Responsive Scrollable Menu

Mathura, Barsana, Kashi और Ayodhya में रंगों की जमकर बौछार, रंगभरी एकादशी पर भक्तिरस में डूबा देश

फाल्गुन मास की मस्ती अपने चरम पर है और देश के विभिन्न हिस्सों में रंग, अबीर और गुलाल की छटा बिखर गई है। ब्रज क्षेत्र के बरसाना, नंदगांव, मथुरा और वृंदावन में जहां लट्ठमार होली और पारंपरिक उत्सवों की धूम देखने को मिल रही है वहीं काशी में रंगभरी एकादशी के अवसर पर बाबा के दरबार में रंगों की अनोखी आभा देखने को मिली।

उत्तर प्रदेश के बरसाना में विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली का आयोजन हर्ष और उल्लास के साथ हो रहा है। नंदगांव के हुरियारे परंपरागत वेशभूषा में बरसाना पहुंचे तो अलग ही छटा देखने को मिली। प्रिया कुंड पर उनका स्वागत मिठाई, पकवान और ठंडाई से किया गया। इसके बाद वे लाडली जी मंदिर में दर्शन कर रंगीली गली पहुंचे, जहां ढोल नगाड़ों की थाप पर होली के रसिया गूंज उठे। जैसे ही हुरियारों ने महिलाओं को रिझाने के लिए गीत गाए, हुरियारिनों ने प्रेम भरी लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। पुरुषों ने ढाल से बचाव किया और पूरा वातावरण हंसी ठिठोली से गूंज उठा।

इसे भी पढ़ें: Holi से पहले FSSAI का बड़ा एक्शन, मिलावट रोकने के लिए राज्यों को भेजा Special Alert.

हम आपको बता दें कि यूपी प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र को कई जोन और सेक्टर में बांटकर हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रमुख स्थलों पर कैमरे और ड्रोन से निगरानी की गई। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं व्यवस्था पर नजर बनाए रहे। श्रद्धालुओं ने भी व्यवस्थाओं की सराहना की।

इसी क्रम में मथुरा और वृंदावन में भी होली का रंग चरम पर दिखाई दिया। मंदिरों में ठाकुर जी के संग गुलाल की होली खेली गई। बांके बिहारी मंदिर, राधा वल्लभ और अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं। टेसू के फूलों से बने प्राकृतिक रंगों की बौछार ने वातावरण को और भी सुरम्य बना दिया। विदेशी श्रद्धालु भी इस अनूठे उत्सव में शामिल होकर नाचते गाते नजर आए।

हम आपको बता दें कि ब्रज में होली का उत्सव बसंत पंचमी से आरंभ होकर कई सप्ताह तक चलता है, परंतु लट्ठमार होली और रंगभरनी एकादशी इसका विशेष आकर्षण माने जाते हैं। मान्यता है कि द्वापर काल में कान्हा अपने सखाओं के साथ बरसाना आकर राधा और सखियों को चिढ़ाते थे, तब सखियां उन्हें लाठियों से खदेड़ देती थीं। वही परंपरा आज भी जीवंत है।

उधर काशी में वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में रंगभरी एकादशी का विशेष महत्व देखा गया। धार्मिक मान्यता है कि विवाह के बाद भगवान शिव माता पार्वती को पहली बार काशी लेकर आए थे और भक्तों ने रंगों से उनका स्वागत किया था। इसी परंपरा के तहत मंदिर परिसर में पुष्प, अबीर और गुलाल से होली खेली गई। साधु संतों और श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों के साथ उत्सव मनाया।

हम आपको बता दें कि रंगभरी एकादशी को आमलकी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु, महादेव और आंवले के वृक्ष की पूजा का विधान है। प्रातः काल से ही श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर पूजा अर्चना की और दान पुण्य किया। रंग, रस और भक्ति से सराबोर यह पर्व सामाजिक समरसता और प्रेम का संदेश देता है। बरसाना की लाठियों में जहां स्नेह छिपा है, वहीं मथुरा की गलियों में भक्ति का रंग और काशी में आस्था की छटा दिखाई देती है। फाल्गुन का यह उत्सव एक बार फिर देश को रंगों की डोर में बांधता नजर आया। अयोध्या में भी इस अवसर पर साधु संत झूमते नजर आये।

Continue reading on the app

भक्ति के अंधेरे चेहरे पर सिहरनभरी कहानी:‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ का ट्रेलर रिलीज; 6 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक

फिल्म ‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ का दमदार ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। अंधविश्वास, तांत्रिक अनुष्ठानों और लोक आस्था की जटिल परतों को उधेड़ती यह लोककथा-आधारित थ्रिलर 6 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को सुदीप्तो सेन का समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने इससे पहले The Kerala Story का निर्देशन किया था। चरक मेले की पृष्ठभूमि में सस्पेंस निर्देशक शीलादित्य मौलिक के निर्देशन में बनी यह फिल्म ग्रामीण भारत में प्रचलित कठोर धार्मिक अनुष्ठानों और उनसे जुड़े सामाजिक यथार्थ को सामने लाती है। ट्रेलर में ‘चरक मेला’ की झलक दिखाई गई है। एक ऐसा पारंपरिक उत्सव, जो गहरी आस्था के साथ-साथ खतरनाक रस्मों के लिए भी जाना जाता है। ट्रेलर की शुरुआत मेले की तैयारियों से होती है, जहां पूरा गांव इसे अपनी वर्षों पुरानी मनोकामनाओं की पूर्ति का जरिया मानता है। लेकिन जैसे-जैसे अनुष्ठान उग्र होते जाते हैं, कहानी आस्था और कट्टरता, भक्ति और विनाश के बीच की महीन रेखा पर सवाल खड़े करती नजर आती है। सीबीएफसी से मिली मंजूरी निर्माता सुदीप्तो सेन ने बताया कि फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद Central Board of Film Certification (सीबीएफसी) समिति ने विषयवस्तु को लेकर कुछ आपत्तियां जताई थीं। इसके बाद फिल्म को उच्च समीक्षा पैनल के पास भेजा गया। सुझाए गए बदलावों के साथ फिल्म को मंजूरी मिल गई है। सेन ने कहा कि वे इस निर्णय से संतुष्ट हैं और फिल्म को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने को लेकर उत्साहित हैं। कंटेंट पर भरोसा: पेन स्टूडियोज फिल्म को पेन स्टूडियोज प्रस्तुत कर रहा है, जिसका नेतृत्व डॉ. डॉ. जयंतीलाल गडा कर रहे हैं। गडा का कहना है कि आज के दौर में मजबूत कंटेंट ही सबसे बड़ा आकर्षण है। ‘चरक’ जैसी विचारोत्तेजक कहानी दर्शकों को रोमांच के साथ सोचने पर भी मजबूर करेगी। सशक्त स्टारकास्ट फिल्म में अंजली पाटिल, साहिदुर रहमान, सुभ्रत दत्ता, शशि भूषण, नलनीश नील, शंखदीप और शौनक श्यामल जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। ‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ का निर्माण धवल जयंतीलाल गडा और सिपिंग टी सिनेमा ने सुदीप्तो सेन प्रोडक्शंस के सहयोग से किया है, जबकि राजेश भट्ट एसोसिएट प्रोड्यूसर हैं।अंधविश्वास और आस्था के टकराव को बड़े पर्दे पर पेश करती यह फिल्म अपने विषय और ट्रीटमेंट को लेकर पहले ही चर्चा में आ चुकी है। अब देखना होगा कि रिलीज के बाद दर्शकों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

Continue reading on the app

  Sports

मुख्यमंत्री धामी ने टिहरी जिले के घनसाली क्षेत्र को दी विकास योजनाओं की सौगात, स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण और उप-चिकित्सालय की घोषणा की

टिहरी गढ़वाल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज टिहरी जिले के घनसाली क्षेत्र को 41.21 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। अपने दौरे के दौरान उन्होंने कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिसमें क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। कुल योजनाओं में 13.43 करोड़ रुपये की … Thu, 26 Feb 2026 23:07:25 GMT

  Videos
See all

Trump on Shehbaz Sharif: 'Operation Sindoor' को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान, पाकिस्तान में मचा हड़कंप! #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-26T17:40:01+00:00

मेडिकल रिपोर्ट में यौन शोषण की पुष्टि, अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी तय ! | Shorts | Shankaracharya #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-26T17:33:25+00:00

Shankaracharya Avimukteshwaranand vs Brahmachari: अविमुक्तेश्वरानंद का मेडिकल रिपोर्ट पर चैलेंज #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-26T17:36:56+00:00

Master Stroke: Swami Avimukteshwaranand के आश्रम की Inside Strory | POCSO | CM Yogi Vs Akhilesh #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-26T17:37:02+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers