अफगानिस्तान-पाकिस्तान में युद्ध हुआ तेज, इस्लामाबाद और एबटाबाद समेत कई सैन्य ठिकानों को तबाह करने का दावा
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है. दोनों देशों की सेनाओं के बीच बीती रात से जारी हवाई और जमीनी कार्रवाई ने हालात को युद्ध जैसे स्तर पर पहुंचा दिया है. हमलों और जवाबी हमलों के दावों के बीच सीमा क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं.
तालिबान का बड़ा दावा: सैन्य ठिकाने निशाने पर
अफगान तालिबान के उप-प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद, नौशेरा, जमरूद और एबटाबाद स्थित सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए. उनके मुताबिक, इस्लामाबाद के पास फैजाबाद में एक सैन्य कैंप, नौशेरा कैंट एरिया और जमरूद मिलिट्री कॉलोनी को निशाना बनाया गया। तालिबान ने इन सभी ऑपरेशनों को “सफल” करार दिया है.
पाकिस्तानी कार्रवाई के जवाब में हमला
तालिबान का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से काबुल, कंधार और पक्तिया में किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई. अफगान प्रशासन ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया. नांगरहार के एक शरणार्थी कैंप में मिसाइल गिरने से महिलाओं और बच्चों समेत 13 नागरिकों के घायल होने का दावा किया गया है.
जमीनी संघर्ष और हताहतों के आंकड़े
अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि डूरंड रेखा के पास हुई झड़पों में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दो सैन्य अड्डों समेत 19 पोस्ट पर कब्जा कर लिया गया. चार घंटे तक चले संघर्ष में भारी हथियार और गोला-बारूद जब्त करने का भी दावा किया गया.
???????????????? In other news, war has broken out between Pakistan and Afghanistan with many casualties and a nuclear site possibly hit, according to Slavyangrad
— ???????????????????????????????? White EFF Fighter (@lula_leftist) February 27, 2026
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वहीं पाकिस्तान की ओर से सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने 133 तालिबानी लड़ाकों को मार गिराने और 200 से अधिक को घायल करने की बात कही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान सेना ने पहले सीमा पर फायरिंग शुरू की, जिसके जवाब में एयरफोर्स ने “ऑपरेशन गजाब लिल-हक” चलाया.
सियासी बयानबाजी से बढ़ी तल्खी
शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. दूसरी ओर, अफगान सेना प्रमुख फसीहुद्दीन फितरत ने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान ने आक्रामकता जारी रखी तो और कड़ा जवाब मिलेगा.
ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने भी कहा कि पाकिस्तान का “धैर्य जवाब दे चुका है” और अब स्थिति खुली जंग की ओर बढ़ रही है.
आगे क्या?
दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है. हालांकि सीमा पर बढ़ते सैन्य टकराव ने क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयास हालात को संभाल पाएंगे या यह टकराव और भीषण रूप ले लेगा.
संशोधित जीडीपी फ्रेमवर्क से भारत के राष्ट्रीय खातों की विश्वसनीयता बढ़ेगी : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। भारत द्वारा आधार वर्ष को नियमित अंतराल पर बदलना, वैश्विक अर्थव्यवस्था में आने वाले झटकों से निपटने के लिए डेटा-आधारित नीतिगत हस्तक्षेप के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और ग्लोबल वैल्यू चेन में देश के तेजी से बढ़ते एकीकरण को दर्शाता है। यह जानकारी अर्थशास्त्रियों की ओर से शुक्रवार को दी गई।
पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष राजीव जुनेजा ने कहा कि संशोधित जीडीपी फ्रेमवर्क भारत के राष्ट्रीय खातों की विश्वसनीयता और विश्लेषणात्मक उपयोगिता को बढ़ाएगा। नई पद्धति से नीति निर्माताओं, व्यवसायों और निवेशकों को विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधि की अधिक सटीक तस्वीर मिलने की उम्मीद है।
नई सीरीज जीएसटी आंकड़ों, सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय परिणामों, परिवहन संकेतकों और डिजिटल प्रशासनिक स्रोतों जैसे कई डेटा स्रोतों को एकीकृत करती है।
जुनेजा ने कहा कि इस व्यापक डेटा कवरेज से आर्थिक उत्पादन, उपभोग, निवेश और क्षेत्रीय योगदान के मापन को मजबूती मिलने की उम्मीद है और इससे भारत विकास के अगले चरण के लिए तैयार हो सकेगा।
पीएचडीसीसीआई के सीईओ और सलाहकार डॉ. रंजीत मेहता ने कहा, भारत की ग्रोथ स्टोरी में निवेश करने के इच्छुक विदेशी निवेशक, चाहे वे संस्थागत हों या गैर-संस्थागत, इसे विश्वसनीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुलनीय आंकड़ों के रूप में देखेंगे, जो भारत की निजी पूंजीगत व्यय-संचालित विकास गति को बढ़ाने के लिए शुभ संकेत है।
आईसीआरए लिमिटेड की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग जीवीए में लगातार पांचवीं तिमाही में उत्साहजनक रूप से दोहरे अंकों की वृद्धि हुई, जबकि सर्विसेज जीवीए की वृद्धि दर पिछली तिमाही के 9.3 प्रतिशत से बढ़कर 7 तिमाहियों के उच्चतम स्तर 9.5 प्रतिशत पर पहुंच गई।
उन्होंने कहा, आईसीआरए का मानना है कि निकट भविष्य में आधार-आधारित सीपीआई मुद्रास्फीति में वृद्धि की उम्मीदों के साथ नीतिगत दर में लंबे समय तक कोई बदलाव न होने की अधिक संभावना है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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