मार्च का महीना धर्म की दृष्टि से बेहद ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस महीने में होली का त्योहार से लेकर चैत्र नवरात्रि मनाई जाएगी। मार्च का पूरा महीना व्रत और त्योहारों के लिए जाना जाएगा। रंगों का त्योहार, चैत्र नवरात्रि, राम नवमी और एकादशी व कई मुख्य पर्व मनाए जाएंगे। हिंदू पंचाग के अनुसार, मार्च में एक दर्जन से भी अधिक मुख्य तिथियां पड़ रही है, जिनका धार्मिक और आधात्मिक महत्व विशेष माना जा रहा है। होलिका दहन और फाल्गुन पूर्णिमा से शुरु होकर चैत्र मास के आरंभ तक साधक विभिन्न व्रत, पूजन और अनुष्ठान करेंगे। इस लेख हम आपको मार्च के महीने में पड़ने वाले व्रत-त्योहार की सूची बताएंगे। देखें मार्च के व्रत-त्योहारों का पूरा कैलेंडर।
मार्च तीज-त्योहार लिस्ट
त्योहार और शुभ मुहूर्त
1 मार्च, सोमवार प्रदोष व्रत (शुक्ल पक्ष)- पूजा मुहूर्त: शाम 6:21 से रात 8:15 तक।
2 मार्च, मंगलवार होलिका दहन, फाल्गुन पूर्णिमा व्रत - पूर्णिमा प्रारंभ: 2 मार्च 2026 शाम 5:55 बजे।
3 मार्च, बुधवार चंद्र ग्रहण- सूतक काल सुबह 9:30 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6:46 मिनट पर खत्म होगा।
4 मार्च, बुधवार होली- दोपहर 2 बजे तक ही रंग खेला जाएगा
15 मार्च, रविवार पापमोचनी एकादशी- 15 मार्च सुबह 09:16 बजे
व्रत पारण: 16 मार्च 2026 सुबह 05:58 से 08:22 बजे - अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:06 से 12 बजे(15मार्च)।
16 मार्च, सोमवार प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष)- पूजा मुहूर्त: शाम 06:31 से 08:54 बजे तक
17 मार्च, मंगलवार,मासिक शिवरात्रि - चतुर्दशी तिथि: 17 मार्च सुबह 09:23 बजे से 18 मार्च सुबह 08:25 बजे तक
19 मार्च, गुरुवार चैत्र नवरात्रि- (घटस्थापना)शुभ मुहूर्त: सुबह 06:52 से 10:10 बजे
26 मार्च, गुरुवार राम नवमी- शुभ समय: दोपहर 12:27 बजे
27 मार्च, शुक्रवार चैत्र नवरात्रि पारणा- पूरा दिन
29 मार्च, रविवार कामदा एकादशी - तिथि समापन: सुबह 07:46 बजे
होलिका दहन (3 मार्च 2026, मंगलवार)
होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की रात मनाया जाता है और यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। होलिका दहन के दिन लोग विधिवत रुप से होलिका की पूजा कर अग्नि प्रज्वलित करते हैं और नकारात्मक ऊर्जा को जलाने का संकल्प लेते हैं।
होली (4 मार्च 2026, बुधवार)
रंगों, खुशियों और भाईचारे का पर्व है होली। होलिका दहन के अगले दिन होली का पर्व मनाया जाता है। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाते हैं और अपने सभी गिले-शिकवे दूर करते हैं और उत्सव मनाते हैं। गुजिया, गीत-संगीत और पारंपरिक पकवान इस पर्व की रौनक को और बढ़ा देते हैं।
पापमोचनी एकादशी (15 मार्च 2026, रविवार)
पापमोचनी एकादशी फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ती है और इसे पापों का नाश करने वाली तिथि माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना और व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो व्यक्ति सच्ची श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत करता है, उसके जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा उसे मानसिक और आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है।
चैत्र नवरात्रि (19 मार्च 2026, गुरुवार)
चैत्र नवरात्रि से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है और नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरुपों की पूजा की जाती है। पहले दिन घटस्थापना कर व्रत और पूजा का संकल्प लिया जाता है। इन नौ दिनों में भक्त व्रत रखकर शक्ति, सुख और समृद्धि की कामना करते हैं।
राम नवमी (26 मार्च 2026, गुरुवार)
राम नवमी चैत्र नवरात्रि के अंतिम अर्थात नौवें दिन मनाया जाने वाला पावन उत्सव है, जो भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में प्रसिद्ध है। इस अवसर पर मंदिरों को सजाया जाता है, रामायण और रामचरितमानस का पाठ किया जाता है तथा भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो जाता है। श्रद्धालु प्रभु श्रीराम से सत्य, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा एवं आशीर्वाद की कामना करते हैं।
कामदा एकादशी (29 मार्च 2026, रविवार)
मार्च के महीने में पड़ने वाली एकादशी कामदा एकादशी है। कामदा एकादशी चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी है और मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है और कथा सुनी जाती है।
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भारतीय रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वय जरूरी है।
आरबीआई ने 60 प्रमुख बैंकों के कार्यकारी निदेशकों और धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन प्रमुखों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया था। यह कार्यशाला बुधवार को संपन्न हुई।
कार्यशाला में केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) और महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारियों ने भाग लिया।
धोखाधड़ी की रोकथाम पर महत्व पर जोर दिया
आरबीआई ने एक बयान में कहा, ‘‘कार्यशाला में इस तरह की धोखाधड़ी को लेकर बढ़ती चिंताओं को प्रभावी ढंग से दूर करने के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच मजबूत समन्वय की जरूरत बतायी गयी।’’
साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम और उसे कम करने के लिए मजबूत संचालन और निगरानी व्यवस्था, मजबूत आंतरिक नियंत्रण, सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के उपयोग के महत्व पर जोर दिया गया।
आरबीआई ने बैंकों से इन प्रयासों के तहत लक्षित ग्राहक जागरूकता अभियान चलाने को भी कहा।
कार्यशाला में बैंकों ने साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम और उसे कम करने के लिए अपनाई गई बेहतर गतिविधियों और तकनीकी उपायों को साझा किया।
बयान में कहा गया है कि यह कार्यशाला रिजर्व बैंक द्वारा बैंकों के साथ चल रहे पर्यवेक्षी और विकासात्मक जुड़ाव का एक हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं और उसके बढ़ते जटिल स्वरूप से निपटना था।
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