US Israel Iran युद्ध के चलते दुनिया दो गुटों में बंटी! आए कई देशों के रिएक्शन; कौन किसके साथ?
US Israel Attack Iran: अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान और मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. दुनिया भर के बड़े देश इस मुद्दे पर अलग-अलग राय रख रहे हैं. कोई अमेरिका-इजराइल को जिम्मेदार बता रहा है, तो कोई ईरान को दोष दे रहा है. आइए जानते हैं किस देश ने क्या कहा.
रूस: अमेरिका-इजराइल अपना एजेंडा थोप रहे
रूस ने ईरान पर हमले की कड़ी निंदा की है. रूसी विदेश मंत्रालय का कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का बहाना बनाकर अमेरिका और इजराइल वहां सरकार बदलना चाहते हैं. रूस ने चेतावनी दी है कि इससे पूरे मिडिल ईस्ट में मानवीय और परमाणु तबाही हो सकती है. रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका का ‘शांतिदूत’ वाला चेहरा बेनकाब हो गया है. उन्होंने कहा कि ईरान से बातचीत सिर्फ दिखावा थी.
नॉर्वे: प्रिवेंटिव स्ट्राइक सही नहीं
नॉर्वे के विदेश मंत्री ने कहा कि इजराइल का हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार सही नहीं है. कानून के मुताबिक, पहले हमला तभी हो सकता है जब खतरा बिल्कुल सामने हो.
फ्रांस: महायुद्ध का खतरा
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हालात को बेहद खतरनाक बताया है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की. मैक्रों ने कहा कि यह जंग अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा है.
ब्रिटेन: बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका
ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को बहरीन, कुवैत, कतर और यूएई में सतर्क रहने की सलाह दी है. सरकार का कहना है कि यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में फैल सकता है.
स्पेन: अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान जरूरी
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने युद्ध रोकने की अपील की और कहा कि सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करना चाहिए.
यूक्रेन: ईरान सरकार जिम्मेदार
यूक्रेन का कहना है कि ईरान सरकार ने अपने ही नागरिकों पर दमन किया, जिससे हालात बिगड़े.
कतर और जॉर्डन की चेतावनी
कतर ने अपने यहां अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले की निंदा की और जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखा. जॉर्डन ने कहा कि वह अपनी सीमाओं की रक्षा करेगा, लेकिन इस युद्ध का हिस्सा नहीं है.
लेबनान: युद्ध में नहीं उतरेंगे
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कहा कि वह देश को इस संघर्ष में नहीं झोंकेंगे.
संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय आयोग की चिंता
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने दोनों पक्षों की कार्रवाई की निंदा की और संयम बरतने की अपील की. यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि ईरान के परमाणु केंद्रों की सुरक्षा बेहद जरूरी है.
ICRC और अफ्रीकी संघ की अपील
रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति ने कहा कि यह तनाव खतरनाक चेन रिएक्शन शुरू कर सकता है. अफ्रीकी संघ ने तुरंत युद्धविराम की मांग की है.
रजा पहलवी का दावा
ईरान के आखिरी शाह के बेटे रजा पहलवी ने कहा कि अब आखिरी जीत करीब है और ईरान में बदलाव का समय आ गया है. कुल मिलाकर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है. कई देश शांति की अपील कर रहे हैं, जबकि कुछ देश सीधे तौर पर एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. अगर हालात नहीं संभले तो यह संघर्ष बड़े युद्ध में बदल सकता है.
यह भी पढ़ें: इजराइल और ईरान की बढ़ती जंग ने क्यों बढ़ा दी है दुबई एयरपोर्ट की मुश्किलें, जानें क्या है होगा दुनिया पर असर?
राजस्थान: 188 टीकाकरण सत्र आयोजित, 1000 स्वास्थ्य संस्थान टीकाकरण के लिए तैयार
जयपुर, 28 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अजमेर से पूरे देश में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। यह कदम महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
इस अभियान के तहत योग्य किशोरी लड़कियों को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) का टीका लगाया जाएगा, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो सकेगा।
पहले दिन, राजस्थान में कुल 188 टीकाकरण सत्र आयोजित किए गए।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने प्रदेश के बच्चियों के माता-पिता से आग्रह किया कि वे अपनी बेटियों को इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल में शामिल कराएं, और इसे महिलाओं के स्वास्थ्य सशक्तिकरण और सर्वाइकल कैंसर-मुक्त भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, यह टीका 14 साल पूरी कर चुकी लेकिन 15 साल की नहीं हुई लड़कियों को एक ही डोज में दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरी सबसे आम कैंसर है, और इसे रोकने के लिए राज्य में व्यापक टीकाकरण रणनीति तैयार की गई है।
मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) गायत्री राठौर ने कहा कि अभियान के तहत 8.32 लाख से अधिक लड़कियां टीकाकरण के लिए योग्य हैं। चौगुना टीका गार्डासिल-4 0.5 मिलीलीटर की मात्रा में बाईं ऊपरी बांह में इंट्रामस्कुलर तरीके से लगाया जाएगा।
राज्य के सभी जिलों में कुल 1,000 स्वास्थ्य संस्थानों को इस टीकाकरण के लिए चिन्हित किया गया है।
नेशनल हेल्थ मिशन के मिशन निदेशक डॉ अमित यादव ने कहा कि केवल उन्हीं स्वास्थ्य संस्थानों को अभियान के लिए चुना गया है जिनमें कार्यशील कोल्ड चेन पॉइंट, नामित चिकित्सा अधिकारी और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध है।
प्रत्येक टीकाकरण स्थल पर टीकाकरण कर्मियों, सत्यापकों, जागरूकता करने वालों और स्वयंसेवकों की एक समर्पित टीम होगी।
एनएमएस, आशा कार्यकर्ताओं, सत्यापकों और जागरूकता टीमों का प्रशिक्षण राज्य, जिला और संस्थागत स्तर पर पूरी तरह से पूरा कर लिया गया है, ताकि अभियान का क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो सके।
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को किशोर लड़कियों की सुरक्षा और राजस्थान में रोकथाम स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल के रूप में बताया।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation















.jpg)




