यह जीत महज एक शुरुआत है... कैसे 'फर्श से अर्श' पर पहुंची जम्मू-कश्मीर की टीम?
नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। 'मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।' यह पंक्तियां जम्मू-कश्मीर की टीम पर पूरी तरह से सही बैठती हैं। जम्मू-कश्मीर की टीम का वो हौसला ही था, जिसके दम पर टीम ने रणजी ट्रॉफी में 67 साल का लंबा इंतजार शनिवार को खत्म कर दिया। जम्मू-कश्मीर ने 8 बार की चैंपियन कर्नाटक के खिलाफ फाइनल में ड्रॉ खेला और पहली पारी के आधार पर बढ़त के चलते ट्रॉफी अपने नाम की।
यह जीत महज एक शुरुआत है... कैसे 'फर्श से अर्श' पर पहुंची जम्मू-कश्मीर की टीम?
नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। 'मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।' यह पंक्तियां जम्मू-कश्मीर की टीम पर पूरी तरह से सही बैठती हैं। जम्मू-कश्मीर की टीम का वो हौसला ही था, जिसके दम पर टीम ने रणजी ट्रॉफी में 67 साल का लंबा इंतजार शनिवार को खत्म कर दिया। जम्मू-कश्मीर ने 8 बार की चैंपियन कर्नाटक के खिलाफ फाइनल में ड्रॉ खेला और पहली पारी के आधार पर बढ़त के चलते ट्रॉफी अपने नाम की।
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