Jeffrey Epstein Case में फंसे Bill Clinton की सफाई, बोले- मैंने कुछ भी गलत नहीं किया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने यौन उत्पीड़न के अपराधी जेफ्री एप्स्टीन संबंधी मामले की जांच कर रहे सांसदों के समक्ष अपनी गवाही देते हुए शुक्रवार को कहा कि उन्होंने ‘‘कुछ भी गलत नहीं किया’’ और उन्हें ‘‘एप्स्टीन द्वारा उत्पीड़न किए जाने का कोई संकेत नहीं’’ दिखा। न्यूयॉर्क के चैप्पाक्वा में बंद कमरे में यह पहली बार हुआ जब किसी पूर्व राष्ट्रपति को संसद के सामने गवाही देने के लिए बाध्य होना पड़ा।
यह घटनाक्रम क्लिंटन की पत्नी एवं पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन द्वारा सांसदों के सामने अपनी गवाही दिए जाने के एक दिन बाद हुआ है। बिल क्लिंटन पर भी किसी प्रकार के गलत काम का आरोप नहीं लगाया गया है। फिर भी सांसद इसे लेकर मंथन कर रहे हैं कि ऐसे समय में अमेरिका में जवाबदेही कैसे तय होनी चाहिए, जब एप्स्टीन के साथ संबंधों को लेकर दुनिया भर में कई पुरुषों को उनके उच्च पदों से हटा दिया गया है।
हिलेरी क्लिंटन ने सांसदों से कहा था कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि एप्स्टीन ने कम उम्र की लड़कियों का यौन शोषण कैसे किया और उन्हें एप्स्टीन से मुलाकात के बारे में भी कुछ याद नहीं है।
Donald Trump की Iran को सीधी चेतावनी! 'परमाणु वार्ता से खुश नहीं हूँ, पर युद्ध टालने के लिए दे रहा हूँ आखिरी मौका'
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही खींचतान एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वह ईरान के साथ जारी नवीनतम वार्ता के नतीजों से "खुश नहीं" हैं। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि वह कूटनीतिक रास्तों और वार्ताकारों को थोड़ा और समय देने के पक्ष में हैं ताकि पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) को एक और विनाशकारी युद्ध की आग में झोंकने से बचाया जा सके।
ट्रंप ने जिनेवा में अमेरिकी दूतों और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता बेनतीजा रहने के एक दिन बाद यह बात कही। क्षेत्र में अमेरिकी सेनाओं की तैनाती के बीच, ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर व्यापक समझौते के लिए सहमत न होने पर सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है, जबकि ईरान का कहना है कि उसे शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम संवर्धन करने का अधिकार है साथ ही वह लगातार इस बात से इनकार करता रहा है कि वह परमाणु हथियार बना रहा है।
शुक्रवार को ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) से निकलते समय ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, ‘‘जो हमारे पास होना चाहिए वह हमें देने को तैयार नहीं हैं और इस बात से मैं नाखुश हूं। देखते हैं क्या होता है। हम बाद में बात करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम उनके बातचीत करने के तरीके से बिल्कुल भी खुश नहीं हैं। वे परमाणु हथियार नहीं बना सकते।’’
शुक्रवार को टेक्सास दौरे के दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ईरानी वार्ताकार ‘‘पर्याप्त प्रगति नहीं करना चाहते। यह बहुत बुरा है।’’ उन्होंने दोहराया कि वह ईरान को किसी भी मात्रा में यूरेनियम संवर्धन करने की अनुमति नहीं देना चाहते और कहा कि तेल समृद्ध देश को ऊर्जा कार्यक्रम के लिए यूरेनियम संवर्धन की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या वह सैन्य हमला करने के बारे में फैसला शीघ्र लेंगे तो उन्होंने कहा, ‘‘ये मैं आपको क्यों बताऊं।’’ ट्रंप ने कहा, ‘‘जोखिम हमेशा रहता है। आप जानते हैं, जब युद्ध होता है तो काफी जोखिम होते हैं।
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप 'मैक्सिमम प्रेशर' (अधिकतम दबाव) की नीति पर चल रहे हैं। एक तरफ सैन्य हमले की धमकी और दूसरी तरफ बातचीत के लिए समय देना, ईरान को एक ऐसी संधि के लिए मजबूर करने की कोशिश है जो अमेरिका की शर्तों पर आधारित हो।
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