Bharat Taxi: देश में पहली बार कोऑपरेटिव मॉडल पर नई कैब सर्विस, 500 रुपए में बनें मालिक
Bharat Taxi: देशभर में बहुत जल्द कोऑपरेटिव (सहकारिता) मॉडल पर टैक्सी चलेंगी। पिछले दिनों केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ‘भारत टैक्सी’ के ड्राइवरों (सारथियों) से संवाद करते हुए इस महत्वपूर्ण पहल का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि “जो श्रम करता है, मुनाफा भी उसी को मिलना चाहिए।” इस नई कैब सेवा का उद्देश्य निजी कंपनियों की तरह सिर्फ अधिकतम लाभ कमाना नहीं, बल्कि टैक्सी चलाने वाले सारथियों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना भी है।
सहकारिता मॉडल: सारथी ही मालिक
भारत टैक्सी पूरी तरह से होगी। इसमें कोई भी सारथी मात्र 500 रुपये का शेयर खरीदकर कंपनी का मालिक बन सकता है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में सारथियों के लिए सीटें आरक्षित रहेंगी, ताकि वे नीतिगत फैसलों में सीधे भागीदारी कर सकें। इस मॉडल का मकसद ड्राइवरों को सिर्फ कर्मचारी नहीं, बल्कि भागीदार बनाना है।
आय की गारंटी और मुनाफे में हिस्सा
अमित शाह ने अमूल का उदाहरण देते हुए बताया कि जिस तरह अमूल ने दुग्ध उत्पादकों को सशक्त किया, उसी तरह भारत टैक्सी सारथियों को स्थिर आय और लाभ में हिस्सेदारी देगी।
- कुल कमाई का 80% हिस्सा तय किलोमीटर के आधार पर सीधे सारथियों को मिलेगा।
- शेष 20% राशि कंपनी की पूंजी के रूप में जमा होगी।
- शुरुआती तीन वर्षों में विस्तार पर फोकस रहेगा, उसके बाद मुनाफे के वितरण की स्पष्ट व्यवस्था लागू की जाएगी।
- इस व्यवस्था से ड्राइवरों को न्यूनतम तय किराया सुनिश्चित होगा और अतिरिक्त मुनाफे में भी भागीदारी मिलेगी।
विस्तार और पारदर्शिता
फिलहाल भारत टैक्सी सेवा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दिल्ली-एनसीआर और राजकोट में शुरू की गई है। लक्ष्य है कि अगले तीन वर्षों में इसे सभी नगर निगम शहरों तक विस्तारित किया जाए। किराया निर्धारण वाहन की लागत, ईंधन खर्च और न्यूनतम लाभ को जोड़कर तय किया जाएगा, जिससे आय सुरक्षित और पारदर्शी बनी रहे।
‘सारथी दीदी’ और वित्तीय सहायता
महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘सारथी दीदी’ सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे महिला यात्री महिला चालक का चयन कर सकेंगी। इसके अलावा, कोऑपरेटिव बैंकों के माध्यम से सारथियों को सस्ती ब्याज दरों पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। भारत टैक्सी एक सामाजिक-आर्थिक आंदोलन के रूप में श्रम को सम्मान और मुनाफे में सीधी भागीदारी सुनिश्चित करेगी।
(मंजू कुमारी)
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के प्रेसिडेंट बोर्गे ब्रेंडे का इस्तीफा:यौन अपराधी एपस्टीन के साथ नाम जुड़ने के बाद छोड़ा पद, एलोइस ज्विंगी नए CEO
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के प्रेसिडेंट और CEO बोर्गे ब्रेंडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका यह फैसला उस वक्त आया है, जब कुछ हफ्ते पहले ही जिनेवा की इस संस्था ने यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ उनके रिश्तों की जांच शुरू की थी। ब्रेंडे 2017 से WEF का नेतृत्व कर रहे थे। फिलहाल स्विट्जरलैंड स्थित इस संस्था ने उनके इस्तीफे की पुष्टि करते हुए एलोइस ज्विंगी को अंतरिम जिम्मेदारी सौंपी है। अमेरिकी न्याय विभाग की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी जांच रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों से खुलासा हुआ था कि ब्रेंडे ने एपस्टीन के साथ तीन बिजनेस डिनर किए थे। इसके अलावा उनके बीच ईमेल और टेक्स्ट मैसेज के जरिए भी बातचीत हुई थी। इन खुलासों के बाद जिनेवा स्थित इस संस्था ने ब्रेंडे के पिछले संपर्कों की स्वतंत्र जांच शुरू कर दी थी। इंटरनल रिव्यू में कुछ और गलत नहीं मिला WEF के को-चेयरमैन आंद्रे हॉफमैन और लैरी फिंक ने एक अलग बयान जारी कर बताया कि बाहरी काउंसिल द्वारा की गई जांच पूरी हो चुकी है। जांच में एपस्टीन के साथ उन संबंधों के अलावा और कुछ भी नया या संदिग्ध नहीं मिला है, जिनका खुलासा पहले ही हो चुका था। बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज अब ब्रेंडे के उत्तराधिकारी की तलाश के लिए प्रक्रिया शुरू करेगा। क्या है वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और जेफ्री एपस्टीन विवाद? वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम हर साल स्विट्जरलैंड के दावोस में शिखर सम्मेलन आयोजित करता है, जिसमें दुनिया भर के राजनेता, अरबपति और बिजनेस लीडर्स हिस्सा लेते हैं। वहीं, जेफ्री एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जिसे यौन अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था। साल 2019 में जेल में उसकी मौत हो गई थी। एपस्टीन के हाई-प्रोफाइल लोगों के साथ संबंधों ने दुनिया भर के कई बड़े दिग्गजों की साख पर सवाल खड़े किए हैं। जेफ्री एपस्टीन से जुड़े सीक्रेट दस्तावेजों में कई बड़े नाम अमेरिका में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े सीक्रेट दस्तावेज सामने आते ही दुनिया भर में हड़कंप मचा हुआ है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने करीब 30 लाख पेज के डॉक्यूमेंट्स 30 जनवरी को जारी किए हैं। इसके बाद 10 देशों में 15 से ज्यादा बड़े अधिकारियों को पद छोड़ना पड़ा है। 80 से ज्यादा ताकतवर लोगों पर जांच चल रही है। इन फाइलों में नेता, राजदूत, अरबपति और शाही परिवारों के नाम शामिल हैं। ईमेल, फ्लाइट लॉग और संपर्क रिकॉर्ड में 700 से 1000 असरदार लोगों का जिक्र है। कई मामलों में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी हैं। दस्तावेजों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और हिलेरी क्लिंटन जैसे हाई-प्रोफाइल नाम अलग-अलग संदर्भों में सामने आए हैं। गेट्स से लेकर पूर्व इजराइली PM तक को अफसोस कुछ बड़े नाम सामने आने के बाद उन्हें और उनके परिवारों को सार्वजनिक रूप से माफी या अफसोस जताना पड़ा। कौन था जेफ्री एपस्टीन? जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।
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