बागेश्वर के झोपड़ा गांव के प्रेम सिंह पिछले दस वर्षों से बकरी पालन कर चला रहे आजीविका, स्वरोजगार का है बेहतरीन साधन
Bageshwar News: पहाड़ी क्षेत्रों में आजीविका चलाने के लिए लोग खेतीबाड़ी, पशुपालन और स्वरोजगार जैसे कई काम करते हैं. सीमित संसाधनों और रोजगार के कम अवसरों के बीच पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य हिस्सा है. पहाड़ के कई गांवों में लोग गाय, भैंस और बकरियां पालकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. बकरी पालन ऐसा ही एक काम है, जो कम संसाधनों में स्वरोजगार का अवसर प्रदान करता है. हालांकि, इसे आसान काम समझना गलत होगा. बकरियों की देखभाल, उनके लिए चारे का इंतजाम और मौसम के अनुसार उनकी सुरक्षा करना काफी मेहनत भरा काम है. बागेश्वर जिले के झोपड़ा गांव निवासी प्रेम सिंह भी पिछले करीब 10 वर्षो से बकरी पालन कर अपनी आजीविका चला रहे हैं.
Tips And Tricks: दिवाली पर घर में ही चमकाएं अपनी गाड़ी, वॉशिंग सेंटर जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत, बचेंगे पैसे
Diwali Safai Tips: दिवाली पर घर की सफाई के साथ अपनी कार को साफ रखना भी जरूरी है. गाड़ी के अंदर जमा धूल, सीटों की गंदगी और डैशबोर्ड को कुछ आसान घरेलू तरीकों से साफ किया जा सकता है. सही कपड़े, वैक्यूम क्लीनर और उपयुक्त क्लीनर की मदद से कार के अंदरूनी हिस्से को बेहतर तरीके से साफ किया जा सकता है. इन आसान कार क्लीनिंग टिप्स से वॉशिंग सेंटर जाने का खर्च भी बच सकता है.
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