होली 2026: हल्दी से लेकर पालक तक, केमिकल रंगों को कहें ना, घर पर बनाएं नेचुरल कलर
नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। रंगों और खुशियों से भरा त्योहार होली 4 मार्च को है, जो बसंत की शुरुआत और फसल कटाई का जश्न मनाता है। लोग इसमें एक-दूसरे को लाल, नीला और समेत अन्य रंगों में सराबोर कर जश्न मनाते हैं। लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादातर सिंथेटिक रंगों में हानिकारक केमिकल, धातु के कण और कांच के टुकड़े होते हैं, जो त्वचा पर एलर्जी, जलन, आंखों में इरिटेशन और लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
भारत सरकार का माई गवर्मेंट पोर्टल प्राकृतिक रंगों के बारे में जानकारी देता है। पोर्टल के अनुसार, ये रंग पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाते हैं क्योंकि इन्हें विघटित होने में बहुत समय लगता है। ऐसे में पर्यावरण और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए घर पर प्राकृतिक सामग्री से रंग बनाना सबसे अच्छा विकल्प है। ये रंग त्वचा के लिए सुरक्षित, बच्चों के लिए अनुकूल और पूरी तरह पर्यावरण हितैषी होते हैं। इन्हें किचन या बगीचे में उपलब्ध चीजों से आसानी से तैयार किया जा सकता है।
लाल रंग: - चुकंदर सबसे आसान और गहरा लाल रंग देता है। 2-3 चुकंदर को छीलकर कद्दूकस करें, पानी में उबालें या ब्लेंडर में पीसकर रस निकालें। इस रस को छानकर इस्तेमाल करें। सूखा गुलाल बनाने के लिए रस में कॉर्नस्टार्च या आटा मिलाकर धूप में सुखाएं। वैकल्पिक रूप से लाल गुड़हल (हिबिस्कस) या लाल गुलाब की पंखुड़ियों को उबालकर रंग निकाल सकते हैं। अनार के छिलके या टमाटर का जूस भी लाल रंग देते हैं।
पीला रंग:- हल्दी पाउडर को पानी में मिलाकर उबालें, फिर छान लें। इसे बेसन, चावल के आटे या कॉर्नस्टार्च में मिलाकर पीला गुलाल बनाएं। गेंदे (मैरिगोल्ड) की पंखुड़ियों को उबालकर भी चमकीला पीला रंग तैयार होता है। ये रंग त्वचा पर चमकदार और सुरक्षित रहता है।
हरा रंग:- पालक, धनिया या अन्य साग की पत्तियों को अच्छी तरह धोकर पानी में उबालें। पत्तियों को ब्लेंड करें और रस निकालें। इसे छानकर इस्तेमाल करें। नीम की पत्तियां भी हरा रंग देती हैं और एंटी-बैक्टीरियल गुण वाली होती हैं। सूखे गुलाल के लिए रस को कॉर्नस्टार्च में मिलाकर धूप में सुखाएं।
गुलाबी रंग: चुकंदर के रस को थोड़ा पतला करके गुलाबी शेड पा सकते हैं। गुलाब की पंखुड़ियां या नयनतारा के फूल उबालकर भी गुलाबी रंग बनता है। प्याज के छिलकों को उबालने से हल्का गुलाबी रंग निकलता है।
नीला रंग: - बटरफ्लाई पी या विष्णुकांता के फूलों को पानी में भिगोकर या उबालकर नीला रंग निकालें। जैकरांडा फूल भी नीला रंग देते हैं। इसे कॉर्नस्टार्च में मिलाकर सूखा गुलाल बनाएं।
नारंगी रंग:- पलाश के फूल या मेहंदी (जेतुका) के पत्तों को उबालकर नारंगी रंग तैयार करें। हल्दी और चुकंदर के रस को मिलाकर भी नारंगी शेड बन सकता है। ये रंग बनाने में आसान हैं और इनमें कोई केमिकल नहीं होता। घर पर बनाकर परिवार के साथ होली खेलें, ताकि त्योहार खुशियों के साथ-साथ सुरक्षित और हरा-भरा बने।
--आईएएनएस
एमटी/डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
बांग्लादेश ने ओआईसी में इजरायल के फिलिस्तीनी जमीन पर कब्जे के कदम की निंदा की
ढाका, 27 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश ने इजरायल के हाल के जमीन से जुड़े कानून की कड़ी निंदा की है। इजरायल का मकसद कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाके को हड़पना है। बांग्लादेशी विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने गाजा में तुरंत सीजफायर करने की अपील की और एक आजाद फिलिस्तीनी देश के लिए अपना समर्थन दोहराया।
जेद्दा में विदेश मंत्रियों के लेवल पर ओआईसी की ओपन-एंडेड एग्जीक्यूटिव कमेटी मीटिंग में बांग्लादेश के विदेश मंत्री भी शामिल हुए। ओआईसी को संबोधित करते हुए, विदेश मंत्री ने जमीन खरीदने को लेकर इजरायली कानून की साफ तौर पर निंदा की और कहा कि यह कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाके पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा करना चाहता है।
डॉ. रहमान ने कहा कि यह कदम अल कुद्स अल शरीफ समेत फिलिस्तीनी जमीनों के कानूनी और डेमोग्राफिक नेचर को बदलने के लिए बनाया गया है। बता दें, वेस्ट बैंक में जमीन खरीदने को आसान बनाने और जमीन की रजिस्ट्री को पब्लिक जांच के लिए खोलने के इजरायल के फैसले पर गहरी चिंता जताते हुए बांग्लादेशी मंत्री ने कहा कि ऐसे कदमों से फिलिस्तीनी जमीन मालिकों को डराया-धमकाया और परेशान किया जाता है।
विदेश मंत्री ने कहा कि ये कदम संबंधित अंतरराष्ट्रीय कानून का साफ उल्लंघन हैं और एक सही और लंबे समय तक चलने वाले सोशल ऑर्डर की नींव को कमजोर करते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि 1967 की सीमाओं पर आधारित टू-स्टेट सॉल्यूशन के तहत एक आजाद और संप्रभु फिलिस्तीनी देश बनाना ही लंबे समय से चले आ रहे संकट का एकमात्र टिकाऊ हल है।
उन्होंने जमीन से जुड़े कानून को खारिज कर दिया और फिलिस्तीनी लोगों के जमीन के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की। डॉ. रहमान ने गाजा में स्थायी सीजफायर की भी मांग की और इलाके में प्रभावित पुरुषों, महिलाओं और बच्चों तक अंतरराष्ट्रीय एड वर्कर्स और मानवीय मदद पहुंचाने वालों की बिना शर्त और बिना रुकावट पहुंच की अपील की।
प्रधानमंत्री तारिक रहमान की तरफ से मुस्लिम समुदाय को रमजान की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में नई चुनी गई डेमोक्रेटिक सरकार ओआईसी सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक है।
मीटिंग के दौरान, डॉ. रहमान ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री सीनेटर मोहम्मद इशाक डार, गाम्बिया के विदेश मंत्री सेरिंग मोदौ न्जी, फिलिस्तीन के विदेश मंत्री डॉ. वारसेन ओहानेस वर्तन अगाबेकियन, तुर्किए के उप विदेश मंत्री एम्बेसडर मूसा कुलक्लिकाया और सऊदी के वाइस विदेश मंत्री वलीद ए. एल्खेरेजी के साथ द्विपक्षीय बातचीत की।
--आईएएनएस
केके/डीएससी
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