Responsive Scrollable Menu

1.30 करोड़ रुपए की सराफा लूट का खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार, पूरा लूटा गया माल बरामद

1.30 करोड़ रुपए की सराफा लूट का खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार, पूरा लूटा गया माल बरामद

Continue reading on the app

बुंदेलखंड की दिव्यांग छात्राओं को मिलेगा मुफ्त मोटराइज्ड ई-ट्राईसाइकिल का सहारा, योगी सरकार ने दी प्रगति को दी नई रफ्तार

बुंदेलखंड क्षेत्र में दिव्यांग छात्राओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने मुफ्त मोटराइज्ड ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की पहल की है. इस योजना का उद्देश्य स्कूल, कॉलेज और तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली दिव्यांग छात्राओं के सामने आने वाली आवागमन की समस्याओं को कम करना है.

मोटराइज्ड ई-ट्राईसाइकिल मिलने से छात्राओं को शिक्षा संस्थानों तक पहुंचने में सुविधा होगी. साथ ही उन्हें रोजाना आने-जाने के लिए दूसरे लोगों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. यह पहल केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांग छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और उच्च शिक्षा पूरी करने का अवसर देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

हर विधानसभा क्षेत्र से 20 छात्राओं का होगा चयन

योजना के तहत जिले के सदर, तिंदवारी, बबेरू और नरैनी विधानसभा क्षेत्रों से दिव्यांग छात्राओं का चयन किया जाएगा. प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 20-20 छात्राओं को मोटराइज्ड ई-ट्राईसाइकिल देने का प्रस्ताव है.

इस तरह जिले में कुल 80 पात्र दिव्यांग छात्राओं को योजना का लाभ मिल सकता है. संबंधित विभाग ने आवेदन प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही पात्र छात्राओं के चिन्हांकन का काम भी शुरू कर दिया है.

अधिकारियों के अनुसार, चयन प्रक्रिया में यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि योजना का लाभ वास्तव में उन छात्राओं तक पहुंचे, जिन्हें पढ़ाई या प्रशिक्षण के लिए नियमित रूप से लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और आवागमन की सुविधा का अभाव उनकी शिक्षा में बाधा बन रहा है.

16 वर्ष से अधिक आयु की छात्राओं को प्राथमिकता

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के माध्यम से संचालित इस योजना में 16 वर्ष से अधिक आयु की पात्र दिव्यांग छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी. विशेष रूप से गरीबी रेखा से नीचे यानी बीपीएल परिवारों से आने वाली छात्राओं को वरीयता देने की बात कही गई है. 

योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा का किसी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या व्यावसायिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत होना आवश्यक होगा. इसका उद्देश्य उन छात्राओं को सहयोग देना है, जो आर्थिक और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं.

गरीब और पिछड़े परिवारों की कई दिव्यांग छात्राओं के लिए नियमित परिवहन की व्यवस्था करना कठिन होता है. ऐसे में मुफ्त मोटराइज्ड ई-ट्राईसाइकिल उनकी पढ़ाई को निरंतर बनाए रखने में उपयोगी साबित हो सकती है.

आवागमन की परेशानी होगी कम

दिव्यांग छात्राओं को अक्सर स्कूल या कॉलेज पहुंचने के लिए परिवार के सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता है. कई ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की सीमित उपलब्धता उनकी मुश्किलें और बढ़ा देती है.

मोटराइज्ड ई-ट्राईसाइकिल मिलने के बाद छात्राएं अधिक आसानी और स्वतंत्रता के साथ अपने शिक्षण संस्थानों तक पहुंच सकेंगी. इससे यात्रा में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है और छात्राओं को पढ़ाई तथा अन्य गतिविधियों के लिए अधिक समय मिल सकेगा.

यह सुविधा छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ने में भी मदद कर सकती है. सरकार का मानना है कि बेहतर आवागमन सुविधा मिलने से दिव्यांग छात्राओं के आत्मविश्वास और शैक्षणिक भागीदारी में भी वृद्धि होगी.

ऑनलाइन आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है. इच्छुक और पात्र छात्राएं उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं.

आवेदन के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र या यूडीआईडी कार्ड आवश्यक होगा. इसके अलावा आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और स्कूल, कॉलेज या प्रशिक्षण संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत होने का प्रमाण भी प्रस्तुत करना होगा.

आवेदन और पात्रता से संबंधित अधिक जानकारी के लिए छात्राएं विकास भवन स्थित जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं.

बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम

स्थानीय लोगों ने इस पहल को दिव्यांग बेटियों के लिए उपयोगी कदम बताया है. उनका मानना है कि यह योजना छात्राओं के लिए केवल एक वाहन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके सपनों को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बन सकती है.

मुफ्त मोटराइज्ड ई-ट्राईसाइकिल से दिव्यांग छात्राओं को शिक्षा जारी रखने, आत्मनिर्भर बनने और अपने भविष्य के लक्ष्य हासिल करने में सहायता मिलने की उम्मीद है. यह पहल बुंदेलखंड की बेटियों के लिए बेहतर अवसर और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.

Continue reading on the app

  Sports

वो 'दस्ताना कांड', जब सनकी विकेटकीपर ने किया क्राइम, फिर ऑन द स्पॉट हुआ फैसला

ऐसा ही हुआ कुछ साल 2008 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के चौथे टेस्ट के दौरान हुआ. ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर ब्रैड हैडिन की एक अप्रत्याशित और अजीबोगरीब हरकत ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया और अंपायर को क्रिकेट के सबसे कड़े पेनल्टी नियमों में से एक को लागू करने पर मजबूर होना पड़ा. Thu, 6 Aug 2026 15:10:57 +0530

  Videos
See all

Bankipur By Election Results: बांकीपुर में हारी BJP, प्रशांत किशोर ने कैसे पलटी बाजी? Bihar Politics #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-06T10:15:27+00:00

Atiq Ahmed Son Aban Ahmed Death News। BBS Murti। SSP Jhansi। “ये हादसा है इसमें किसी की साजिश नहीं” #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-06T10:05:50+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers