दिल्ली SIR पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी:चुनाव आयोग फॉर्म 6, 7 और 8 में बदलाव नहीं कर सकता
दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को चुनाव आयोग से सवाल किए। कोर्ट ने पूछा कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर करीब 43 लाख मतदाताओं में जिनके नाम ‘शिफ्टेड या अनुपस्थित’ श्रेणी में दर्ज हैं, उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने के लिए Form-6 भरने को क्यों कहा जा रहा है। यह फॉर्म नए मतदाताओं के रजिस्ट्रेशन के लिए होता है, जबकि ये लोग पहले से ही वोटर लिस्ट में शामिल थे। कोर्ट ने सवाल उठाया कि अस्थायी रूप से अपने पते पर मौजूद नहीं होने के कारण ऐसे मतदाताओं को नए सिरे से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया से क्यों गुजरना पड़ रहा है। खबर के बाकी विवरण जल्द अपडेट किए जाएंगे।
खतरे में पड़ी मोदी-जिनपिंग की सुलह, चीनी मीडिया ने पार की हद
अरुणाचल प्रदेश में भारत चीन के सैनिकों के बीच आमने-सामने की स्थिति पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गो जियाकून और मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने सारा दोष भारत के मत्थे पर मड़ दिया है। चीनी एक्सपर्ट्स इसे भारत की सोची समझी रणनीतिक और घरेलू चाल बता रहे हैं। लेकिन भारत के विदेश मंत्रालय ने चीन के झूठ का पर्दाफाश करते हुए साफ कहा कि जब-जब चीनी सेना दश्त के तय प्रोटोकॉल तोड़ती है तब-तब सीमा पर हालात तनावपूर्ण हो जाते हैं। आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने पहले ही अरुणाचल में जारी फेस ऑफ की पुष्टि कर दी थी। लेकिन भारत और चीन के सैनिकों के बीच जारी तनातनी पर चीनी मीडिया की बौखलाहट और पैतरेबाजी अब सामने आ गई है। चीन की मीडिया ने पूरा दोष भारत के मध्य मड़ा है। चीन का मुखपत्र सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स भारत की सेना के दावों को भारत की घरेलू राजनीति और रणनीतिक चाल बताकर सच्चाई से मुंह मोड़ रहा है। जबकि साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने माना कि इस टकराव ने मोदी और शी जिनपिंग की हालिया मुलाकात के बाद जो नाजुक सुलह है उसे खतरे में डाल दिया है।
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चीन के दूसरे अखबार और हांगकांग से प्रकाशित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने इस घटनाक्रम को भारत और चीन के बीच रिश्तों में आई नाजुक गर्मजशी के लिए नई चुनौती बताया है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने कहा कि चीन और भारत के बीच बनी नाजुक सुलह एक बार फिर परीक्षा के दौर से गुजर रही है क्योंकि इन दिनों एशियाई पड़ोसियों के बीच विवादित सीमा पर सैन्य आमनासामना होने की खबरें सामने आई। चीनी मीडिया के अलावा दूसरे चैनल्स की अगर बात करें तो अलजजीरा ने हेडलाइंस लिखी कि जानलेवा झड़प के 6 साल बाद भारत चीन सीमा पर आमनासामना मोदी की परीक्षा ले रहा है। अलजजीरा ने आगे लिखा कि पिछले महीने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आए। 7 सालों में भारत की उनकी यह पहली यात्रा थी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग से मुलाकात भी की। लेकिन भारतीय क्षेत्रों में चीन की कथित घुसपैठ यह दिखाती है कि नई दिल्ली में भले ही गर्मजशी से हाथ मिलाए गए लेकिन दोनों देशों के बीच 3500 किमी लंबी जो सीमा है वहां पर तनाव संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशों को कमजोर कर सकता है। यह हालात प्रधानमंत्री मोदी के सामने एक बड़ी राजनीतिक चुनौती भी पेश करते हैं।
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