पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष जारी, पाक सेना ने शुरू किया ऑपरेशन गजाब लिल-हक
इस्तांबुल, 27 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का ऐलान कर दिया है। अफगानिस्तान के हमले के बाद पाकिस्तान ने शुक्रवार सुबह अफगानिस्तान में मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक किए। दोनों देशों की तरफ से हमले में हुए नुकसान को लेकर दावे किए जा रहे हैं। पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांतों को निशाना बनाया है।
पाकिस्तानी मीडिया डॉन ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद अफगान तालिबान बहुत ज्यादा घबराया हुआ है। सुबह 11:55 बजे जारी एक अपडेट में कहा गया कि अफगान तालिबान के लड़ाके एक गाड़ी छोड़कर भाग गए, जो पाकिस्तानी सेना के जवानों के कब्जे में है।
बयान में आगे कहा गया, “पाकिस्तानी सुरक्षा बल सीमा की सुरक्षा करने और किसी भी हमले का तुरंत और मजबूत जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।” सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, अफगान बॉर्डर टर्मिनल पोस्ट और वारसाक सेक्टर में अफगान पोस्ट को भारी नुकसान हुआ है। दोनों देशों की तरफ से हमले में हुए नुकसान को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि देश हमेशा शांति चाहता है, लेकिन उनकी सेना किसी भी हमले का डटकर सामना करेगी। पीएम के इस बयान के बाद पाकिस्तान ने अफगान तालिबान के खिलाफ ऑपरेशन गजाब लिल-हक शुरू किया है।
पाकिस्तानी मीडिया डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी आज शाम 4 बजे पाक-अफगान हालात पर एक जरूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने दावा किया कि 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए। वहीं तालिबान सरकार का कहना है कि आठ तालिबान लड़ाके मारे गए और 11 घायल हुए। तालिबान सरकार ने यह भी दावा किया है कि उसने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया, दो मिलिट्री बेस और 19 मिलिट्री पोस्ट पर कब्जा कर लिया। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि चल रही झड़पों में उसके दो सैनिक मारे गए।
खुली जंग के ऐलान के साथ पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में रात भर एयरस्ट्राइक की, काबुल और कंधार समेत कई खास शहरों पर भारी बमबारी की। काबुल और कंधार में कई धमाके सुने गए और स्थानीय लोगों ने बताया कि जेट ऊपर से उड़ रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान ने इन हमलों में अपनी एयर फोर्स का इस्तेमाल किया। बता दें, अफगानिस्तान के पास अपनी एयर फोर्स नहीं है।
--आईएएनएस
केके/एएस
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Ration Card News: इन राज्यों में डिजिटल करेंसी से ही मिल जाएगा राशन, जानें क्या है प्रोसेस
Ration Card News: भारत में डिजिटल भुगतान के नए दौर की शुरुआत होने जा रही है. सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को इस साल के अंत तक खुदरा ग्राहकों के लिए लॉन्च किया जा सकता है. अभी तक इसका उपयोग मुख्य रूप से बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) लेनदेन में किया जा रहा है, लेकिन वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार दो साल से चल रहे पायलट प्रोजेक्ट के बाद इसे आम नागरिकों तक पहुंचाने की तैयारी अंतिम चरण में है.
CBDC को भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी डिजिटल मुद्रा के रूप में विकसित किया गया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इस परियोजना का संचालन कर रहा है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित, तेज और पारदर्शी डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना है.
इन राज्यों में शुरू हुआ मुफ्त राशन योजना में डिजिटल करेंसी का प्रयोग
गुजरात के दो जिलों में मुफ्त राशन वितरण के लिए CBDC का उपयोग शुरू हो चुका है. इसी कड़ी में पुडुचेरी में भी इस सप्ताह से इसे लागू किया जाएगा. इसके बाद चंडीगढ़ और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना है.
इस व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों के ई-वॉलेट में RBI द्वारा डिजिटल करेंसी जारी की जाएगी. यह एक कोड या क्यूआर कोड के रूप में होगा, जिसे राशन की दुकान पर दिखाकर अनाज प्राप्त किया जा सकेगा. खास बात यह है कि यह डिजिटल राशि केवल राशन खरीदने के लिए ही मान्य होगी, अन्य किसी उपयोग के लिए नहीं.
ब्रिक्स सम्मेलन में उठ सकता है प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक अगस्त-सितंबर में भारत की मेजबानी में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच डिजिटल करेंसी के इस्तेमाल का प्रस्ताव रखा जा सकता है. BRICS समूह के देशों ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के सहयोग से यह पहल आगे बढ़ सकती है. इसके अलावा भारत सिंगापुर के साथ भी डिजिटल भुगतान को लेकर पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है.
UPI को और आसान बनाने की तैयारी
डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जैसे बैंक अपने स्वयं के ऐप के माध्यम से सीधे UPI भुगतान की सुविधा दे रहे हैं. एसबीआई का योनो ऐप इसका उदाहरण है, जिससे ग्राहकों को थर्ड-पार्टी एग्रीगेटर की जरूरत नहीं पड़ती. आर्थिक मामलों के विभाग के अनुसार अन्य बैंक भी इसी तरह के ऐप लॉन्च कर सकते हैं.
सरकार ने साफ किया है कि UPI भुगतान पर किसी प्रकार का शुल्क लगाने की कोई योजना नहीं है. कुल मिलाकर, CBDC और UPI के विस्तार से भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
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