Responsive Scrollable Menu

Explained India-Canada Fresh Relation | Mark Carney का भारत दौरा 'अविश्वास' से 'रणनीतिक साझेदारी' की ओर

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जो इस हफ़्ते भारत के अपने पहले ऑफिशियल दौरे पर हैं, को भारत-कनाडा रिश्तों को फिर से बनाने और मज़बूत करने के एक अहम मौके के तौर पर देखा जा रहा है। सिर्फ़ 10 महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ यह उनकी तीसरी मीटिंग होगी, यह एक ऐसी रफ़्तार है जो पिछले तनावों से आगे बढ़ने की एक गंभीर कोशिश का संकेत देती है। भारत और कनाडा के बीच रिश्ते 2023-24 में तनावपूर्ण रहे, दोनों देशों ने एक-दूसरे पर गलत काम करने का आरोप लगाया। डिप्लोमैट्स को निकाल दिया गया, राजनीतिक बयान तीखे हो गए, और व्यापार और यात्रा पर असर पड़ा। भरोसा टूट गया, जिससे रिश्ते कमज़ोर हो गए। नरमी 2025 में शुरू हुई, जिसमें बातचीत और व्यवस्थित बातचीत से तनाव कम हुआ। अजीत डोभाल की अगुवाई में सुरक्षा चर्चाओं ने विवादित मुद्दों को औपचारिक तरीकों से जोड़ने में मदद की, जिससे दोनों पक्ष टकराव के बजाय सहयोग पर ध्यान दे सके।
 

इसे भी पढ़ें: Rashmika Mandanna और Vijay Deverakonda की शादी की अनदेखी तस्वीरें! डोली में बैठकर दुल्हन की 'ग्रैंड एंट्री', सामने आए शादी के खूबसूरत पल


संकट से सामान्यीकरण तक का सफर (2023-2026)

भारत और कनाडा के रिश्तों में 2023 में तब भारी गिरावट आई थी जब खालिस्तानी उग्रवाद और कूटनीतिक निष्कासन (Expulsions) जैसे मुद्दों पर विवाद बढ़ा था।कनाडा की नई सरकार (मार्क कार्नी के नेतृत्व में) ने एक अधिक 'प्रैग्मैटिक' (व्यावहारिक) विदेश नीति अपनाई। भारत के NSA अजीत डोभाल और कनाडाई अधिकारियों के बीच हुई चर्चाओं ने विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिए एक औपचारिक ढांचा तैयार किया। आज स्थिति यह है कि कनाडाई प्रशासन अब भारत पर किसी भी तरह के हिंसक हस्तक्षेप का आरोप नहीं लगा रहा है, जिससे कूटनीतिक रिश्तों के लिए रास्ता साफ हुआ है।

CEPA: आर्थिक इंजन को फिर से शुरू करना

इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) की बहाली है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $50 बिलियन तक पहुँचाना।
 कनाडाई पेंशन फंड पहले ही भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स में $100 बिलियन से अधिक का निवेश कर चुके हैं। CEPA के आने से इसमें तीन गुना बढ़ोतरी की उम्मीद है। ऊर्जा, डिजिटल सेवाएं, सेमीकंडक्टर और 'क्रिटिकल मिनरल्स' (Critical Minerals)।

ऊर्जा और डिफेंस में नई पार्टनरशिप

मार्क कार्नी का दौरा केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। इसमें 'स्ट्रेटेजिक' हितों पर भी जोर है:-
 
यूरेनियम सप्लाई: भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार के लिए कनाडा से यूरेनियम की स्थिर आपूर्ति पर एक दीर्घकालिक समझौता होने की संभावना है।
SHANTI Act 2025: भारत के नए परमाणु सुधारों के तहत कनाडाई तकनीक और विदेशी निवेश को आकर्षित करने पर चर्चा होगी।
AI और डिफेंस: उभरती हुई तकनीकों और रक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिए नए MoUs (समझौता ज्ञापनों) पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।

 

इसे भी पढ़ें: US-Israel Strikes On Iran | ईरान का दावा- अमेरिका के 14 बेस को बनाया निशाना, सैकड़ों सैनिक मारे गए, वॉशिंगटन ने दावे से इनकार किया


'मिडल पावर' रणनीति और ग्लोबल अनिश्चितता

दोनों देश अमेरिका पर अपनी व्यापारिक निर्भरता कम करना चाहते हैं। कनाडा के लिए भारत एक विशाल बाजार है जो चीन का विकल्प बन सकता है। भारत के लिए कनाडा तकनीक, ऊर्जा और निवेश का एक विश्वसनीय स्रोत है। मार्क कार्नी का बयान: "एक अनिश्चित दुनिया में, हम उन चीजों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं—व्यापार का विविधीकरण और नई अंतरराष्ट्रीय साझेदारी।"

Continue reading on the app

खामनेई की मौत के बाद ईरान में नए खलीफा को लेकर बड़ी खबर! हिली दुनिया

खामनेई की मौत पर जल्द नए नेता की घोषणा की जाएगी। ईरान का साफ तौर पर कहना है ईरानी मीडिया ने जानकारी दी है कि नए नेता की यानी कि खामई की मौत के बाद अब जल्द एक नए सुप्रीम लीडर की घोषणा की जाएगी। डॉनल्ड ट्रंप या इजराइल की अगर बात की जाए तो रिजीम चेंज की यहां पर बात सामने आ रही थी। सबसे बड़ा टारगेट अयातुल्लाह अली खामनेई ही थे।  ईरान ने ऑफिशियल जानकारी दी है कि अब बहुत जल्द ईरान का जो नया सुप्रीम लीडर है नया नेता है उसकी घोषणा कर दी जाएगी। अब वो कौन नाम होगा यह जरूर देखना होगा। 

इसे भी पढ़ें: अमेरिका-इजरायल को मिलेगी इसकी कड़ी सजा, खामनेई की मौत के बाद बौखलाया ईरान

खामेनेई के बाद 'सर्वोच्च नेता' कौन बन सकता है?

रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के संविधान में विलायत-ए-फकीह (इस्लामी न्यायविद का संरक्षण) के सिद्धांत के तहत सर्वोच्च नेता का धर्मगुरु होना अनिवार्य है। इस सिद्धांत के अनुसार, नौवीं शताब्दी में गुम हो चुके शिया मुस्लिम बारहवें इमाम के लौटने तक, सत्ता एक वरिष्ठ धार्मिक विद्वान के पास होनी चाहिए। खामेनेई और उनके पूर्ववर्ती, इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के शासनकाल में, सर्वोच्च नेता को राज्य के सभी मामलों में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार है, लेकिन इस प्रणाली को पहले कभी ऐसी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है।

इसे भी पढ़ें: इजराइल-ईरान संघर्ष के बीच दुबई के बुर्ज खलीफा के पास विस्फोट, जानिए कैसा है इसका बीमा इंतजाम

दावेदारी में आगे ये नाम

होज्जत-उल-इस्लाम मोहसेन कोमी-अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी सलाहकार हैं।
अलीरेजा अराफी-एक सीनियर मौलवी हैं। गार्डियन काउंसिल और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट दोनों के सदस्य हैं। ईरान के मदरसा सिस्टम को लीड करते हैं।
मोहसेन अराकी-असेंबली ऑफ एक्सपर्ट के सीनियर सदस्य हैं। उत्तराधिकार की चर्चा में नाम आता है।
गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई-ईरान के न्यायपालिका के प्रमुख है। मुश्किल समय में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

Continue reading on the app

  Sports

T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हुआ पाकिस्तान, फिर भी मिलेगा इतने करोड़ का इनाम

T20 World Cup 2026: पाकिस्तान की टीम टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गई है. वह सुपर-8 राउंड से आगे नहीं बढ़ सकी. हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को आईसीसी से अच्छी खासी रकम मिलने वाली है. Sun, 01 Mar 2026 11:41:37 +0530

  Videos
See all

IRGC statement on Khamenei death: 'इतिहास का सबसे खौफनाक पलटवार करेंगे' -IRGC #irgc #khameneideath #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-01T04:11:56+00:00

China Big Statement on Israel Iran US War LIVE: इजराल-ईरान-US जंग में चीन की एंट्री! | Xi Jinping #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-01T04:08:40+00:00

Iran Attack On US Military Base: 'वर्ल्डवॉर-3' का आरंभ ?ईरान में 40 अफसरों की मौत| Trump | War #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-01T04:07:34+00:00

Iran After Khamenei Death: खामेनेई की मौत के बाद ईरान में शोक की लहर।#khameneideath #irannews #short #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-01T04:14:50+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers