Voter Slip विवाद: UP CEO Navdeep Rinwa ने X पर तीखी टिप्पणी को लेकर मांगी माफी
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने गलत मतदाता पर्ची को लेकर जातिगत पक्षपात के आरोपों पर सोशल मीडिया मंच पर की गई टिप्पणी के संबंध में मंगलवार को सफाई देते हुए कहा कि पोस्ट की भाषा आधिकारिक संचार के अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं थी। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर हालिया टिप्पणियों को लेकर लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई और इस हैंडल को संचालित करने वाले को लेकर भी सवाल उठाए।
सीईओ ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘इस हैंडल के उद्धृत पोस्ट में टिप्पणियों की भाषा के स्तर और भाव और इनकी तीखी प्रकृति इस आधिकारिक हैंडल से अपेक्षित संचार की प्रकृति के अनुरूप नहीं है।’’ इसी पोस्ट में यह भी कहा गया, ‘‘पोस्ट में टिप्पणियों से उत्पन्न वास्तविक आक्रोश को अच्छी तरह से नोट किया गया है। हम इससे आहत और नाराज लोगों से ईमानदारी से माफी मांगते हैं।
अब से हमारा संचार शालीन और औपचारिक होगा।’’ सीईओ ने एक दिन पूर्व अपने ‘एक्स’ हैंडल पर की गई उस टिप्पणी को भी साझा किया, जिसे लेकर सर्वाधिक आपत्ति की गई थी। गलत मतदाता पर्ची को लेकर जातिगत पक्षपात के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीईओ ने सोमवार को कहा था कि कंप्यूटर या सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं होते।
उन्होंने हाल में हुए विधान परिषद चुनाव में मतदाता सूची में ‘‘राम ने शर्मा को मारा’’ जैसे अजीबोगरीब नाम की प्रविष्टि पर अपनी सफाई के साथ साथ व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि भगवान का यह शुक्र है कि राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा, अन्यथा जातिवादी होने के साथ-साथ सांप्रदायिक होने का इल्जाम भी लगता। सीईओ ने आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह द्वारा निर्वाचन आयोग के लिए किए गये सवालों का जवाब देते हुए अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट में यह टिप्पणी की थी।
Karnataka Election Commission ने जारी की अंतिम Voter List, SIR की ड्राफ्ट लिस्ट हटाए गए 1 करोड़ नाम
कर्नाटक की अंतिम मतदाता सूची में 4,55,00,011 मतदाता शामिल हैं, जो 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) से पहले पंजीकृत 5,54,32,314 मतदाताओं की तुलना में लगभग 99.32 लाख कम हैं। इस अंतिम सूची में मसौदा मतदाता सूची (ड्राफ्ट रोल) के मुकाबले 8.64 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं, जबकि उस मसौदा सूची से 1.07 करोड़ से अधिक नाम हटा दिए गए थे। निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। मतदाता, चुनाव आयोग के मतदाता खोज पोर्टल के माध्यम से भी अपना नाम सूची में देख सकते हैं।
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कर्नाटक SIR सूची: नाम कैसे चेक करें
नाम चेक करने के लिए, मतदाताओं को सर्च बाय EPIC (Search by EPIC) चुनना होगा, अपना वोटर ID नंबर डालना होगा, कर्नाटक चुनना होगा, कैप्चा भरना होगा और “सर्च” पर क्लिक करना होगा। अगर पोर्टल पर “नो रिजल्ट फाउंड” दिखाई देता है, तो यह मान लेने से पहले कि उनका नाम हटा दिया गया है, उन्हें आधिकारिक मतदाता सूची से अपनी जानकारी वेरिफाई करनी चाहिए या चुनाव अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए। अंतिम मतदाता सूची में 2.25 करोड़ से अधिक पुरुष, 2.29 करोड़ महिलाएं और 2,841 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इसमें 18 और 19 वर्ष की आयु के 6.83 लाख से अधिक मतदाता, और 85 वर्ष से अधिक आयु के 3.92 लाख से ज़्यादा लोग शामिल हैं।
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ड्राफ्ट मतदाता सूची से 80.62 लाख नाम हटा दिए गए थे; इनमें वे मतदाता शामिल थे जिन्होंने अपना निवास स्थान बदल लिया था या जो गणना के दौरान नहीं मिल सके। इसके अलावा, 16.39 लाख प्रविष्टियां इसलिए हटाई गईं क्योंकि मतदाता मृत पाए गए थे, सात लाख से अधिक प्रविष्टियां डुप्लिकेट थीं, और 3.83 लाख प्रविष्टियां "अन्य" श्रेणी के अंतर्गत थीं। जिन लोगों के नाम 'स्थान बदलने' या 'पता न चलने' के कारण हटा दिए गए थे, उन्हें अपना नाम फिर से जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 में आवेदन करना पड़ा। चुनाव अधिकारियों को कुल 7,87,534 आवेदन मिले, जिनमें नए मतदाताओं के आवेदन भी शामिल थे।
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