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मंत्री ने खामियों को आपराधिक लापरवाही बताया
BJP ने Shimla में CM Sukhu आवास का किया घेराव, सरकार बर्खास्तगी की मांग
शिमला, पांच अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हिमाचल प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के कथित जनविरोधी फैसलों, भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग और प्रतिशोध की राजनीति के विरोध में बुधवार को यहां प्रदर्शन किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव बिंदल के नेतृत्व में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मॉल रोड स्थित सेंट्रल टेलीग्राफ कार्यालय से शेर-ए-पंजाब तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला और इसके बाद यहां ओकओवर स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री सुक्खू और उनके मंत्रियों के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा राज्य सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई।
जयराम ठाकुर ने सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को सीमित करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, “सत्ता में आए लगभग चार वर्ष होने वाले हैं, लेकिन सरकार अब भी व्यवधान पैदा करने की राजनीति पर चल रही है।” ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार ने पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में हरसंभव देरी करने की कोशिश की, क्योंकि उसे पता था कि जनता उसेनकार देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल में संपन्न पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में हार के बाद कांग्रेस सरकार भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे आपराधिक मामले दर्ज कराने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है।
उन्होंने कहा, “अधिकारियों पर उन मामलों में भी प्राथमिकी दर्ज करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिनमें वे स्वयं स्वीकार कर रहे थे कि कोई कानूनी मामला नहीं बनता। ऐसा केवल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।” ठाकुर ने दावा किया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, विधायक सुधीर शर्मा और आशीष शर्मा, पूर्व विधायक होशियार सिंह और राजेंद्र राणा सहित कई अन्य भाजपा नेताओं तथा उनके परिजनों के खिलाफ भी झूठे मामले दर्ज किए गए हैं। ठाकुर ने दावा किया कि सरकार ने नव-निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों, पार्षदों और भाजपा समर्थित पंचायत प्रतिनिधियों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है तथा इसे लोकतंत्र पर अभूतपूर्व हमला करार दिया।
उन्होंने कहा, “राज्य में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में है। सरकार के खिलाफ खबरें प्रकाशित करने वाले पत्रकारों और सोशल मीडिया पर असहमति जताने वाले नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।” ठाकुर ने कहा कि भाजपा 21 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में इन सभी मुद्दों को उठाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी कार्यशैली नहीं बदली तो भाजपा का जनआंदोलन और तेज होगा तथा अंततः जनता कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर कर देगी।
कांग्रेस के भीतर के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए ठाकुर ने दावा किया कि पार्टी के नेता भी सरकार के कामकाज से असंतुष्ट हैं और इसकी जानकारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री ने अपना रवैया नहीं बदला तो इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए ठाकुर ने शिमला में हुई हत्या की घटना और बिलासपुर के कुल्हाड़ी हत्याकांड का उल्लेख किया तथा आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।
उन्होंने सरकारी अधिकारियों को भी आगाह करते हुए कहा कि वे विपक्ष को प्रताड़ित करने के लिए राजनीतिक दबाव में आकर काम न करें। उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में लौटने पर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों को कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा। राजीव बिंदल ने कहा कि बुधवार का प्रदर्शन राज्यव्यापी आंदोलन की केवल शुरुआत है।
उन्होंने घोषणा की कि भाजपा कांग्रेस सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हर महीने राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र और प्रत्येक मंडल में प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन लगभग चार वर्ष बीत जाने के बाद भी लाखों महिलाएं इस राशि का इंतजार कर रही हैं।
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