विल जैक्स ने शेन वॉटसन की बराबरी की:सबसे ज्यादा 4 प्लेयर ऑफ मैच अवॉर्ड जीते; बटलर 10वीं बार शून्य पर आउट
इंग्लैंड ने टी-20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हरा दिया। शुक्रवार को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में न्यूजीलैंड ने 7 विकेट पर 159 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड ने 19.3 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के हीरो रहे विल जैक्स, जिन्होंने 18 गेंदों पर नाबाद 32 रन की तेज पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। यह उनके करियर का चौथा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड रहा, इसी के साथ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉटसन की बराबरी कर ली। दूसरी ओर, जोस बटलर टी-20 इंटरनेशनल में 10वीं बार शून्य पर आउट हुए। पढ़िए ENG Vs NZ मैच के टॉप रिकार्ड्स और मोमेंट्स… 1. विल जैक्स ने चौथा प्लेयर ऑफ द अवॉर्ड जीता इंग्लैंड के ऑलराउंडर विल जैक्स ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में अपना चौथा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीत लिया। इसी के साथ उन्होंने एक ही एडिशन में सबसे ज्यादा अवॉर्ड जीतने के मामले में शेन वॉटसन की बराबरी कर ली, जिन्होंने 2012 में चार अवॉर्ड हासिल किए थे। वहीं, 2022 में सिकंदर रजा ने तीन बार यह सम्मान जीता था। 2. 31 ओवर्स स्पिनर्स ने फेंके टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में कोलंबो का आर. प्रेमदासा स्टेडियम स्पिनरों के लिए सबसे मददगार साबित हुआ। न्यूजीलैंड-इंग्लैंड मैच में 31 ओवर स्पिनर्स ने फेंके। यह टूर्नामेंट के इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है। इससे पहले इसी वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले में भी दोनों टीमों के स्पिनरों ने मिलकर कुल 31 ओवर डाले थे। 3. बटलर इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट जोस बटलर इंग्लैंड के लिए टी-20 में सबसे ज्यादा 10 बार शून्य पर आउट हुए हैं। उनके बाद ल्यूक राइट और मोईन अली 9-9 बार डक पर आउट हुए हैं, जबकि जेसन रॉय 7 बार शून्य पर आउट हुए हैं। अब मोमेंट्स... 1. इंग्लैंड के दो बल्लेबाज स्टंपिंग आउट हुए इंग्लैंड के दो बल्लेबाज टिम साइफर्ट और मार्क चापमन स्टंपिंग आउट हुए। 6.6 ओवर में आदिल राशिद ने टिम साइफर्ट को धीमी गेंद डाली। साइफर्ट बड़ा शॉट खेलने के लिए क्रीज से बाहर निकले लेकिन मिस कर गए और विकेटकीपर जोस बटलर ने स्टंपिंग कर दी। साइफर्ट 35 रन बनाकर आउट हुए। 14.1 ओवर में राशिद ने मार्क चापमन के खिलाफ भी वही रणनीति अपनाई। चापमन लॉन्ग-ऑन के ऊपर शॉट के लिए आगे बढ़े लेकिन गेंद की रफ्तार कम थी। शॉट में जल्दबाजी हुई, बैलेंस बिगड़ा और बटलर ने आसान स्टंपिंग कर दी। चापमन 15 रन बनाकर पवेलियन लौटे। 2. स्कूप खेलते हुए ब्रूक को लगी गेंद इंग्लैंड की बैटिंग के दौरान तीसरे ओवर में दूसरी गेंद हैरी ब्रूक शॉट खेलने के लिए ऑफ स्टंप से बाहर गए, लेकिन मैट हेनरी ने भी उनको फॉलो करते हुए गेंद डाली। ब्रूक ने स्कूप लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का इनसाइड एज लेकर उनके शरीर से टकरा गई। हालांकि उन्हें ज्यादा चोट नहीं आई और खेलना जारी रखा। 3. ग्लेन फिलिप्स ने हवा में डाइव लगाकर कैच पकड़ा 9वें ओवर की चौथी गेंद पर जैकब बेथेल का ग्लेन फिलिप्स ने हवा में डाइव लगाते हुए शानदार कैच पकड़ा। रचिन रवींद्र ने ऑफ स्टंप पर गुड लेंथ बॉल डाली, जिस पर बेथल ने बैकफुट से पुल शॉट खेला। लेकिन गेंद मिडविकेट की ओर गई, जहां ग्लेन फिलिप्स ने हवा में उड़ते हुए आगे की ओर डाइव मारी और एक बेहतरीन कैच पकड़ा। 4. रेहान अहमद ने अपनी पहली बॉल पर विकेट लिया टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेल रहे रेहान अहमद ने की अपनी पहली ही गेंद पर विकेट ले लिया। उन्होंने 12वें ओवर की पहली गेंद शॉर्ट डाली। रचिन रवींद्र ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के निचले हिस्से से लगकर डीप मिडविकेट की ओर गई। जहां खड़े जैकब बेथेल ने आसान-सा कैच पकड़ा। रेहान को पहली बॉल पर ही विकेट मिल गई। रचिन 11 रन बनाकर आउट हुए।
अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर को चोरों ने गोली मारी थी:को–एक्टर को बचाते वक्त जान गई; मौत के 3 हफ्ते बाद अंतिम संस्कार हुआ था
25 मई 2024 की बात है, जब अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर अपनी शूटिंग खत्म करके अपनी को-एक्टर के साथ घर लौट रहे थे। दोनों जैसे ही लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन पहुंचे, तभी चार लोग अचानक उनके पास आ गए और उनकी कार में चोरी करने की कोशिश करने लगे। शुरुआत में जॉनी कुछ समझ नहीं पाए कि आखिर क्या हो रहा है, लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनकी कार में चोरी की जा रही है, तो उन्होंने अपनी को-एक्टर को बचाने की कोशिश की। उन्होंने अपनी साथी को अपने शरीर से ढक लिया। तभी गुस्से में आए चोरों ने गोली चला दी, जो सीधे जॉनी को लगी। आनन-फानन में जॉनी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बड़ी बात यह है कि जॉनी की मौत के तीन हफ्तों बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए। क्या जॉनी की हत्या सिर्फ चोरी की घटना के तहत हुई या इसके पीछे कोई और साजिश थी? और दूसरा सवाल यह कि आखिर जॉनी की मौत के तीन हफ्ते बाद उनका अंतिम संस्कार क्यों किया गया। आज अनसुनी दास्तानें के चैप्टर-3 में पढ़िए अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर की मौत की पूरी कहानी… जॉनी वेक्टर का जन्म 31 अगस्त 1986 को अमेरिका के साउथ कैरोलिना में हुआ था। उनके दो भाई लांस और ग्रांट हैं। जॉनी का बचपन यहीं बीता और उन्होंने 2004 में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में बैचलर ऑफ साइंस (B.S.) और स्पैनिश में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री हासिल की। जॉनी दिखने में काफी स्मार्ट और आत्मविश्वासी थे। पढ़ाई के साथ-साथ उनका झुकाव एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों की ओर अधिक था। वे हमेशा कुछ अलग करना चाहते थे। उनके मन में एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने की इच्छा लगातार मजबूत होती गई। आखिरकार उन्होंने अपने दिल की सुनी और एक्टिंग में करियर बनाने के लिए लॉस एंजेलिस का रुख किया। हालांकि, यह सफर बिल्कुल आसान नहीं था। पहला बड़ा मौका मिलने से पहले उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। लॉस एंजेलिस पहुंचने पर उनके पास कोई काम नहीं था, इसलिए अपना खर्च चलाने के लिए उन्हें रेस्तरां और बार में नौकरी करनी पड़ी। नौकरी के साथ-साथ वे लगातार ऑडिशन देते रहे और इस दौरान कई बार रिजेक्शन का सामना भी किया। आखिरकार साल 2007 में उन्हें अपने करियर का पहला बड़ा ब्रेक मिला। उन्होंने टीवी शो आर्मी वाइव्स से अपना डेब्यू किया। यह शो उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ, क्योंकि इसी के जरिए उन्हें वह पहचान मिलनी शुरू हुई, जिसकी हर कलाकार को चाह होती है। इसके बाद उनके करियर ने रफ्तार पकड़ ली। 2020 से 2022 तक उन्होंने लोकप्रिय सीरीज जनरल हॉस्पिटल में ब्रैंडो कॉर्बिन की भूमिका निभाई, जिससे उन्हें और भी बड़ी पहचान मिली। इसके अलावा उन्होंने सीरीज Siberia में भी अभिनय किया। जॉनी ने टीवी के साथ-साथ फिल्मी दुनिया में भी कदम रखा और वहां भी अपनी अलग पहचान बनाई। जैसे ही जॉनी को इंडस्ट्री में पहचान मिलने लगी, उसी दौरान उनकी मुलाकात एक्ट्रेस और डायरेक्टर टीसा से हुई। पहले दोनों अच्छे दोस्त बने और फिर धीरे-धीरे एक-दूसरे को डेट करने लगे। साल 2010 में दोनों रिलेशनशिप में आए, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल सका और 2013 में दोनों अलग हो गए। हालांकि, जॉनी ने अपनी पर्सनल लाइफ को कभी भी अपनी प्रोफेशनल लाइफ पर हावी नहीं होने दिया और वे लगातार अपने काम पर ध्यान केंद्रित करते रहे। फिर आया 25 मई साल 2024 यह वो तारीख और साल था, जिसमें जॉन ने सोचा भी नहीं होगा कि उन्हें अपनी इस चकाचोंद भरी दुनिया को छोड़़ना पड़ेगा। दरअसल, उस रात जॉन ने अपनी शूटिंग खत्म की और फिर वह सेट से निकल गए। उनके साथ उनकी को-स्टार भी थीं। दोनों जैसे ही लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में पिको बुलेवार्ड और होप स्ट्रीट के कोने पर पहुंचे ही थे कि तभी अचानक वहां तीन लोग आ गए। शुरुआत में जॉन को लगा कि शायद उनकी कार को उठा कर ले जाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन जब उन्हें जॉन को पता चला कि उनकी कार टोयोटा प्रियस से कैटेलिटिक कन्वर्टर चोरी करने की कोशिश की जा रही है, तो सबसे पहले उन्होंने स्थिति को समझते हुए अपनी को-स्टार की जान बचाने की कोशिश की और उसे अपने शरीर से ढकने की कोशिश की। लेकिन चोर को पता चल गया था कि जॉन को उनके बारे में पता चल गया है तो उन्होंने जॉन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद तीन आरोपी मौके से फरार हो गए। जबकि जॉन को आनन-फानन में हॉस्पिटल में लाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी। जॉन की मौत के लगभग तीन हफ्ते बाद यानी 16 जून 2024 को उनका अंतिम संस्कार समरविल बैपटिस्ट चर्च में किया गया। इस तीन हफ्ते के अंतर के पीछे कई कारण थे। सबसे पहले हत्या की घटना की पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी था, ताकि सभी कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी हो सके। इसके अलावा, उनके परिवार और करीबी रिश्तेदार कई अलग-अलग शहरों और राज्यों में रहते थे, इसलिए उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए समय दिया गया। इसके साथ ही चर्च और अंतिम संस्कार के कार्यक्रम की व्यवस्था भी करने में समय लगा। इन सभी कारणों के चलते जॉन का अंतिम संस्कार तीन हफ्तों के बाद किया गया, ताकि परिवार, दोस्तों और फैंस उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने सकें। यूं सरेआम जॉन की हत्या ने हर किसी को चौंका दिया था सबके मन में एक ही सवाल था कि आखिर दिनदहाड़े चोर कैसे किसी व्यक्ति की जान ले सकते हैं और कोई जानी मानी हस्ती को लेकर कोई प्रोटेक्शन क्यों नही हुई। कई ऐसे सवाल थे जो जॉन के परिवार के साथ ही उनके फैंस भी जानना चाहते थे। ऐसे में पुलिस के ऊपर भी इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का और आरोपियों की गिफ्तारी का दबाब बनता जा रहा था। इसी दौरान फिर 15 अगस्त 2024 को जॉन की मौत के संबंध में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जॉनीज माइल फाउंडेशन की स्थापना जॉन वॉक्टर के परिवार और उनके दोस्तों ने की, ताकि एक्टर की विरासत का सम्मान करने और दूसरों की मदद करने के उनके जुनून को आगे बढ़ाने के लिए की गई थी। इस फाउंडेशन का उद्देश्य उन परिवारों का सपोर्ट करना है जो किसी त्रासदी का सामना कर रहे हैं, और जरूरतमंद लोगों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। फाउंडेशन धन जुटाने और जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करता है, जिनमें वार्षिक जॉनीज माइल गोल्फ क्लासिक भी शामिल है। ये कार्यक्रम न केवल जॉनी के जीवन का उत्सव मनाते हैं, बल्कि समुदाय को एक साझा उद्देश्य के समर्थन में एक साथ भी लाते हैं। अपने प्रयासों के माध्यम से, जॉनीज़ माइल फ़ाउंडेशन सकारात्मक प्रभाव डालने और जॉनी की भावना को जीवित रखने का प्रयास करता है।
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