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Ranji Trophy Final: 346 मैच और 66 साल का सूखा खत्म, जम्मू-कश्मीर ने पहली बार जीती रणजी ट्रॉफी

Ranji Trophy Final: जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रच दिया। 2025-26 रणजी ट्रॉफी फाइनल में उसने सितारों से सजी कर्नाटक टीम को हराकर पहली बार खिताब अपने नाम कर लिया। तेज गेंदबाज आकिब नबी की घातक गेंदबाज़ी और शुभम पुंडीर और कमरान इक़बाल के शतकों ने इस जीत की नींव रखी। यह वही टीम है, जिसे कभी ज़्यादातर प्रतिद्वंद्वी हल्के में लेते थे लेकिन इस बार उसने सबको जवाब दे दिया।

फाइनल में आकिब नबी ने गेंद से कमाल दिखाया। पहली पारी में शुभम पुंडीर ने शतक जड़कर टीम को मज़बूत स्थिति में पहुंचाया। दूसरी पारी में क़मरान इक़बाल ने सेंचुरी ठोक दी और कर्नाटक पर दबाव बना दिया। इन तीनों के प्रदर्शन ने मैच का रुख पूरी तरह जम्मू-कश्मीर की ओर मोड़ दिया।

जम्मू-कश्मीर पहली बार बना चैंपियन
यह खिताब इसलिए भी खास है क्योंकि टीम का रणजी सफर आसान नहीं रहा। जम्मू-कश्मीर ने 1960 में अपना पहला मैच खेला था लेकिन पहली जीत उन्हें 1982 में 99वें मुकाबले में मिली। दिलचस्प बात यह है कि उसी साल कर्नाटक ने अपना तीसरा खिताब जीता था। 2025-26 का फाइनल उनके रणजी इतिहास का 346वां मैच था और यह सिर्फ 47वीं जीत थी।

इस सीज़न में टीम ने कमाल का प्रदर्शन किया। पूरे टूर्नामेंट में उन्हें सिर्फ एक हार मिली, जो श्रीनगर में मुंबई के खिलाफ आई थी। इसके अलावा उन्होंने लगातार शानदार क्रिकेट खेली और फाइनल तक का सफर तय किया। 66 साल के लंबे इंतज़ार के बाद आया यह खिताब सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि मेहनत, धैर्य और भरोसे की जीत है। जम्मू-कश्मीर ने दिखा दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो इतिहास बदला जा सकता है।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी इस ऐतिहासिक दिन को करीब से देखने के लिए शुक्रवार शाम को ही हुबली पहुंचे थे और टीम के पहले खिताब के गवाह भी बने। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'हम J&K क्रिकेट टीम को रणजी ट्रॉफी का फाइनल खेलने के लिए चीयर करने हुबली जा रहे। उन्होंने फाइनल में पहुंचकर लाखों लोगों को अपनी उपलब्धियों पर गर्व महसूस कराया है। मैं कल स्टैंड्स में उनका हौसला बढ़ाने के लिए सच में उत्सुक हूं।'

मैच का पूरा हाल
रणजी ट्रॉफी फाइनल की पहली गेंद से ही जम्मू-कश्मीर ने इरादे साफ कर दिए थे। कप्तान पारस डोगरा ने अहम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी। पिच को देखते हुए अंदाज़ा था कि चौथे-पांचवें दिन दरारें दिखेंगी, और डोगरा का दांव बिल्कुल सही बैठा।

पहली पारी में जम्मू-कश्मीर ने 584 रन ठोक दिए। कर्नाटक को करीब सात सेशन तक मैदान में पसीना बहाना पड़ा। नंबर-3 पर उतरे शुभम पुंडीर ने 121 रन की शानदार पारी खेली। डोगरा (70), यावर हसन (88), अब्दुल समद (61), कनहैया वाधवान (70) और साहिल लोटरा (72) ने अर्धशतक जमाकर स्कोर पहाड़ जैसा बना दिया। कर्नाटक के गेंदबाज़ पूरी तरह दबाव में दिखे।

आकिब नबी ने पहली पारी में 5 विकेट झटके
मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच तनातनी भी रही। एक विवादित पल में डोगरा ने सब्स्टीट्यूट फील्डर केवी अवनीश को हेड-बट कर दिया। बाद में उन्होंने इसे ‘हीट ऑफ द मोमेंट’ बताया, लेकिन 41 साल के कप्तान पर मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगा।

कहावत है कि पिच को तब तक मत आंकिए जब तक दोनों टीमें बल्लेबाज़ी न कर लें। तेज़ गेंदबाज़ आकिब नबी ने इसे सच कर दिखाया। इस सीज़न के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले नबी ने कर्नाटक की कमर तोड़ दी। उन्होंने पहले राहुल (13) को आउट किया, फिर लगातार दो गेंदों पर करुण नायर (0) और स्मरण रविचंद्रन (0) को चलता किया। स्कोर 57/4 हो गया। मयंक अग्रवाल ने 160 रन बनाकर लड़ाई लड़ी, लेकिन नबी के आगे वो भी फीके पड़ गए। नबी ने सीज़न का सातवां फाइफर लिया, कुल 60 विकेट पूरे किए और इतिहास में तीसरे ऐसे तेज़ गेंदबाज़ बने जिन्होंने एक सीज़न में 60+ विकेट झटके।

291 रन की बढ़त के बाद दूसरी पारी में शुरुआत डगमगाई। प्रसिद्ध कृष्णा और विजयकुमार वैशाख ने यावर (1) और पुंडीर (4) को जल्दी आउट कर दिया। लेकिन क़मरान इक़बाल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने 159* की नाबाद पारी खेली, वहीं साहिल लोटरा 101* पर डटे रहे। टीम ने 342/4 पर पारी घोषित की।

मैच ड्रॉ रहा था लेकिन 633 रन की विशाल बढ़त के दम पर ट्रॉफी जम्मू-कश्मीर के नाम रही। 2025–26 सीज़न में टीम को सिर्फ एक हार मिली- ओपनर में मुंबई के खिलाफ। नॉकआउट में मध्य प्रदेश और बंगाल को हराकर फाइनल में पहुंची इस टीम ने आखिरकार इतिहास रच दिया।

संक्षिप्त स्कोर: जम्मू-कश्मीर 584 और 342/4 घोषित; कर्नाटक 293।
नतीजा: मैच ड्रॉ, लेकिन जम्मू-कश्मीर बना चैंपियन।

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नगरी में ‘सुपरफूड’ मखाना की खेती की नई पहल : महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा रोजगार, प्रशासन भी दिखा रहा सक्रियता

अंगेश हिरवानी- नगरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ ‘सुपरफूड’ मखाना की खेती को बढ़ावा देने की तैयारी तेज हो गई है। महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य इस नई पहल से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। जिला प्रशासन भी इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

आपको बता दें कि, हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के धमतरी आगमन के दौरान उन्होंने धमतरी सहित पूरे छत्तीसगढ़ को मखाना बोर्ड में शामिल करने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मखाना खेती को प्राथमिकता की सूची में शामिल कर लिया है। 

कलेक्टर के निर्देश पर प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा रहे आयोजित 
कलेक्टर अविनाश मिश्रा के निर्देश पर कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा स्व-सहायता समूहों तथा एफपीओ (किसान उत्पादक संगठनों) के सदस्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिले के संभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर कई स्थानों को मखाना खेती के लिए चिन्हांकित किया गया है।

100 एकड़ भूमि को मखाना उत्पादन के लिए किया गया चिन्हांकित 
नगरी विकासखण्ड के ग्राम सांकरा में लगभग 100 एकड़ भूमि को मखाना उत्पादन के लिए चिन्हांकित किया गया है। भूमि की तैयारी जोरों पर है तथा प्रशासनिक अमला और विभागीय अधिकारी लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि वैज्ञानिक पद्धति से खेती की शुरुआत सुनिश्चित की जा सके। 

कलेक्टर ने दी जानकारी 
कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि जिले में पूर्व में सीमित स्तर पर मखाना खेती की शुरुआत हुई थी, किंतु इस बार इसे व्यापक स्तर पर स्व-सहायता समूहों के माध्यम से विस्तार दिया जा रहा है। नगरी विकासखण्ड के ग्राम सांकरा सहित अन्य विकासखण्डों के गांवों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। 

महिलाओं की आजीविका में आएगा सकारात्मक बदलाव
उन्होंने कहा कि नगरी क्षेत्र की जलवायु मखाना उत्पादन के लिए अनुकूल है। इस खेती से महिलाओं की आय में वृद्धि होगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा प्राप्त होगी। 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग
मखाना, जिसे ‘सुपरफूड’ के रूप में जाना जाता है, प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है। देश-विदेश के बाजारों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के बीच इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में धमतरी जिले की यह पहल भविष्य में किसानों एवं महिला स्व-सहायता समूहों के लिए आय का एक बड़ा और स्थायी स्रोत सिद्ध हो सकती है।

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  Sports

J&K की ऐतिहासिक Ranji Trophy जीत पर CM Omar Abdullah का बड़ा ऐलान, टीम को मिलेंगे 2 करोड़

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन और 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य मदन लाल ने शनिवार को कर्नाटक को हराकर जम्मू-कश्मीर के ऐतिहासिक पहले रणजी ट्रॉफी खिताब की सराहना की। 2025-26 सीज़न के फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने जीत हासिल की। पारस डोगरा के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर टीम ने 67 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए मजबूत टीम कर्नाटक को हराया। अपने पहले रणजी फाइनल में खेलते हुए, जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 291 रनों की विशाल बढ़त के दम पर खिताब जीता। यह बढ़त आठ बार की चैंपियन कर्नाटक टीम के लिए नामुमकिन साबित हुई, जिसकी कप्तानी देवदत्त पडिक्कल कर रहे थे।
 

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एक पोस्ट में उमर अब्दुल्ला ने लिखा कि उन्होंने कर दिखाया। जम्मू-कश्मीर को बधाई। उनकी जीत के बाद, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खिलाड़ियों और सहायक कर्मचारियों के लिए 2 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने रणजी ट्रॉफी में टीम की ऐतिहासिक जीत पर बधाई देते हुए, घरेलू मैदान पर कर्नाटक के खिलाफ शानदार जीत के बाद खिलाड़ियों और सहायक कर्मचारियों के लिए 2 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की। इसे जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए, उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक जीत ने पूरे क्षेत्र को गर्व और प्रेरणा से भर दिया है। हाल ही में अधिसूचित उत्कृष्ट खिलाड़ियों के नियमों के तहत खिलाड़ियों को सरकारी नियुक्तियों का भी लाभ मिलेगा। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक पोस्ट में यह जानकारी दी।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने जम्मू-कश्मीर की जीत की सराहना करते हुए पारस डोगरा के सशक्त नेतृत्व और औकिब नबी की गेंदबाज़ी के शानदार प्रदर्शन की प्रशंसा की। धवन ने एक पोस्ट में लिखा कि जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक क्षण। विश्वास, पारस डोगरा के सशक्त नेतृत्व और औकिब नबी के गेंदबाज़ी के शानदार प्रदर्शन के दम पर जीता गया पहला रणजी ट्रॉफी खिताब। शुभम पुंडीर, यावर हसन, क़मरन इकबाल, साहिल लोत्रा, अब्दुल समद और पूरी टीम का बड़ा योगदान रहा। गर्व का क्षण।

इस ऐतिहासिक जीत की नींव पहले दो दिनों में ही पड़ गई थी जब जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों ने अटूट अनुशासन का परिचय दिया। शुभम पुंडीर की शानदार 121 रनों की पारी और यावर हसन (88 रन), कप्तान पारस डोगरा (70 रन), अब्दुल समद (61 रन), कन्हैया वधवान (70 रन) और साहिल लोत्रा ​​(72 रन) के योगदान से जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।  जम्मू-कश्मीर के दबदबे के बावजूद, तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने 34.1 ओवर में 5/98 के आंकड़े दर्ज किए और कर्नाटक के एकमात्र ऐसे गेंदबाज रहे जिन्होंने प्रभावित किया।
 

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केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, देवदत्त पडिक्कल और करुण नायर जैसे अंतरराष्ट्रीय सितारों से सजी टीम होने के बावजूद, कर्नाटक स्कोरबोर्ड के दबाव में बिखर गई। केवल मयंक अग्रवाल ने 160 रनों की साहसी पारी खेलकर कुछ हद तक संघर्ष किया, लेकिन उनका प्रयास व्यर्थ साबित हुआ। कर्नाटक की टीम 293 रन पर ऑल आउट हो गई, जिससे जम्मू और कश्मीर को 291 रनों की विशाल बढ़त मिल गई।

Sat, 28 Feb 2026 16:41:35 +0530

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