सर्वे रिपोर्ट: फेस्टिव शॉपिंग पर किस राज्य में Gen Z कैसे और कितना करते हैं खर्च?
इस नई स्टडी के मुताबिक, भारत के 60 प्रतिशत Gen Z बड़े त्योहारों के दौरान सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा खर्च करते हैं। ये यूथ ऑनलाइन सर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से खरीदारी के फैसले भी ले रहे हैं।
नोएल टाटा 6 बड़ी कंपनियों के बोर्ड से हटेंगे:12 नवंबर को 70 साल के होंगे, रिटायरमेंट पॉलिसी के तहत फैसला; टाटा संस के बोर्ड में बने रहेंगे
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा 12 नवंबर को 70 साल के होने जा रहे हैं। नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के लिए टाटा ग्रुप की रिटायर्ड पॉलिसी के तहत वे समूह की 6 प्रमुख कंपनियों के बोर्ड से इस्तीफा देंगे। हालांकि, वे टाटा संस के बोर्ड में टाटा ट्रस्ट्स के नॉमिनी डायरेक्टर के रूप में बने रहेंगे। यह बदलाव ऐसे समय पर हो रहा है, जब टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के रीअपॉइंटमेंट, टाटा संस की लिस्टिंग और ग्रुप के गवर्नेंस नियमों को लेकर मतभेद चल रहा हैं। जानिए इस फैसले और इससे जुड़े विवाद से जुड़े प्रमुख सवाल-जवाब… सवाल 1: नोएल टाटा किन 6 कंपनियों के बोर्ड से हटने जा रहे हैं? जवाब: नोएल टाटा ट्रेंट, वोल्टास, टाटा इन्वेस्टमेन्ट कॉर्पोरेशन, टाटा इंटरनेशनल, ट्रेंट हाइपरमार्केट प्राइवेट लिमिटेड और दुबई स्थित टाटा इंटरनेशनल वेस्ट एशिया DMCC के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन पद से हटेंगे। इसके अलावा, वे टाटा स्टील और टाइटन कंपनी के नॉन-एग्जीक्यूटिव वाइस-चेयरमैन और इंडिटेक्स ट्रेंट रिटेल इंडिया के डायरेक्टर पद से भी इस्तीफा देंगे। सवाल 2: क्या वे टाटा समूह की किसी भी ऑपरेटिंग कंपनी में बने रहेंगे? जवाब: हां, वे ट्रेंट लिमिटेड और टेस्को के जॉइंट वेंचर 'ट्रेंट हाइपरमार्केट लिमिटेड' के बोर्ड में बने रहेंगे। यह कंपनी स्टार बाजार और स्टार डेली नाम से रिटेल स्टोर्स का संचालन करती है। सवाल 3: 70 साल की उम्र में रिटायरमेंट का नियम क्या है और यह नोएल टाटा पर कैसे लागू होता है? जवाब: टाटा समूह के गवर्नेंस फ्रेमवर्क के तहत एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के लिए रिटायरमेंट की उम्र 65 साल और नॉन-एग्जीक्यूटिव/नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के लिए 70 साल है। नोएल टाटा 12 नवंबर को 70 साल के हो रहे हैं, इसलिए वे पॉलिसी का पालन करते हुए ऑपरेटिंग कंपनियों के बोर्ड से हट रहे हैं। सवाल 4: जब वे 6 कंपनियों से हट रहे हैं, तो टाटा संस के बोर्ड में कैसे बने रहेंगे? जवाब: टाटा संस में उनकी भूमिका अलग है। वे वहां किसी ऑपरेटिंग कंपनी के डायरेक्टर के रूप में नहीं, बल्कि टाटा ट्रस्ट्स के 'नॉमिनी डायरेक्टर' के रूप में शामिल हैं। टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की लगभग 66% हिस्सेदारी है। होल्डिंग कंपनी में शेयरहोल्डर द्वारा नामित डायरेक्टर्स के नियम ऑपरेटिंग कंपनियों के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स से अलग होते हैं, इसलिए वे टाटा संस के बोर्ड में बने रहेंगे। सवाल 5: नोएल टाटा के हटने से इन 6 कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: ट्रेंट, वोल्टास, टाटा इंटरनेशनल और टाटा इन्वेस्टमेन्ट कॉर्पोरेशन में नए चेयरमैन की नियुक्ति करनी होगी। वहीं टाटा स्टील और टाइटन में वाइस-चेयरमैन का पद खाली होगा। कॉर्पोरेट गवर्नेंस विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमोटर परिवार या प्रभावशाली पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा रिटायरमेंट नियमों का पालन करना संस्थागत अनुशासन का अच्छा संकेत है। सवाल 6: एन. चंद्रशेखरन के साथ नोएल टाटा का विवाद क्या है? जवाब: विवाद एन. चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर है। 17 सितंबर को टाटा संस के बोर्ड ने चंद्रशेखरन को 21 फरवरी 2027 से अगले 5 साल के लिए दोबारा चेयरमैन नियुक्त करने का प्रस्ताव बहुमत से पास किया था। नोएल टाटा ने इसका विरोध किया था। सवाल 7: चंद्रशेखरन के री-अपॉइंटमेंट पर नोएल टाटा की मुख्य आपत्ति क्या है? जवाब: नोएल टाटा के मुताबिक, टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के तहत किसी भी फैसले के लिए टाटा ट्रस्ट्स द्वारा नामित डायरेक्टर्स की मंजूरी अनिवार्य है। टाटा संस बोर्ड में ट्रस्ट्स के दो नॉमिनी डायरेक्टर हैं नोएल टाटा और वेणु श्रीनिवासन। श्रीनिवासन ने प्रस्ताव का समर्थन किया था, जबकि नोएल टाटा ने विरोध। नोएल टाटा का तर्क है कि बहुमत या चेयरमैन का कास्टिंग वोट ट्रस्ट के नॉमिनी की मंजूरी का विकल्प नहीं हो सकता। सवाल 8: 26 अक्टूबर को भेजे गए खत में नोएल टाटा ने क्या नए सवाल उठाए हैं? जवाब: नोएल टाटा ने टाटा संस के कंपनी सेक्रेटरी सुप्राकाश मुखोपाध्याय को पत्र लिखकर कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री (MCA) में चंद्रशेखरन की री-अपॉइंटमेंट से जुड़ी फाइलिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने 17 सितंबर की मीटिंग के फाइनल मिनट्स, वोटिंग रिकॉर्ड और ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी है। इसके अलावा, उन्होंने पूछा कि क्या री-अपॉइंटमेंट के लिए तय सेलेक्शन कमेटी बनाई गई थी और क्या चंद्रशेखरन व श्रीनिवासन के परिवारों से जुड़े बिजनेस सौदों में कोई कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट तो नहीं है। सवाल 9: इस विवाद में एन. चंद्रशेखरन की उम्र का क्या रोल है? जवाब: चंद्रशेखरन 63 साल के हैं और 2 जून 2028 को 65 साल के हो जाएंगे। टाटा ग्रुप के नियमों के मुताबिक एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के लिए रिटायरमेंट की उम्र 65 साल है। अगर चंद्रशेखरन 2032 तक पद पर रहते हैं, तो वे 65 की उम्र सीमा पार कर जाएंगे। इसके लिए ग्रुप पॉलिसी में विशेष छूट की जरूरत होगी। सवाल 10. टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर दोनों पक्षों में क्या मतभेद है? जवाब: भारतीय रिजर्व बैंकद्वारा टाटा संस को अपर-लेयर NBFC के रूप में वर्गीकृत करने के कारण उस पर शेयर बाजार में लिस्ट होने का दबाव है। चंद्रशेखरन का रुख लिस्टिंग की तैयारियों की ओर है, जबकि नोएल टाटा के नेतृत्व वाला टाटा ट्रस्ट्स होल्डिंग कंपनी की लिस्टिंग के खिलाफ है। ये खबर भी पढ़ें… टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के री-अपॉइंटमेंट पर विवाद: नोएल टाटा ने 5 साल के कार्यकाल पर सवाल उठाए; बोर्ड मीटिंग की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने टाटा संस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को दिए गए दूसरे 5 साल के एक्सटेंशन को चुनौती दी है। उन्होंने नियमों की अनदेखी, वोटिंग नियमों के उल्लंघन और 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' यानी हितों के टकराव के आरोप लगाए हैं। द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नोएल टाटा ने टाटा संस के कंपनी सेक्रेटरी को खत लिखकर 17 सितंबर की बोर्ड मीटिंग का रिकॉर्ड मांगा है। पूरी खबर पढ़ें…
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