केंद्र ने 'रिलीफ' योजना की अवधि बढ़ाई, खाड़ी क्षेत्र में निर्यात को मिलेगी सुरक्षा
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार के तहत आने वाले वाणिज्य विभाग ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण निर्यात को जोखिम सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (ईपीएम) के तहत चलाई जा रही रिलीफ (निर्यात सुविधा के लिए लचीलापन एवं लॉजिस्टिक्स हस्तक्षेप) योजना के घटक-II की समयसीमा 31 मार्च, 2027 तक बढ़ा दी है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।
यह विस्तार पश्चिम एशिया में लगातार जारी भू-राजनीतिक व्यवधानों और खाड़ी क्षेत्र एवं आसपास के इलाकों में समुद्री लॉजिस्टिक्स पर उनके प्रभाव को देखते हुए किया गया है।
इस पहल के घटक-II का उद्देश्य निर्धारित क्षेत्रों में आगामी खेपों के लिए निर्यातकों को भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी) का बीमा कवर लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत 95 प्रतिशत जोखिम कवरेज प्रदान किया जाता है।
यह लाभ 16 मार्च, 2026 या उसके बाद ली गई व्यक्तिगत पॉलिसियों और समग्र कारोबार (होल टर्नओवर) पॉलिसियों पर उपलब्ध है। इस घटक के तहत पात्र निर्यातकों को निर्धारित पात्रता अवधि के दौरान बीमा प्रीमियम में व्यवधान से पहले के स्तर की तुलना में होने वाली बढ़ोतरी से सुरक्षा प्रदान की जाती है।
इस योजना के तहत कवर की जाने वाली माल श्रेणियों में पूर्ण कंटेनर लोड (एफसीएल), आंशिक कंटेनर लोड (एलसीएल) और रेफ्रिजरेटेड यानी तापमान नियंत्रित कंटेनर शामिल हैं। हालांकि, ऊर्जा से संबंधित खेपों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
बयान के अनुसार, रिलीफ पहल के तहत कवरेज का लाभ लेने के इच्छुक निर्यातकों को ईसीजीसी के ग्राहक पोर्टल के माध्यम से दावे और सहायक दस्तावेज जमा करने होंगे। यूजर आईडी और पासवर्ड बनाने, निर्यातक के रूप में पंजीकरण पूरा करने एवं योजना के तहत दावे जमा करने के संबंध में मार्गदर्शन ईसीजीसी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध विशेष वीडियो ट्यूटोरियल के जरिए प्राप्त किया जा सकता है।
19 मार्च, 2026 को शुरू की गई रिलीफ योजना का उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र और व्यापक पश्चिम एशियाई समुद्री गलियारे में व्यवधानों के कारण असाधारण रूप से बढ़ती माल ढुलाई लागत, बीमा प्रीमियम में वृद्धि और युद्ध से जुड़े निर्यात जोखिमों का सामना कर रहे भारतीय निर्यातकों को सहायता प्रदान करना है।
मध्य पूर्व में तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ड्रोन और मिसाइल हमलों में जहाजों को निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट्स आई हैं। यमन में हूती विद्रोहियों द्वारा तटीय क्षेत्र के बड़े हिस्से पर कब्जा करने के उद्देश्य से हमले शुरू किए जाने के बाद युद्ध का खतरा लाल सागर क्षेत्र तक भी फैल गया है।
बयान में कहा गया कि रिलीफ योजना की अवधि बढ़ाना निर्यात क्षेत्र की जोखिमों से निपटने की क्षमता मजबूत करने, व्यापार प्रवाह बनाए रखने और लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक तथा समुद्री लॉजिस्टिक्स संबंधी अनिश्चितताओं के बीच भारतीय निर्यातकों को समर्थन देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
--आईएएनएस
एबीएस
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BRICS Parliamentary Forum 2026: PM मोदी ने संसदीय प्रतिनिधियों से की मुलाकात, नई दिल्ली में भारत कर रहा मेजबानी
BRICS Parliamentary Forum 2026: भारत की मेजबानी में 10वां ब्रिक्स पार्लियामेंट्री फोरम का नई दिल्ली में आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स संसदीय मंच के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. दो दिवसीय इस फोरम में सदस्य देशों और साझेदार देशों के संसदीय प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला इस मंच की अध्यक्षता कर रहे हैं.
BRICS देशों की वैश्विक भूमिका पर ओम बिरला ने दिया जोर
फोरम को संबोधन करते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल और वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स देशों की भूमिका अहम है. उन्होंने संसदीय सहयोग, संवाद, आपसी सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया. ओम बिरला ने कहा कि ब्रिक्स देश भौगोलिक, सांस्कृतिक, भाषाई और सामाजिक रूप से अलग-अलग हैं, लेकिन मानवता के प्रति साझा जिम्मेदारी उन्हें एक साथ जोड़ती है.
BRICS संसदीय मंच के 20 साल पूरे
संबोधन के दौरान ब्रिक्स संसदीय मंच के 20 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया गया. ओम बिरला के अनुसार, Global Development और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में इस मंच की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है. उन्होंने ब्रिक्स देशों की वैश्विक आबादी, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हिस्सेदारी का भी जिक्र किया. इस आयोजन का उद्देश्य संसदीय संवाद को मजबूत करना और सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है.
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