्रेजिडेंट बने हैं, तब से उनकी नीतियों के कारण पूरा ग्लोबल ऑर्डर उथल-पुथल हो गया है। एक दिन वह ग्लोबल पीस की बात करते हैं और अगले दिन युद्ध लेकिन ईरान उनके अजेंडे में शुरू से ही है। जानकारों का मानना है कि ट्रंप ईरान में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। इस कारण पिछले दिनों वहां आंदोलन को सीधा समर्थन भी दिया था लेकिन आंदोलन लंबा नहीं चल सका। फिर ट्रंप ने डील के बहाने दबाव बनाया। दरअसल ट्रंप को लगता है कि अगर ईरान के साथ अपने हिसाब से डील कर ली तो ग्लोबल ऑर्डर में एक बड़ी लकीर खींच देंगे जिससे अमेरिका के अंदर से लेकर पूरे विश्व में उनका रुतबा बढ़ेगा।
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विश्व चैंपियन भारत को रविवार को होबार्ट के बेलेरिव ओवल में खेले गए तीसरे वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया के हाथों 185 रनों की बड़ी हार का सामना करना पड़ा। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम को होबार्ट में इस शर्मनाक हार के साथ सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा। भारत ने सीरीज के आखिरी मैच में अपनी स्थिति मजबूत करने की उम्मीद में ऑस्ट्रेलिया को पहले बल्लेबाजी करने के लिए कहा, लेकिन अपना आखिरी वनडे मैच खेल रही ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलिसा हीली ने इस फॉर्मेट में अपना आठवां शतक लगाकर अपनी पारी को शानदार शुरुआत दी।
फीबी लिचफील्ड अपनी कप्तान के साथ पारी की शुरुआत करने आईं और काश्वी गौतम के हाथों आउट होने से पहले 14 रन बनाए। उनकी जगह जॉर्जिया वोल (52 गेंदों में 62 रन) क्रीज पर आईं और हीली के साथ दूसरे विकेट के लिए 104 रनों की साझेदारी की। स्नेह राणा ने 22वें ओवर में इस साझेदारी को तोड़ा, जिसके बाद बेथ मूनी क्रीज पर आईं और उन्होंने हीली के साथ तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 92 गेंदों में 145 रनों की साझेदारी की। हीली ने अपना 8वां वनडे शतक पूरा किया और 150 रन के आंकड़े तक पहुंचने के लिए सिर्फ 16 गेंदें और खेलीं। 35 वर्षीय अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज ने अपनी विदाई पारी में 27 चौके और दो छक्के लगाए।
मूनी और निकोला कैरी (15 गेंदों पर 34 रन नाबाद) ने आठवें विकेट के लिए 54 रन जोड़े, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने 400 रन का आंकड़ा पार कर लिया। मूनी ने अपना पांचवां वनडे शतक भी पूरा किया। 10 चौकों और एक छक्के की मदद से वह 84 गेंदों पर 106 रन बनाकर नाबाद रहीं। ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय टीम के सामने 410 रन का लक्ष्य रखा। श्री चरानी भारत की सबसे महंगी गेंदबाज रहीं, जिन्होंने 106 रन लुटाते हुए दो विकेट लिए। स्नेह राणा ने भी दो विकेट लिए, वहीं गौतम, दीप्ति शर्मा और रेणुका ठाकुर ने एक-एक विकेट लिया।
मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने अपनी स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना का विकेट दूसरे ओवर में ही गंवा दिया। वह अपना खाता भी नहीं खोल सकीं। प्रतिका रावल ने तेजी से रन बनाने की कोशिश की, लेकिन एनाबेल सदरलैंड के हाथों आउट हो गईं। उन्होंने 21 गेंदों पर 27 रन बनाए। जेमिमा रोड्रिग्स (29 गेंदों में 42 रन) ने अपनी छोटी लेकिन तेज पारी में नौ चौके लगाए। इसके बाद विकेट लगातार गिरते रहे और भारत एक भी साझेदारी नहीं बना पाया। दीप्ति शर्मा और स्नेह राणा ने आठवें विकेट के लिए 63 रन जोड़े, लेकिन यह काफी नहीं था क्योंकि भारत 185 रनों के बड़े अंतर से मैच हार गया।
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