बेटी के जन्म को याद कर इमोशनल हुईं प्रियंका:बताया – जल्दबाजी में करनी पड़ी मालती के जन्म की घोषणा, कठिन समय में मंत्र बने सहारा
प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में सरोगेसी से जन्मी बेटी मालती मैरी के समय से पहले जन्म के समय को याद कर इमोनल हो गई। एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि वह दौर उनके लिए निजी तौर पर बेहद मुश्किल और ट्रॉमेटिक था। उसी समय उन्हें एक मैसेज मिला कि मीडिया में बच्ची के जन्म की खबर आने वाली है। प्रियंका ने बताया कि वे सही समय पर खुद यह खबर शेयर करना चाहते थे, लेकिन लीक के कारण उन्हें जल्दी में पब्लिक अनाउंसमेंट करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उस वक्त वे तैयार नहीं थे, क्योंकि बच्ची की सेहत को लेकर स्थिति साफ नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 27 हफ्ते में पैदा हुई थी और 100 दिनों से अधिक समय तक एनआईसीयू में रही। उस कठिन समय के दौरान मेंटल सपोर्ट के लिए उन्होंने बच्ची के पास धीमी आवाज में महामृत्युंजय मंत्र जैसे मंत्र चलाए थे। प्रियंका ने बताया कि जन्म के वक्त बच्ची की हालत नाजुक थी। एक्ट्रेस ने कहा, “वह पर्पल (रंग) दिख रही थी।” यह समय एक्ट्रेस और उनकी पति के निक जोनस के लिए काफी कठिन रहा। उन्होंने माना कि यह उनके जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में से एक था। यह समय कोविड-19 महामारी के दौरान था, इसलिए अस्पताल में नियम सख्त थे। शुरुआत में मिलने की अनुमति सीमित थी। प्रियंका ने बताया कि बच्ची बहुत छोटी थी। मेडिकल प्रोसीजर के दौरान नर्सों को खास सावधानी रखनी पड़ती थी। एक्ट्रेस ने कहा कि शुरुआती घंटों में वह सुन्न महसूस कर रही थीं। सरोगेट की रिकवरी ठीक रही, लेकिन वह खुद स्थिति को समझने की कोशिश कर रही थीं। एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि कई लोग बच्ची के लिए दुआ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मालती का इस दुनिया में आना आसान नहीं था। इलाज के दौरान बच्ची को कई मेडिकल सपोर्ट देने पड़े और छह ब्लड ट्रांसफ्यूजन भी हुए। एनआईसीयू में मंत्र क्यों चलाए? एनआईसीयू में रहने के दौरान प्रियंका और निक जोनस ने शिफ्ट्स में समय बिताया। दोनों कोशिश करते थे कि बच्ची अकेली न रहे। निक जोनस कभी-कभी गिटार पर गाने गाते थे। प्रियंका ने बच्ची के पास एक आईपॉड रखा। उसमें महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र और ओम नमः शिवाय जैसे मंत्र धीरे आवाज में चलते थे। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें मेंटल सपोर्ट मिला। इससे ध्यान और बैलेंस मेंटेन करने में मदद मिली। प्रियंका ने बताया कि शुरुआत में अस्पताल में एक समय पर एक ही व्यक्ति को मिलने की अनुमति थी। उन्होंने बच्ची की पहली आवाज को बहुत हल्का बताया। उन्होंने कहा, “आवाज बिल्ली जैसी धीमी थी।” डॉक्टरों ने कई मेडिकल सपोर्ट दिए। बच्ची को ब्लड ट्रांसफ्यूजन भी लगे। इस दौरान दोनों ने अपने प्रोफेशनल वर्क रोक दिए। वे अस्पताल में बच्ची के साथ रहे। प्रियंका ने कहा कि उन्होंने खुद को मजबूत रखने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “मुझे डरने या टूटने का विकल्प नहीं था। मुझे मां के रूप में मौजूद रहना था।” वर्क फ्रंट की बात करें तो प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी फिल्म ‘द ब्लफ’ का प्रमोशन कर रही हैं। यह फिल्म प्राइम वीडियो पर 25 फरवरी को रिलीज हुई।
1 मार्च से सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा वॉट्सएप:सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना किया; वेब वर्जन हर 6 घंटे में लॉग-आउट होगा
केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि 'सिम बाइंडिंग' के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन नहीं बढ़ाई जाएगी। नए नियमों के तहत फोन में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉग-आउट हो जाएगा। समझिए क्या है नया नियम और आप पर कैसे होगा असर? 1. सिम बाइंडिंग का नया नियम कब से लागू होगा? जब आप किसी एप को सिम बाइंडिंग से जोड़ते हैं, तो वह एप तभी खुलेगा जब आपका रजिस्टर्ड सिम कार्ड उसी फोन के अंदर मौजूद होगा। यह नियम 1 मार्च 2026 से प्रभावी होगा। 2. सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना क्यों किया? केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि फिलहाल नियमों को मानने की समय-सीमा आगे बढ़ाने पर कोई विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि ये नियम राष्ट्रीय सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू किए गए हैं और सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। 3. मार्च के बाद यूजर्स को क्या करना होगा? यूजर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका वॉट्सएप जिस नंबर पर है, वह सिम उसी फोन में लगा हो। अगर सिम कार्ड फोन से बाहर निकाला तो मैसेजिंग ऐप काम करना बंद कर सकता है। 4. टेक कंपनियों और संस्थाओं का इस पर क्या रुख है? इंडस्ट्री एसोसिएशन IAMAI ने सरकार को चेतावनी दी है कि हर 6 घंटे में लॉग-आउट करने का नियम प्रोफेशनल्स के लिए परेशानी भरा होगा जो काम के लिए वॉट्सएप वेब पर निर्भर हैं। साथ ही उन परिवारों को भी दिक्कत होगी जो एक ही अकाउंट शेयर करते हैं। 5. कंपनियों ने नियम नहीं माना तो क्या कार्रवाई होगी? केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक कंपनियों को 120 दिन के भीतर इसको लेकर रिपोर्ट देनी होगी। नियमों का पालन न करने पर टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023, टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स और दूसरे लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। ज्यातिरादित्य सिंधिया ने दो अन्य मामलों पर भी जानकारी दी… 1. स्टारलिंक की लॉन्चिंग सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस 'स्टारलिंक' के बारे में सिंधिया ने बताया कि कंपनी ने अभी तक सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के सामने जरूरी डेमो पूरे नहीं किए हैं। कंपनी को यह दिखाना होगा कि वह भारतीय सीमाओं के बाहर इंटरनेट एक्सेस बंद कर सकती है। जरूरत पड़ने पर नेटवर्क पर कंट्रोल दे सकती है। 2. BSNL अफसर का मामला हाल ही में BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे का एक सरकारी आदेश वायरल हुआ था। इसमें उनकी सेवा के लिए करीब 50 कर्मचारियों का इंतजाम करने को कहा गया था। सिंधिया ने कहा कि इस मामले में 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर दिया गया है। 21वीं सदी के भारत में ऐसा आदेश जारी होना कतई मंजूर नहीं है। हम इसे ऐसे ही नहीं जाने देंगे। विवादों के बीच मंत्री सिंधिया ने ये भी बताया कि सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL फिलहाल आर्थिक रूप से बेहतर कर रही है और कंपनी "हेल्दी कैश फ्लो" जेनरेट कर रही है। नॉलेज पार्ट: क्या है सिम बाइंडिंग? सिम बाइंडिंग एक सुरक्षा कवच है। यह आपके मैसेजिंग एप को आपके फिजिकल सिम कार्ड के साथ 'लॉक' कर देता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कोई भी हैकर या ठग आपके नंबर का इस्तेमाल किसी दूसरे डिवाइस पर बैठकर नहीं कर पाएगा।
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