मोबाइल कारोबारी ने पत्नी-बेटी को जहर दिया, खुद भी पीया:पिता-पुत्री की मौत, पत्नी ICU में; ऑनलाइन गेम के चलते कर्ज में डूबा था
शहडोल में ऑनलाइन गेम की लत और इसके चलते कर्ज से परेशान होकर मोबाइल कारोबारी ने पत्नी-बेटी को जहर पिला दिया। फिर खुद पी लिया। इलाज के दौरान पहले बेटी, फिर कारोबारी की जान चली गई। पत्नी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में मौत से जंग लड़ रही है। मामला शहडोल के कोतवाली थाना इलाके में पुरानी बस्ती का है। यहां रहने वाले शंकर लाल गुप्ता (40) को ऑनलाइन गेम 'बीडीजी' खेलने की लत थी। वह इस खेल में करीब 4 लाख रुपए हार चुका था। इसके लिए लोगों से कर्ज भी लिया था। कर्ज के बढ़ते बोझ और आर्थिक तंगी की वजह से शंकर लाल काफी समय से तनाव में चल रहा था। कभी खुद की मोबाइल दुकान चलाने वाला शंकर अब सड़क किनारे छोटी सी दुकान लगाकर गुजारा करने को मजबूर था। घर से बाहर होने की वजह से बचा बेटा 24 फरवरी की रात शंकर लाल बाजार से कोल्ड ड्रिंक खरीदकर लाया। इसमें जहर मिला दिया। फिर पत्नी राजकुमारी और बेटी स्वाति (16) को पिला दी। खुद भी पी ली। शंकर लाल का 15 वर्षीय बेटा घर से बाहर गया था। रात में चीखपुकार सुनकर पड़ोसी शंकर लाल के घर पहुंचे। देखा कि तीनों लोगों की तबीयत खराब है। एम्बुलेंस की मदद से तीनों को अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान 25 फरवरी की सुबह स्वाति की मौत हो गई। शाम करीब 6 बजे शंकर लाल ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कोतवाली के एसआई उपेंद्र त्रिपाठी ने कहा- शुरुआती जांच में खुदकुशी की वजह आर्थिक तंगी ही लग रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
एक हाथ में इजरायली मेडल तो दूसरे में फिलिस्तीन का सम्मान, यरूशलम की धरती से PM मोदी ने दिखाया कूटनीति का चमत्कार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के इकलौते ऐसे नेता बन गए हैं जिन्हें इज़रायल और फिलिस्तीन दोनों ने अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है. इजरायली संसद नेसेट ने उन्हें 'स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल' दिया जिसे पाने वाले वे पहले वैश्विक नेता हैं. साल 2018 में फिलिस्तीन ने भी उन्हें 'ग्रैंड कॉलर' सम्मान दिया था. यह उपलब्धि भारत की 'डी-हाइफनेशन' नीति और मोदी की संतुलित कूटनीति की बड़ी जीत को दर्शाती है.
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