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हम महर्षि भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रहे हैं: CM मान
महर्षि भगवान श्री वाल्मीकि जी के प्रगट दिवस के अवसर पर नतमस्तक होते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उनकी महान विरासत की सुरक्षा-संभाल और समानता, मानवता तथा धर्म के बारे में उनकी शिक्षाओं के प्रसार के प्रति पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया. उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और इसके सौंदर्यीकरण के लिए 17.72 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इसके माध्यम से उनकी सरकार धार्मिक स्थानों की पवित्रता को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित कर रही है.
धरती पर हर बीज अंकुरित हो सकता है
इस बात पर जोर देते हुए कि धार्मिक स्थानों का प्रबंधन धार्मिक हस्तियों और विद्वानों द्वारा किया जाना चाहिए, मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की धरती पर हर बीज अंकुरित हो सकता है, लेकिन नफरत का बीज इस पवित्र धरती पर कभी नहीं उग सकता. इस समारोह की कुछ झलकियां साझा करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 'एक्स' पर लिखा: "आज मुझे अमृतसर में महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के पवित्र प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में नतमस्तक होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. इस स्थान के विकास के लिए आज 17.5 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. हमारा मानना है कि धार्मिक स्थानों का प्रबंधन राजनेताओं के बजाय धार्मिक हस्तियों और विद्वानों द्वारा किया जाना चाहिए. पंजाब में हर बीज अंकुरित हो सकता है, लेकिन नफरत का बीज इस पवित्र धरती पर कभी नहीं उग सकता."
हर व्यक्ति को सम्मान और बराबर के अवसर मिले
महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रगट दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा." इस पवित्र स्थान पर नतमस्तक होने हुए मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं को बधाई दी. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार महर्षि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा दिखाए गए धर्म, समानता और मानवता के मार्ग पर चलकर एक समतावादी समाज का निर्माण कर रही है जहां हर व्यक्ति को सम्मान और बराबर के अवसर मिले.
महर्षि भगवान वाल्मीकि जी को संस्कृत साहित्य के पितामह और आदि कवि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "महर्षि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा रचित अमर महाकाव्य रामायण ने हजारों सालों से मानवता को धर्म का रास्ता दिखाया है. यह रचना बुराई पर सच की जीत का सदाबहार संदेश देती है और सच, नैतिकता, करुणा तथा नैतिक आचरण के लिए एक प्रकाश-स्तंभ के रूप में काम करती है." उन्होंने कहा, "महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं किसी विशेष काल या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये सम्पूर्ण मानवता से संबंधित हैं."
समाज के सनातन आदर्श स्थापित किए
मुख्यमंत्री ने कहा, "महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की अमर रचना रामायण समाज को सच, न्याय, समानता और धर्म के मार्ग पर चलने की दिशा देती आ रही है. ऐसे समय में, जब मानवीय रिश्तों पर भौतिकवादी सोच का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, इस पवित्र महाकाव्य में दर्शाए गए आदर्श पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं." वर्तमान समाज में महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "महर्षि भगवान वाल्मीकि जी ने एक आदर्श व्यक्ति, एक आदर्श शासक और एक आदर्श समाज के सनातन आदर्श स्थापित किए."
कुश को ज्ञान और शिक्षा दी थी
मुख्यमंत्री ने कहा,"ये सिद्धांत समाज को विभाजनों से ऊपर उठने और आपसी सम्मान, सामाजिक न्याय तथा सांप्रदायिक सद्भाव पर आधारित भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित कर सकते हैं. पंजाब को महान गुरुओं, संतों-महापुरुषों, पीरों-फकीरों और पैगंबरों की महान विरासत का वरदान प्राप्त है और यह बहुत गर्व की बात है कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी ने इस पवित्र धरती पर प्रभु राम जी के पुत्रों लव और कुश को ज्ञान और शिक्षा दी थी."
श्रद्धालुओं को समर्पित किया गया था
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस पवित्र स्थान पर नतमस्तक होने के अवसर को आत्मिक संतुष्टि और सौभाग्यपूर्ण क्षण बताया.
इस पवित्र स्थल के सर्वांगीण विकास के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल पर विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों पर 17.72 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के जीवन और शिक्षाओं को दर्शाने वाला एक आकर्षक पैनोरमा वर्ष 2024 में 25 करोड़ रुपये की लागत से श्रद्धालुओं को समर्पित किया गया था.”
शिक्षाओं ने सदियों से मानवता को समृद्ध किया
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस पवित्र स्थल की सुंदरता बढ़ाने के लिए फसाड लाइटिंग (भवन के बाहरी हिस्से पर विशेष रोशनी) भी लगाई गई है, जिससे रात के समय यह स्थल बेहद आकर्षक दिखाई देता है.” मुख्यमंत्री ने कहा, “भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल का विकास महज एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है, बल्कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रति हमारी गहरी श्रद्धा का प्रतीक है. उनकी शिक्षाओं ने सदियों से मानवता को समृद्ध किया है.”
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि श्रद्धालु इस पवित्र स्थल की आध्यात्मिक भव्यता का अनुभव करें. साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इसकी समृद्ध विरासत को संरक्षित करके दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए. राज्य सरकार इस धार्मिक स्थल के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाना जारी रखेगी और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार के लिए सभी आवश्यक शेष कार्य भी करवाएगी.” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस पवित्र भूमि के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं है और सरकार अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी.”
उन्होंने कहा, “सरकार पूरे पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव, शांति और आपसी भाईचारे के आदर्शों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.” मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि धार्मिक संस्थाओं को अपनी आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “धार्मिक संस्थाओं का प्रबंधन बिना किसी अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप के संबंधित धर्मों से जुड़े लोगों द्वारा ही किया जाना चाहिए.”
दर्शन करने की सुविधा भी प्रदान की जा रही
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत श्रद्धालुओं को अमृतसर के अन्य प्रमुख पवित्र स्थलों के साथ-साथ भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के दर्शन करने की सुविधा भी प्रदान की जा रही है. इससे श्रद्धालुओं को इन पवित्र स्थलों पर माथा टेकने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है. महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के जीवन और दर्शन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “महर्षि भगवान वाल्मीकि जी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएं और दैनिक जीवन में समानता, करुणा, सदाचार तथा आपसी सम्मान जैसे मूल्यों को बढ़ावा दें.”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से महर्षि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे समाज का निर्माण किया जाना चाहिए, जहां किसी के साथ भेदभाव न हो, प्रत्येक व्यक्ति को मान-सम्मान मिले और आपसी भाईचारे एवं सद्भाव के बंधन दिन-प्रतिदिन और मजबूत हों. भगवंत मान सरकार की भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल
भगवंत मान सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान अमृतसर स्थित महर्षि भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल (राम तीर्थ) के विकास एवं सौंदर्यीकरण पर 17.72 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इस पवित्र स्थल को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है.
विकास एवं सौंदर्यीकरण
भगवंत मान सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान महर्षि भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल पर विभिन्न विकास कार्यों एवं सौंदर्यीकरण के कार्यों पर 17.72 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं.
तीर्थ स्थल पर सुविधाओं में सुधार
मुख्य मंदिर: मुख्य मंदिर की इमारत की मरम्मत और सौंदर्यीकरण
साउंड सिस्टम: नए साउंड सिस्टम की स्थापना
सुरक्षा: श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए
पवित्र सरोवर: पवित्र सरोवर की सफाई और इससे संबंधित अन्य कार्य
सीवरेज एवं आवासीय सुविधाएं: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को चालू करने तथा मंदिर और सराय में एयर कंडीशनर लगाने. इन कार्यों पर 2.60 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं
पहले पूरे किए गए प्रमुख प्रोजेक्ट
पैनोरमा: महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के जीवन और शिक्षाओं को दर्शाने वाला पैनोरमा वर्ष 2024 में 25 करोड़ रुपये की लागत से श्रद्धालुओं को समर्पित किया गया था
फसाड लाइटिंग: तीर्थ स्थल की सुंदरता को और निखारने, विशेषकर रात के समय इसे आकर्षक बनाने के लिए विशेष प्रकाश व्यवस्था की गई है.
पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
पंजाब सरकार इस पवित्र स्थल को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त विकास कार्य भी करवाए जाएंगे.
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत अमृतसर आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाने की सुविधा भी प्रदान की जाती है.
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