मध्य पूर्व में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर संयुक्त सैन्य हमले के बाद क्षेत्र में तेजी से बढ़ते तनाव के बीच भारत ने शनिवार को सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और स्थिति को और भड़कने से रोकने की अपील की। नई दिल्ली ने स्पष्ट किया कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। तेजी से बदलते घटनाक्रम पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में भारत सरकार ने कहा कि वह ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हो रहे ताज़ा घटनाक्रम से “गहरी चिंता” में है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर जोर दिया कि मौजूदा संकट का समाधान केवल “संवाद और कूटनीति” के रास्ते से ही संभव है। भारत ने संबंधित सभी पक्षों से अपील की कि वे तनाव कम करने के लिए रचनात्मक पहल करें और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता को प्राथमिकता दें। नई दिल्ली ने यह भी संकेत दिया कि किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई से व्यापक अस्थिरता पैदा हो सकती है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और उनके इजरायली समकक्ष गिदोन सा'आर से फोन पर बातचीत की और अराघची को ईरान और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खोमेनेई की इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए एक बड़े हमले में मौत हो गयी है। ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के इसकी पुष्टि की। इस घटना ने ईरान के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है और क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा बढ़ा दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ घंटे पहले खोमेनेई की मौत की घोषणा करते हुए कहा कि इससे ईरानियों को अपने देश की बागडोर अपने हाथों में ‘‘वापस लेने का सबसे बड़ा मौका’’ मिला है। यूरोपीय एयरोस्पेस कंपनी ‘एयरबस’ द्वारा ली गयी सैटेलाइट तस्वीरों में वह स्थान भारी बमबारी से क्षतिग्रस्त दिखायी दिया, जहां खामेनेई की मौत हुई है।
अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़ा हमला शुरू किया, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से ‘अपने भाग्य की बागडोर अपने हाथ में लेने’ और 1979 से देश पर शासन कर रहे इस्लामी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने का आह्वान किया। ईरान के सरकारी मीडिया ने शनिवार शाम को ‘रेड क्रिसेंट’ के हवाले से बताया कि कम से कम 201 लोग मारे गए हैं और 700 से अधिक घायल हुए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में इजराइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे तथा हमले रातभर जारी रहे। ऐसा प्रतीत होता है कि पहला हमला ईरान सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के आसपास के इलाकों में हुआ और ईरानी मीडिया ने देशभर में हमलों की खबरें दी तथा राजधानी तेहरान से धुएं का गुबार उठता दिखायी दिया। ट्रंप ने ‘‘बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान’’ शुरू होने की घोषणा करते हुए एक वीडियो के माध्यम से कहा, ‘‘जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे, तो अपनी सरकार पर कब्ज़ा कर लेना। वह आपकी होगी जिसकी बागडोर आप अपने हाथ में ले सकोगे। संभवतः आने वाली कई पीढ़ियों में यह आपके पास एकमात्र मौका होगा। कई वर्षों से आप अमेरिका से मदद मांगते रहे हैं, लेकिन आपको कभी मदद नहीं मिली।
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने अमेरिका-ईरान वार्ता फिर से शुरू करने का आह्वान किया और क्षेत्र के देशों पर ईरानी हमलों की निंदा की। इन देशों ने शनिवार को ईरान पर हुए अमेरिकी और इजराइली हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं की। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने शनिवार को एक बयान जारी करके कहा कि उनके देशों ने ईरान पर हुए हमलों में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन वे अमेरिका, इजराइल और क्षेत्र के अन्य साझेदारों के साथ घनिष्ठ संपर्क में हैं। इन तीनों देशों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने के प्रयासों का नेतृत्व किया है। इन देशों ने कहा, “हम क्षेत्रीय देशों पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा करते हैं।
ईरान पर इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में हालात के लगातार बिगड़ने से प्रमुख विमानन गंतव्य एवं वाणिज्यिक केंद्र दुबई से आने-जाने वाली उड़ानों का संचालन शनिवार को बड़े पैमाने पर बाधित हुआ। हवाई क्षेत्र बंद होने से पूरे खाड़ी क्षेत्र में कई उड़ानें बाधित हुई हैं। दुबई हवाई अड्डे के बयान में कहा गया, ‘‘संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से बंद किए जाने के परिणामस्वरूप डीएक्सबी और ‘दुबई वर्ल्ड सेंट्रल-अल मकतूम इंटरनेशनल’ (डीडब्ल्यूसी) पर कुछ उड़ानें रद्द की गई हैं या उनमें देरी हुई है।
अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद, ईरान ने जवाबी सैन्य हमले शुरू किए, जिसमें इजरायल और कतर, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन सहित पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
सऊदी अरब ने कहा है कि ईरान ने रियाद और पूर्वी क्षेत्र में ‘कायरतापूर्ण हमला किया है। सऊदी अरब ने सरकारी मीडिया पर एक घोषणा में कहा कि ईरान ने उसकी राजधानी और पूर्वी क्षेत्र को निशाना बनाकर हमला किया, जिसे नाकाम कर दिया गया। अमेरिका और इजराइल के हमलों के कुछ घंटों बाद, ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने इजराइल को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किये हैं।
ईरान के दक्षिणी हिस्से में एक स्कूल पर हुए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हुई।
इजराइल स्थित भारतीय दूतावास ने भी इसी तरह की सलाह जारी कर देश में रहने वाले भारतीय नागरिकों से "अत्यंत सावधानी बरतने और हर समय सतर्क रहने" का आग्रह किया है। इजराइल में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की संख्या 41,000 से अधिक है।
एयर इंडिया, इंडिगो और अन्य भारतीय एयरलाइंस ने शनिवार को मध्य पूर्व के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दीं, जबकि नियामक डीजीसीए ने अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के मद्देनजर एयरलाइंस को 11 देशों के हवाई क्षेत्रों से अस्थायी रूप से बचने की सलाह दी। मध्य पूर्व में हवाई क्षेत्रों के अचानक बंद होने से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए एयरलाइंस के प्रयासों के बीच, उड़ान ट्रैकिंग वेबसाइटों के अनुसार, सैकड़ों उड़ानें विभिन्न हवाई क्षेत्रों में मंडराती हुई देखी गईं।
भारतीय विमानन प्राधिकरण और निजी हवाई अड्डा संचालकों को ग्राउंड हैंडलिंग, पार्किंग स्थल, यात्री सुविधाओं, क्रू लॉजिस्टिक्स और आव्रजन सहायता के लिए एयरलाइंस के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने की सलाह दी गई है। एयरलाइंस प्रभावित उड़ानों के लिए टिकटों के पुनर्निर्धारण और रद्द करने पर छूट भी दे रही हैं।
चीन के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमलों पर चिंता व्यक्त की है और तत्काल युद्धविराम की अपील करते हुए सभी पक्षों से तनाव कम करने और बातचीत व समझौता फिर से शुरू करने का आग्रह किया है। मंत्रालय ने कहा कि ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। इजराइल स्थित चीनी दूतावास ने इजराइल में रहने वाले चीनी नागरिकों को जल्द से जल्द देश के भीतर सुरक्षित क्षेत्रों में जाने या ताबा सीमा चौकी के रास्ते मिस्र जाने की सलाह दी। अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान पर हमला किया, जिसमें उसकी सैन्य क्षमता को निशाना बनाया गया। सरकारी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 1989 से देश पर कड़े शासन से राज कर रहे ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई इस हमले में मारे गए।
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों के बीच, ईरान की सैन्य व्यवस्था में एक बड़ा फेरबदल हुआ है। अनुभवी सैन्य अधिकारी और पूर्व गृह मंत्री ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) का नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया है। अनुभवी सैन्य अधिकारी अहमद वाहिदी, जो पहले रक्षा मंत्री और गृह मंत्री थे, को एलीट मिलिशिया का नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया।
कौन हैं ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी?
अहमद वाहिदी ईरान के सबसे अनुभवी और प्रभावशाली सैन्य व राजनीतिक चेहरों में से एक माने जाते हैं। उनका करियर दशकों तक ईरान की सुरक्षा और खुफिया रणनीतियों के इर्द-गिर्द रहा है।
कुद्स फोर्स के संस्थापक कमांडर
अहमद वाहिदी IRGC की विदेशी शाखा, कुद्स फोर्स (Quds Force) के पहले कमांडर थे (1988-1998)। उन्होंने इस यूनिट को खड़ा करने और ईरान के बाहरी ऑपरेशन्स को आकार देने में मुख्य भूमिका निभाई।
प्रशासनिक अनुभव
सैन्य करियर के अलावा, वाहिदी ने ईरान सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व किया है: रक्षा मंत्री (2009-2013): महमूद अहमदीनेजाद के कार्यकाल के दौरान। गृह मंत्री (2021-2024): इब्राहिम रायसी की सरकार में।
हालिया भूमिका
दिसंबर 2025 में ही अयातुल्ला खामेनेई ने उन्हें IRGC का डिप्टी कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया था। अब सर्वोच्च नेतृत्व के खात्मे और युद्ध जैसी स्थिति के बीच उन्हें पूरी कमान सौंप दी गई है।
वाहिदी की नियुक्ति के मायने
वाहिदी को एक 'हार्डलाइनर' और रणनीतिक विशेषज्ञ माना जाता है। उनकी नियुक्ति के पीछे कई बड़े कारण देखे जा रहे हैं:
अनुभव: वाहिदी को ईरान के मिसाइल प्रोग्राम और खुफिया तंत्र की गहरी समझ है।
प्रतिरोध की रणनीति: कुद्स फोर्स के पूर्व प्रमुख होने के नाते, वह मिडिल ईस्ट में फैले ईरान के प्रॉक्सी नेटवर्क (जैसे हिजबुल्लाह और हूतियों) के साथ तालमेल बिठाने में माहिर हैं।
इंटरनेशनल प्रोफाइल: वाहिदी पर 1994 के अर्जेंटीना (AMIA) बम धमाकों में शामिल होने का आरोप है और वह इंटरपोल के रेड नोटिस पर भी रहे हैं। उनकी नियुक्ति यह संकेत देती है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय दबाव के सामने झुकने के मूड में नहीं है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि
मिडिल ईस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरानी सरकारी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि कर दी है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। यह घटना संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल के एक साझा सैन्य अभियान (Coordinated Military Strike) के दौरान हुई। ईरानी समाचार एजेंसियों, तस्नीम (Tasnim) और फ़ार्स (Fars) ने इस खबर की पुष्टि की है। यह पुष्टि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस सोशल मीडिया पोस्ट के कुछ घंटों बाद आई है, जिसमें उन्होंने तेहरान में किए गए हमलों और खामेनेई के मारे जाने का दावा किया था।
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इज़राइल संघर्ष का सीधा असर अब भारतीय आसमान और यात्रियों पर दिखने लगा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने चेतावनी जारी की है कि महत्वपूर्ण एयरस्पेस बंद होने के कारण भारतीय विमानन क्षेत्र को बड़ी रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और उनके इज़राइली काउंटरपार्ट गिदोन सार से फ़ोन पर बात की और अराघची को ईरान और इलाके में हो रहे डेवलपमेंट पर भारत की गहरी चिंता बताई। US और इज़राइल के हमले के बाद, ईरान ने जवाबी मिलिट्री हमले किए, जिसमें कतर, यूनाइटेड अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन समेत पूरे इलाके में इज़राइल और अमेरिकी मिलिट्री बेस को निशाना बनाया गया।
इससे पहले दिन में, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ मिलिट्री हमले की घोषणा करते हुए ईरान के लोगों से सरकार पर "कब्ज़ा करने" की अपील की, और कहा: यह "शायद पीढ़ियों के लिए आपका एकमात्र मौका होगा"।
ईरान पर US-इज़राइल के जॉइंट हमले तब हुए जब ईरानी न्यूक्लियर प्रोग्राम पर वाशिंगटन और तेहरान के बीच हफ्तों की बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि US-इज़राइल के हमलों में साउथ ईरान के एक गर्ल्स स्कूल में कम से कम 57 लोग मारे गए।
बढ़ते हालात के बाद, भारत ने ईरान, इज़राइल, जॉर्डन, कतर, UAE और फ़िलिस्तीन में अपने नागरिकों को बहुत सावधानी बरतने और चौकन्ना रहने की सलाह दी। एक एडवाइज़री में, ईरान में भारतीय एम्बेसी ने उस देश में भारतीय नागरिकों से गैर-ज़रूरी मूवमेंट से बचने और घर के अंदर रहने की अपील की। इज़राइल में भारतीय दूतावास ने भी ऐसी ही एक एडवाइज़री जारी की है, जिसमें देश में भारतीय नागरिकों से "बहुत सावधानी बरतने और हर समय चौकन्ना रहने" की अपील की गई है। इज़राइल में 41,000 से ज़्यादा भारतीय रहते हैं।
एयर इंडिया, इंडिगो और दूसरी भारतीय एयरलाइंस ने शनिवार को मिडिल ईस्ट के लिए अपनी फ़्लाइट्स कैंसिल कर दीं, जबकि रेगुलेटर DGCA ने एयरलाइन कंपनियों को ईरान पर US और इज़राइल के हमलों के बीच 11 देशों के एयरस्पेस से कुछ समय के लिए बचने की सलाह दी। फ़्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में एयरस्पेस अचानक बंद होने से पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए एयरलाइंस ने जैसे ही कोशिश की, सैकड़ों फ़्लाइट्स अलग-अलग एयरस्पेस में मंडराती देखी गईं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार शाम 5.45 बजे तक मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों एयरलाइंस की 57 फ़्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं। अमृतसर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने भी यात्रियों के लिए एक एडवाइज़री जारी की, जिसमें कहा गया कि ईरान और इज़राइल के बीच लड़ाई के चलते एयरस्पेस बंद होने से कुछ फ़्लाइट्स पर असर पड़ा है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया और प्राइवेट एयरपोर्ट ऑपरेटरों को सलाह दी गई है कि वे ज़रूरत के हिसाब से ग्राउंड हैंडलिंग, पार्किंग बे, पैसेंजर सुविधाओं, क्रू लॉजिस्टिक्स और इमिग्रेशन सपोर्ट के लिए एयरलाइंस के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखें। एयरलाइंस प्रभावित फ़्लाइट्स के लिए टिकट रीशेड्यूलिंग और कैंसलेशन के लिए छूट भी दे रही हैं।
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