दिल्ली में नौकरानी ने मालिक के घर फर्जी रेड कराई:3 लोग ED अफसर बनकर गए, लाखों कैश, लग्जरी घड़ियां-गहने लेकर भाग थे; 2 गिरफ्तार
दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में एक नौकरानी ने अपने मालिक के घर पर फर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ED) रेड कराई। मामला 11 फरवरी का है। 25 फरवरी को पुलिस ने रेखा देवी नाम की नौकरानी और उसकी भाभी पूजा राजपूत को पूरी साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि 11 फरवरी को पुलिस की वर्दी पहने तीन लोग ED अफसर बनकर 86 साल के रिटायर्ड आर्किटेक्ट आरसी सभरवाल के घर में जबरन घुस गए। आरोपियों ने परिवार को धमकाया और तलाशी के दौरान मोबाइल फोन जब्त कर लिए। सभरवाल के पोते को शक हुआ तो उसने पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद तीनों आरोपी लगभग 3-4 लाख रुपये कैश, सात महंगी घड़ियां और गहने लेकर कार में फरार हो गए। पुलिस ने 24 फरवरी को मामला दर्ज करने के बाद इसकी जांच शुरू की थी। कार की लोकेशन से आरोपियों तक पहुंची पुलिस पुलिस ने 350 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज को खंगाला। अंत में एक ब्लू रंग की मारुति सुजुकी बलेनो पर शक हुआ। पुलिस ने घटनास्थल से कार की आवाजाही का पता लगाया तो पता चला कि कार सराय काले खान से होते हुए गाजीपुर बॉर्डर से उत्तर प्रदेश में दाखिल हुई थी। इसके बाद कार गाजियाबाद के वैशाली में एक घर के पास खड़ी देखी गई। कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर, पुलिस ने पता लगाया कि दिल्ली में लूट वाली जगह यानी न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और वैशाली में कार की पार्किंग वाली जगह पर कौन से मोबाइल नंबर एक्टिव थे। नौकरानी की भाभी के घर से वर्दी और लूट का सामान मिला मोबाइल टावर डंप डेटा और आईएमईआई ट्रैकिंग के जरिए पूजा राजपूत नाम की महिला का पता चला, जिसका फोन दोनों जगहों पर एक्टिव था। जांच की गई तो पता चला कि वह नौकरानी रेखा देवी की भाभी है। पुलिस ने बताया कि रेखा देवी भी अक्सर गाजियाबाद में भाभी के घर पर आती-जाती थी। बुधवार को जब टीम ने पूजा के घर पर छापा मारा, तो उन्हें फर्जी रेड में इस्तेमाल की गई वर्दी और कुछ सामान बरामद हुए। उन्हें चोरी की गई महंगी घड़ियां और गहने भी मिले। इसके बाद पुलिस ने रेखा (40) और पूजा (45) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। ------------------------------ दिल्ली की ये खबरें भी पढ़ें… दिल्ली में प्रेग्नेंट पत्नी, तीन बेटियों का गला काटा:बच्चियों की उम्र 3, 4 और 5 साल; पति फरार, बेटे की चाहत में हत्या की आशंका दिल्ली के प्रेमचंद पार्क इलाके में एक व्यक्ति ने अपनी दो महीने की प्रेग्नेंट पत्नी और तीन मासूम बेटियों की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस को शक है कि इस वारदात के पीछे व्यक्ति के मन में बेटे की चाहत हो सकती है। घटना के बाद से पति फरार है। पूरी खबर पढ़ें… दिल्ली में तीन लोगों के मर्डर मामले में तांत्रिक गिरफ्तार:धनवर्षा के नाम पर जहर मिले लड्डू खिलाए दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में धनवर्षा (अचानक धन लाभ) का लालच देकर तीन लोगों की जहर देकर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने तीन लोगों को जहर मिले लड्डू खिलाए और नकदी लेकर फरार हो गया था। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली हाईकोर्ट का सैनिकों के हक में फैसला:कहा- लाइफस्टाइल डिसऑर्डर बताकर दिव्यांगता पेंशन नहीं रोक सकते, सैन्य सेवा हर परिस्थिति में तनावपूर्ण
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि सशस्त्र बलों के कर्मियों की दिव्यांगता पेंशन को सिर्फ यह कहकर नहीं रोका जा सकता कि बीमारी ‘लाइफस्टाइल डिसऑर्डर’ है या वह पीस एरिया में तैनाती के दौरान हुई। हाई कोर्ट ने कहा कि गैर-ऑपरेशनल क्षेत्रों में भी सैन्य सेवा तनावपूर्ण होती है और इससे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। बता दें कि सेना में ‘पीस पोस्टिंग’ का मतलब है कि सैनिक या अधिकारी की पोस्टिंग बॉर्डर पर नहीं बल्कि शांत और सुरक्षित शहरों या छावनियों में होती है। जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की डिवीजन बेंच ने आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (AFT) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड अधिकारी की दिव्यांग पेंशन याचिका खारिज कर दी गई थी। वे हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) और कोरोनरी आर्टरी डिजीज से पीड़ित हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि यह मायने नहीं रखता कि बीमारी फील्ड एरिया में हुई या पीस पोस्टिंग में। असली सवाल यह है कि क्या बीमारी का सेवा परिस्थितियों से संबंध है। इस केस में रिलीज मेडिकल बोर्ड यह ठीक से नहीं बता सका कि अफसर की बीमारियां सेवा से जुड़ी नहीं थीं या सेवा के कारण नहीं बढ़ीं। कोर्ट ने बताया कि सैन्य जीवन में कड़ा अनुशासन, लंबे वर्किंग आवर्स, बार-बार तबादले, परिवार से दूर रहना और हर समय तैनाती की तैयारी जैसे कारणों से शारीरिक और मानसिक तनाव होता है, जो स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। कोर्ट ने साफ कहा कि बिना किसी ठोस वजह के बीमारी को सिर्फ ‘लाइफस्टाइल डिसऑर्डर’ कहना कानूनन सही नहीं है। कोर्ट ने यह भी बताया कि मेडिकल बोर्ड ने खुद माना था कि यह बीमारी अधिकारी की किसी लापरवाही या गलत आदतों की वजह से नहीं हुई। कोर्ट ने मोटापा, धूम्रपान या शराब से जुड़े तर्क भी खारिज कर दिए, क्योंकि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में इन्हें कारण नहीं बताया गया था। सिर्फ वजन ज्यादा होना, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग को खुद से पैदा हुई बीमारी साबित नहीं करता। कोर्ट ने यह भी कहा कि AFT ने बिना मेडिकल सबूत के वजन और लाइफस्टाइल के आधार पर निष्कर्ष निकाले। कोर्ट ने हृदय रोग को लेकर मेडिकल बोर्ड की दलीलों को भी कमजोर बताया और कहा कि बीमारी को सिर्फ पिछले 14 दिनों की ड्यूटी से जोड़ना तर्कसंगत नहीं है। अफसर ने 40 साल से ज्यादा सेवा दी, अब 50% दिव्यांग याचिकाकर्ता रिटायर्ड अफसर ने भारतीय वायुसेना में 40 साल से अधिक सेवा दी थी। ज्वाइनिंग के समय वह मेडिकल रूप से फिट थे। 1999 में उन्हें हाईपरटेंशन हुआ और 2016 में गंभीर कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण ओपन-हार्ट सर्जरी करानी पड़ी। उनकी दिव्यांगता 50% आंकी गई थी, फिर भी पेंशन से वंचित कर दिया गया। हाईकोर्ट ने याचिका मंजूर करते हुए 50% आजीवन दिव्यांग पेंशन देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने रिटायरमेंट की तारीख से बकाया भुगतान 8 सप्ताह के भीतर जारी करने को कहा है। देरी होने पर 12% सालाना ब्याज देना होगा। ……………….. यह खबर भी पढ़ें हाइकोर्ट बोला-फिजिकल रिलेशन के बाद शादी से मना करना अपराध दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि फिजिकल रिलेशन के बाद शादी मना करना एक अपराध है। कोर्ट ने ये बात एक व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई को दौरान कही। कोर्ट ने कहा कि कुंडली मेल न खाने की वजह से शादी से मना करने पर भारतीय न्याय संहिता(BNS) का सेक्शन 69 लग सकता है, जो धोखे से सेक्सुअल इंटरकोर्स को अपराध मानता है। पूरी खबर पढ़ें…
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