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Saudi Arabia की हालत पस्त! हूतियों को एक अरब डॉलर देने का प्रस्ताव, Egypt भी आया आगे

ईरान समर्थित संगठन हूती की ओर से लगातार सऊदी अरब पर हमले हो रहे हैं. इतने दबाव में बीच सऊदी अरब ने ईरान से मध्यस्था में हुतियों को $1 अरब डॉलर देने का प्रपोजल रखा है ताकि हमले रुक सके. यही नहीं मक्का पैक्ट के तहत उसके जो पार्टनर हैं पाकिस्तान और तुर्की वो भी सऊदी अरब के लीडर्स के साथ तेहरान पहुंचे. दूसरी तरफ इजिप्ट की संसद ने सऊदी अरब को बचाने के लिए मिलिट्री एड का प्रस्ताव पारित कर दिया है. साफ है हूती सऊदियों के लिए अब बहुत बड़ा सर दर्द बन गए हैं. 

हमलों में दर्जनों लोग मारे गए

हूती पिछले कई हफ्तों से सऊदी अरब के हवाई अड्डों, तेल की फैसिलिटीज और मिलिट्री ठिकानों पर हमले कर रहे हैं. मिसाइल और ड्रोन से किंग खालिद इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर हुए हमलों में दर्जनों लोग मारे गए. सैकड़ों लोग घायल हुए है. यह एक दशक से ज्यादा वक्त में सऊदी अरब पर सबसे घातक हमला था. सऊदी अरब की लीडरशिप वाले गठबंधन का कहना है कि उसने कई मिसाइलों और दोनों को इंटरसेप्ट किया लेकिन नुकसान हो  चुका है. हवाई अड्डे लंबे समय से बंद है. उड़ाने रद्द हुई और तेल का निर्यात भी अफेक्टेड हुआ है. सऊदी अरब बाबल मंदिर का जो रास्ता है वो सऊदी अरब के लिए बेहद अहम है. लेकिन हूति इस रास्ते पर कब्जा कर चुके  हैं. जिसने लाल सागर के रास्ते तेल ले जाना मुश्किल कर दिया है.

सऊदी अरब की इकॉनमी और सुरक्षा दोनों पर सीधा असर पड़ा. इसी दबाव में अगस्त में सऊदी अरब ने पाकिस्तान और टर्की के साथ मक्का जाइन डिफेंस एग्रीमेंट किया था. इसमें तय हुआ था कि किसी एक देश पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा. अक्टूबर में  रियाद में एक इमरजेंसी मीटिंग भी हुई. तीनों देशों ने एक सामूहिक रक्षा उपाय लागू करने पर सहमति भी जुताई. 26 अक्टूबर को इसके बाद तेहरान में ये लोग पहुंचे. तेहरान में चार देशों की बैठक हुई. सऊदी अरब के रक्षा  मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर टर्की के खुफिया चीफ इब्राहिम कालिन ईरान पहुंचे. ईरान की तरफ से प्रेसिडेंट मसूदयान और कई टॉप के अधिकारी मौजूद थे.

ईरान के एडवाइजर्स की मौजूदगी भी है

चारों देशों ने इस इलाके की शांति और सिक्योरिटी पर बातचीत की. सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय का कहना है कि ये दौरा तनाव को कम करने और कम्युनिकेशन को बढ़ाने के लिए था. दरअसल ये बैठक इसलिए हुई थी  क्योंकि हूतियों को सपोर्ट मिलता है, वो ईरान से मिलती है. ईरान लंबे वक्त से हथियार मिसाइल ड्रोन टेक्निक   ट्रेनिंग और इंटेलिजेंस शेयर कर रहा है. यूएन के विशेषज्ञों और बाकी रिपोर्ट्स के मुताबिक हूं कॉम्प्लेक्स मिसाइल्स और ड्रोन सिस्टम बिना किसी बाहरी मदद के खुद नहीं बना सकते. हालिया आक्रमणों में ईरान के एडवाइज़र्स की मौजूदगी में खबरें भी थी. ईरान हूतियों के जरिए सऊदी अरब पर दबाव बना रहा है. खासकर तब जबकि हॉर्मोन जलडम में तनाव बना रहा है. हूती खुद को ईरान समर्थित एक्सिस का हिस्सा मानते हैं और सऊदी अरब पर हमले करके अपनी ताकत दिखा रहे हैं. 

हमले रुके और सीज फायर हो

वे मक्का पैक्ट वाले देश तेहरान पहुंचे. इसी वजह से ये बात ये मीटिंग महत्वपूर्ण हुई, क्योंकि इन देशों पर सऊदी अरब की रक्षा की जिम्मेदारी थी,लेकिन ये देश सऊदी अरब की रक्षा मंत्री को लेकर तेहरान पहुंच गए. इजराइयली मीडिया इजराइल हयोम ने खाड़ी के राजनिक सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट की है कि सऊदी अरब ने हूतियों को एक अरब डॉलर देने का प्रपोजल रखा है ताकि हमले रुके और सीज फायर हो. एक सोच ने दावा किया है कि प्रिंस खालिद बिन सलमान तो हरकुलस मिलिट्री प्लेन में यह रकम भर के तेहरान पहुंचे. सऊदी अधिकारी पैसे के ट्रांसफर की पुष्टि नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विवाद का कुछ हिस्सा 3 साल पहले हुई अंडरस्टैंडिंग से जुड़ा हुआ है. यानी सऊदी अरब ये बताने की कोशिश कर रहा है कि वो एक अरब डॉलर अगर दे रहा है तो उसकी वजह यह नहीं कि हमले रुकवाने के लिए पहले एक अंडरस्टैंडिंग बनी थी उसके तहत. वो अंडरस्टैंडिंग क्या थी? वो यह थी कि सऊदी अरब हूतियों के कंट्रोल वाले इलाके में सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह और बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए मदद दे. बदले में हूती हमले रुक गए. हाल के महीनों में हूतियों ने आरोप लगाया कि सऊदी अरब ने उस अंडरस्टैंडिंग को पूरा नहीं किया. 

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ईएसटीआईसी 2026 में पीएम मोदी ने आम आदमी के हित में रिसर्च के इस्तेमाल पर दिया जोर: वैज्ञानिक

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी) 2026 में भाग लेने आए वैज्ञानिकों ने मंगलवार को कहा कि अपनी संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिसर्च के आम आदमी के हित में इस्तेमाल पर जोर दिया।

समाचार एसेंजी आईएएनएस से बातचीत में कार्यक्रम में भाग लेने आई वैज्ञानिक डॉ.श्वेता ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि एआई अन्य तकनीकों का इस्तेमाल हथियारों के रूप में करने के बजाय, मानवता की सेवा के लिए कैसे किया जा सकता है। ऐसी टेक्नोलॉजी विकसित करने पर फोकस करना चहिए, जिससे मानव की सेवा की जा सके।

वहीं, एक अन्य वैज्ञानिक ने आईएएनएस से कहा कि उनका संदेश यह था कि हमें खुद को केवल शोध प्रयोगशालाओं तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए। हमारी रिसर्च आम जनता के लिए समर्पित होना चाहिए।

मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित एक्रोपोलिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च के अनुराग तिवारी ने कहा कि 2047 के लिए प्रधानमंत्री का विजन विज्ञान और तकनीक की मदद से भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कार्यक्रम में एआई और सेमीकंडक्टर के बारे में बात की। प्रधानमंत्री की ओर से रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने से आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेडिशनल मेडिसिन के डॉ. हर्षा एकाडे ने कहा कि आज मैंने ईएसटीआईसी 2026 के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और चल रहे वैज्ञानिक सत्रों में भाग लिया। यह बहुत जानकारीपूर्ण रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि वैज्ञानिकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए और वे विकसित भारत के निर्माण में किस तरह योगदान दे सकते हैं।

वहीं, आईसीएआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ.डी.वी सिंह ने कहा कि संबोधन में पीएम मोदी ने भारत के युवा वैज्ञानिकों, स्टार्टअप प्रतिनिधियों और नवप्रवर्तकों (इनोवेटर्स) से अपील की कि वे विज्ञान और तकनीक के माध्यम से भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए कृषि, ऊर्जा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों जैसी प्राथमिकता वाली जगहों पर ध्यान देना जरूरी है।

आईसीएआर में वैज्ञानिक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि भारत वैश्विक मंच पर उभर रहा है। भारत के भीतर और अन्य देशों में भी लोगों को हमारे देश से बहुत उम्मीदें हैं। इन उम्मीदों को पूरा करने के लिए, सभी वैज्ञानिक हमारे प्रधानमंत्री द्वारा तय किए गए रास्ते और विजन पर चलने और उनके प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एबीएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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13-0 से बांग्‍लादेश को धो डाला... मनदीप स‍िंह की हैट्र‍िक, भारत की एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में धमाकेदार आगाज

India Mens's hockey Team beat Bangladesh 13-0: भारतीय मेंस हॉकी टीम ने चैंप‍ियंस ट्रॉफी में जीत से आगाज क‍िया है. भारत ने बांग्‍लादेश को 13-0 से हरा द‍िया. भारत की जीत में मनदीप स‍िंह ने अकेले तीन गोल दागे. Tue, 27 Oct 2026 23:16:56 +0530

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