ट्रंप ने ईरान में सैन्य अभियान की घोषणा की, नागरिकों को घर रहने की सलाह दी
वॉशिंगटन, 28 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान में मुख्य युद्ध कार्रवाई शुरू होने की घोषणा की। उन्होंने ईरानी सुरक्षा बलों से कहा, “अपने हथियार डालो और पूरी सुरक्षा पाओ, या मृत्यु का सामना करो।” उन्होंने ईरानी जनता से भी कहा, “आपकी स्वतंत्रता का समय अब आ गया है।”
ट्रंप ने नागरिकों को घर के अंदर रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “सुरक्षित रहें। घर से बाहर मत निकलें। बाहर बहुत खतरा है। हर जगह बम गिर सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने हाल ही में ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की। उनका उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा करना और ईरानियों से आने वाले तत्काल खतरों को खत्म करना है। उन्होंने ईरान पर अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए खतरा पैदा करने का आरोप लगाया।
राष्ट्रपति ने कहा कि ईरानी शासन अमेरिका के लिए 47 वर्षों से शत्रुता की प्रतीक रहा है। उन्होंने 1979 में तेहरान में अमेरिकी दूतावास के कब्जे और 1983 में बेरुत में मरीन बैरक बम विस्फोट का हवाला दिया। ट्रंप ने ईरान को दुनिया का नंबर वन आतंकवाद का प्रायोजक राज्य बताया और कहा कि ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं मिलेंगे।
उन्होंने जून में हुए ऑपरेशन मिडनाइट हैमर का जिक्र किया और कहा कि फोर्डो, नतान्ज और इस्फहान में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट किया गया। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने का हर मौका ठुकरा दिया।
ट्रंप ने नए हमले की घोषणा करते हुए कहा, “अमेरिकी सेना ने इस अत्याचारी और कट्टरपंथी शासन को अमेरिका और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनने से रोकने के लिए विशाल अभियान शुरू किया है। हम उनके मिसाइल और नौसैनिक उद्योग को पूरी तरह नष्ट करेंगे।”
उन्होंने युद्ध में होने वाले खतरों को स्वीकार करते हुए कहा कि बहादुर अमेरिकी सैनिकों की जान जा सकती है और हममें से कुछ घायल हो सकते हैं। युद्ध में यह सामान्य है।
यह सैन्य कदम पश्चिम एशिया में दशकों में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई में से एक माना जा रहा है।
भारत का ईरान के साथ पुराना सांस्कृतिक संबंध है और अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी भी बढ़ रही है। किसी भी लंबे संघर्ष से ऊर्जा आपूर्ति, क्षेत्रीय स्थिरता और पश्चिम एशिया में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
इजरायल-ईरान युद्ध के बीच दुबई एयरपोर्ट्स ने अगली सूचना तक रद्द कीं सभी उड़ानें
नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के बीच दुबई एयरपोर्ट्स ने शनिवार को घोषणा की कि दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (डीएक्सबी) और दुबई वर्ल्ड सेंट्रल-अल मकतूम इंटरनेशनल (डीडब्ल्यूसी) एयरपोर्ट पर सभी उड़ान संचालन अगली सूचना तक निलंबित रहेंगे।
शनिवार को इजरायल द्वारा तेहरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद इजरायल, ईरान, दुबई और इराक ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, जिससे मध्य पूर्व की कई दिशाओं में हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई।
दुबई एयरपोर्ट्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा, डीएक्सबी और दुबई वर्ल्ड सेंट्रल-अल मकतूम इंटरनेशनल (डीडब्ल्यूसी) हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन अगली सूचना तक निलंबित कर दिया गया है। यात्रियों को एयरपोर्ट न जाने की सलाह दी जाती है और उड़ान संबंधी अपडेट के लिए अपनी एयरलाइन से संपर्क करें।
पोस्ट में आगे कहा गया कि हम यात्रियों के सहयोग की सराहना करते हैं। स्थिति पर नजर रखते हुए आगे की जानकारी दी जाएगी।
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है, जहां प्रति सप्ताह 8,500 से अधिक उड़ानें और प्रतिदिन 1,200 से अधिक उड़ानें संचालित होती हैं। यहां 100 से अधिक विमानन कंपनियां 270 से ज्यादा गंतव्यों के लिए सेवाएं देती हैं।
प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों में अमीरात, फ्लाईदुबई, इंडिगो और एयर इंडिया शामिल हैं।
खाड़ी क्षेत्र के अधिकांश देशों के हवाई अड्डे प्रभावित हुए, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से कई उड़ानें रद्द कर दी गईं, मोड़ दी गईं या फिर उनके मार्ग बदल दिए गए।
हमलों के तुरंत बाद इजरायल ने नागरिक विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, जबकि यूरोप और खाड़ी क्षेत्र की कई एयरलाइनों ने अपनी सेवाएं रद्द कर दीं या उड़ानों के मार्ग बदल दिए।
दुबई स्थित एयरलाइन फ्लाईदुबई ने पहले कहा था कि इराक, ईरान और इजरायल के हवाई क्षेत्र के अस्थायी बंद होने के कारण उसकी कुछ उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
एयर इंडिया ने कहा है कि मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उसने मध्य पूर्व के सभी गंतव्यों के लिए अपनी सभी उड़ानें निलंबित कर दी हैं।
यह घोषणा ऐसे समय में की गई जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान में बड़े सैन्य अभियान शुरू किए, जिससे मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया। इस घटनाक्रम से व्यापक टकराव की आशंका बढ़ गई है, जिसके दूरगामी भू-राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव हो सकते हैं।
एयर इंडिया ने एक बयान में कहा, मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में नाजुक हो रही स्थिति को देखते हुए मध्य पूर्व के सभी गंतव्यों के लिए एयर इंडिया की सभी उड़ानें निलंबित की जाती हैं।”
एयरलाइन ने कहा, हम अपने यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम स्थिति का लगातार आकलन करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर संचालन में बदलाव करेंगे। हमारी टीमें यात्रियों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगी।
एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में बिगड़ते हालात को देखते हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सभी पश्चिम दिशा की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें निलंबित कर दी हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
--आईएएनएस
डीबीपी/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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