Russian Diesel आयात पर अमेरिकी सांसदों ने US Banks और बंदरगाहों को दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 27 अक्टूबर अमेरिकी सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने अमेरिकी बैंकों, बंदरगाह प्राधिकारियों और ईंधन वितरकों को चेतावनी दी है कि रूसी डीजल का आयात करने पर उन्हें कानूनी कार्रवाई और कांग्रेस की जांच का सामना करना पड़ सकता है। प्रमुख वित्तीय संस्थानों, बंदरगाहों और ईंधन वितरकों के प्रमुखों को लिखे पत्रों में सांसदों ने कहा कि अमेरिकी कानून का उल्लंघन करके आयात में मदद करने वाली कंपनियों को आपराधिक और दीवानी दायित्वों का सामना करना पड़ सकता है। ये पत्र ऐसी खबरों के बीच भेजे गए हैं कि रूसी डीजल की खेप अमेरिकी तटों की ओर बढ़ रही हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में एक छूट देते हुए रूस को अमेरिका सहित वैश्विक बाजारों में डीजल की आपूर्ति करने की अनुमति दी थी। सांसदों ने 2022 के ‘एंडिंग इंपोर्टेशन ऑफ रशियन ऑयल एक्ट’ की धारा दो का हवाला दिया। यह कानून सामान्य तौर पर रूस में उत्पादित ऊर्जा उत्पादों के आयात पर रोक लगाता है, जिनमें डीजल ईंधन भी शामिल है।
कानून के तहत ऐसे आयात की अनुमति तभी दी जा सकती है, जब राष्ट्रपति कांग्रेस को प्रमाणित करें कि रूस ने यूक्रेन में सभी सैन्य शत्रुतापूर्ण गतिविधियां बंद कर दी हैं और उससे नाटो के सदस्य देशों को तत्काल कोई खतरा नहीं है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में डेमोक्रेटिक पार्टी सीनेटर जीन शाहीन, रॉय वाइडन, शेल्डन व्हाइटहाउस, क्रिस कून्स और एलिजाबेथ वॉरेन तथा रिपब्लिकन पार्टी सीनेटर थॉम टिलिस शामिल हैं। न्यूयॉर्क के पांचवें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद ग्रेगरी मीक्स ने भी पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
ये पत्र जेपी मॉर्गन चेज, बैंक ऑफ अमेरिका, सिटीग्रुप, वेल्स फार्गो बैंक, गोल्डमैन सैक्स और मॉर्गन स्टेनली के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को भेजे गए हैं। इसके अलावा टेक्सास के ह्यूस्टन, कॉर्पस क्रिस्टी और ब्यूमोंट तथा न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के बंदरगाह प्राधिकारियों के प्रमुखों को भी पत्र भेजे गए हैं। सांसदों ने दोहराया कि रूसी ऊर्जा उत्पादों का आयात राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंताएं पैदा करता है, क्योंकि इससे होने वाली कमाई यूक्रेन के खिलाफ रूस के जारी युद्ध को वित्तपोषित करेगी।
उन्होंने संबंधित कंपनियों से रूस में उत्पादित डीजल के प्रस्तावित या वास्तविक आयात से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की भी मांग की। सार्वजनिक खबरों और जहाजों की आवाजाही से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए सांसदों ने कहा कि रूसी डीजल ले जा रहे जहाज अक्टूबर के अंत तक ब्यूमोंट और न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी बंदरगाह पर पहुंच सकते हैं।
शिवपुरी से महाराष्ट्र जा रहा मूंगफली से भरा ट्रक जब्त, जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने पर की गई कार्रवाई
शिवपुरी में तहसीलदार प्रदीप भार्गव के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में मूंगफली से भरा हुआ एक ट्रक जब्त किया गया है। जिले के कोलारस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एनएच 46 बाईपास पर अन्नपूर्णा होटल के पास ये कार्रवाई की गई। जब्त किए गए ट्रक से 300 क्विंटल मूंगफली बरामद हुई है।
बता दें कि जो ट्रक पकड़ा गया है उसके अंदर 600 बोरियां लदी हुई थी। जब जांच पड़ताल के दौरान चालक से मूंगफली के परिवहन से जुड़े मंडी टैक्स और गेट पास जैसे जरूरी दस्तावेज मांगे गए तो वह मौजूद नहीं थे। ऐसे में ट्रक में भरा हुआ माल बरामद कर लिया गया।
मंडी बोर्ड को सौंपा माल
तहसीलदार के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक जब चालक से दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई भी जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। जरूरी दस्तावेज मौजूद नहीं होने की वजह से यह कार्रवाई की गई है। ये आशंका जताई जा रही है कि शायद इतनी मात्रा में मूंगफली अवैध तरीके से भेजी जा रही थी। इस मामले में मंडी टैक्स की चोरी की आशंका जताई जा रही है।
जब्त किया हुआ ट्रक और मूंगफली कोलारस मंडी बोर्ड को सौंपा गया है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। अब दस्तावेजों की कमी के चलते की गई इस कार्रवाई से जुड़ी असली जानकारी जांच पड़ताल के बाद ही सामने आ सकेगी।
महाराष्ट्र जा रहा था ट्रक
बता दें कि 300 क्विंटल मूंगफली लेकर शिवपुरी से निकला यह ट्रक महाराष्ट्र के सांवली जा रहा था। जब चालक से इस संबंध में पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम अंकेश पाल बताया। उसने यह जानकारी दी कि मूंगफली करेरा की बाबू साहू की फर्म से भेजी जा रही थी। ट्रक का मालिक राकेश गुप्ता है जो शिवपुरी का ही निवासी है। अब संबंधित लोगों से पूछताछ कर इस मामले के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
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