Explainer: अमेरिका-ईरान जंग के बीच विदेशी तेल कंपनियों ने कैसे की बंपर कमाई?
Explainer: मिडिल ईस्ट में पिछले पांच महीनों से भारी तनाव बना हुआ है. अमेरिका और ईरान के बीच हुई इस जंग के चलते दुनियाभर में ऊर्जा संकट पैदा हो गया. क्योंकि इस जंग के चलते मिडिल ईस्ट में अहम 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' बंद हो गया. जिसके चलते दुनिया भर में ऊर्जा सप्लाई पर बुरा असर पड़ा. इससे महीनों तक तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं और दुनिया भर के ऊर्जा मार्केट इससे प्रभावित हुए. वहीं मिडिल ईस्ट से हजारों मील दूर अमेरिका और यूरोप में घरेलू कीमतें बहुत बढ़ गई हैं. इस दौरान अमेरिका की तथाकथित 'बिग ऑयल' कंपनियों ने ईरान के खिलाफ युद्ध के नतीजों से जबरदस्त मुनाफा कमाया.
अमेरिका की दिग्गज तेल कंपनियों में शामिल एक्सॉनमोबिल, शेवरॉन, शेल और बीपी ने इस मिडिल ईस्ट में उथल-पुथल के बीच खूब तरक्की की है और अरबों का मुनाफा कमाया है. इन तेल कंपनियों को यह मुनाफा ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खिंचता जा रहा है, जिसका अभी तक कोई अंत नजर नहीं आ रहा. अब ये तनाव रेड सी यानी लाल सागर तक फैल गया है.
मिडिल ईस्ट संकट के बीच तेल कंपनियों ने कितनी की कमाई?
मिडिल ईस्ट में जारी संकट के बीच अमेरिका की दिग्गज तेल कंपनियों ने बंपर कमाई की है. इनमें एक्सॉनमोबिल (ExxonMobil) का नाम सबसे ऊपर है. अमेरिका की सबसे बड़ी तेल कंपनी ने दूसरी तिमाही में 14.5 अरब डॉलर यानी 1.33 लाख करोड़ की कमाई और 14.7 अरब डॉलर की एडजस्टेड कमाई की.
- यह पिछले चार सालों में कंपनी का सबसे अधिक तिमाही मुनाफा हुआ है. कंपनी के नतीजों पर तेल की बढ़ी हुई कीमतों और बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन का असर दिखा है, हालांकि कतर में प्रोडक्शन में रुकावट की वजह से यह कमाई वॉल स्ट्रीट की उम्मीदों से कम रही है.
शेवरॉन (Chevron): अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी ने दूसरी तिमाही में 12 अरब डॉलर यानी एक लाख 14 हजार करोड़ की कमाई की है. यह पिछले छह सालों में उसका सबसे ज्यादा तिमाही मुनाफा रहा है. जिसने एनालिस्ट्स के अनुमानों को भी पीछे छोड़ दिया है.
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया भर में तेल की बढ़ती कीमतों ने अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों तरह के ऑपरेशन्स को बढ़ावा दिया. अपस्ट्रीम से होने वाली कमाई सालाना आधार पर 200 प्रतिशत बढ़कर 8.2 अरब हो गई है.
- जबकि डाउनस्ट्रीम से कमाई 4.9 अरब डॉलर तक पहुंच गई. यह 2010 के दशक की शुरुआत के बाद से शेवरॉन का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है.
शेल (Shell)
शेल यूरोप की सबसे बड़ी तेल कंपनी है. इस ब्रिटिश-डच ग्रुप ने अपनी दूसरी तिमाही की कमाई को दोगुने से भी ज्यादा कर लिया है. जंग के दौरान कंपनी ने लगभग 10 अरब डॉलर यानी करीब 95 हजार करोड़ की कमाई की, जो एनालिस्ट्स के अनुमान से कहीं कहीं ज्यादा है.
- इसकी वजह तेल और गैस की बढ़ती कीमतें और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के मज़बूत ऑपरेशन्स थे, जबकि मिडिल ईस्ट में कुछ जगहों पर प्रोडक्शन में रुकावट के बावजूद कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा.
टोटलएनर्जीज (TotalEnergies)
इस फ्रांसीसी तेल कंपनी की कमाई दूसरी तिमाही में 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. जो पिछले लगभग तीन सालों में इसका सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन रहा है. तेल की ऊंची कीमतों और रिफाइनिंग केमिकल्स से मिलने वाले अच्छे प्रॉफिट मार्जिन ने LNG से होने वाली कम कमाई की भरपाई कर दी.
बीपी (BP)
यूनाइटेड किंगडम की एक और बड़ी तेल कंपनी ने दूसरी तिमाही में 5.73 अरब डॉलर यानी करीब 54 हजार करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया. यह एक साल पहले हुई 2.35 अरब डॉलर की कमाई से दोगुने से भी ज्यादा है और यह एनालिस्ट्स के अनुमान से भी अधिक रहा है.
सऊदी अरामको
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का फायदा सिर्फ पश्चिमी देशों की बड़ी तेल कंपनियों को ही नहीं हुआ है, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी तेल उत्पादक कंपनी सऊदी अरामको ने भी अपनी तिमाही कमाई में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है.
- यह सालाना आधार पर 44 प्रतिशत बढ़कर 32.69 अरब डॉलर हो गई. सऊदी की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन ने निर्यात के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पर देश की निर्भरता को कम करने में मदद की है.
क्या है मुनाफे में उछाल की वजह है?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ट्रेड होने वाले क्रूड ऑयल की औसत ग्लोबल बेंचमार्क कीमत 2026 की दूसरी छमाही में 96.68 डॉलर प्रति बैरल थी. यह कीमत 2025 की पहली तिमाही में 78.38 डॉलर प्रति बैरल और दूसरी तिमाही में 66.71 डॉलर प्रति बैरल के मुकाबले काफी ज्यादा थी.
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के सात साल में कितना हुआ बदलाव, खुद पीएम मोदी ने दी जानकारी
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35(A) के प्रावधान हटाए जाने के सात वर्ष पूरे हो गए हैं. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पिछले वर्षों के दौरान हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए इसे दोनों क्षेत्रों की विकास यात्रा में एक निर्णायक मोड़ बताया. प्रधानमंत्री ने कहा कि 5 अगस्त 2019 का फैसला केवल संवैधानिक बदलाव नहीं था, बल्कि इसने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए नए अवसरों और नई संभावनाओं का रास्ता खोला.
बुधवार, 5 अगस्त को सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि सात वर्ष पहले इसी दिन अनुच्छेद 370 और 35(A) इतिहास का हिस्सा बन गए थे. उनके अनुसार, इसके बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की प्रगति की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई.
बुनियादी ढांचे के विस्तार पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में बुनियादी ढांचे के विस्तार को प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया. उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों के दौरान सड़क, संपर्क और अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया गया है.
प्रधानमंत्री के मुताबिक, विकास परियोजनाओं के विस्तार से लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में प्रगति हुई है. उन्होंने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचा न केवल आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाता है, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने में मदद करता है.
उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, ताकि दूरदराज के इलाकों तक भी आधुनिक सुविधाओं का लाभ पहुंच सके.
Seven years ago, on this day, Articles 370 and 35(A) became history, marking a decisive new chapter in the journey of Jammu and Kashmir as well as Ladakh.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 5, 2026
Since then, the lives of the people of J&K and Ladakh have witnessed wide-ranging transformation. Infrastructure has…
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर
प्रधानमंत्री ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ते अवसरों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में विस्तार के साथ युवाओं और आम नागरिकों के लिए नई संभावनाएं तैयार हुई हैं.
प्रधानमंत्री के अनुसार, उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भी नए अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इससे युवाओं को स्वरोजगार और नए कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहन मिला है. खेल के क्षेत्र में भी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलने की बात कही गई.
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. सरकार का प्रयास है कि उन्हें अपनी प्रतिभा के अनुसार आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन और मंच उपलब्ध हों.
महिलाओं और वंचित समुदायों के अधिकारों का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35(A) के प्रावधान हटने के बाद भारत के संविधान का पूर्ण रूप से लागू होना महिलाओं और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए सशक्तिकरण का माध्यम बना है.
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ऐसे कई वर्ग, जो लंबे समय तक कुछ संवैधानिक अधिकारों और लाभों से वंचित रहे, अब उन्हें समान अवसर और अधिकार मिलने की दिशा में बदलाव हुआ है. प्रधानमंत्री ने इसे सामाजिक न्याय और समावेशी विकास से जोड़ते हुए सरकार की प्राथमिकताओं का हिस्सा बताया.
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 5 अगस्त का महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि देश डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मना रहा है. उन्होंने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रीय एकता के प्रति योगदान और उनकी विचारधारा को याद किया.
प्रधानमंत्री के अनुसार, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए जो विचार प्रस्तुत किए थे, वे आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं. उन्होंने कहा कि दशकों पहले देखा गया उनका सपना 5 अगस्त 2019 के फैसले के साथ ऐतिहासिक रूप से साकार हुआ.
विकसित भारत में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की अहम भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की प्रगति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों के विकास को देश की व्यापक विकास यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है.
उन्होंने विश्वास जताया कि हर नागरिक को बड़े सपने देखने, अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का अवसर मिलेगा. प्रधानमंत्री के संदेश में विकास, समान अवसर और राष्ट्रीय एकता को प्रमुख आधार बताया गया.
अनुच्छेद 370 हटने के सात वर्ष पूरे होने के अवसर पर सरकार ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और युवाओं के लिए अवसरों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है.
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