ब्रिटेन जाने के लिए अब जरूरी हुआ e-Visa, ऐसे कर सकते हैं आवेदन
ब्रिटेन ने अपनी वीजा प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया है. बुधवार से नए नियम लागू हो गए हैं, जिनके तहत भारतीय यात्रियों के लिए ई-वीजा अनिवार्य कर दिया गया है. वहीं जिन देशों के नागरिकों को पहले वीजा की आवश्यकता नहीं होती थी, उन्हें अब इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) लेना होगा. यह नई व्यवस्था पारंपरिक पेपर वीजा स्टिकर की जगह लेगी और पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करेगी.
क्या है ई-वीजा और ईटीए व्यवस्था?
नई डिजिटल यात्रा प्रणाली का उद्देश्य वीजा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाना है. ई-वीजा एक डिजिटल दस्तावेज होगा, जो आवेदक की आव्रजन स्थिति को ऑनलाइन प्रमाणित करेगा. हालांकि बायोमीट्रिक रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन केंद्र पर व्यक्तिगत उपस्थिति अभी भी आवश्यक रहेगी, लेकिन अब पासपोर्ट जमा करने की बाध्यता समाप्त कर दी गई है.
दूसरी ओर, जिन देशों के नागरिकों को वीजा मुक्त प्रवेश मिलता था, उन्हें अब यात्रा से पहले ETA लेना होगा. इसका मतलब यह है कि बिना डिजिटल अनुमति के कोई भी यात्री विमान में सवार नहीं हो सकेगा. एयरलाइंस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ई-वीजा, ETA या अन्य वैध दस्तावेज न होने पर यात्रियों को बोर्डिंग से रोका जा सकता है.
सरकार का तर्क और सुरक्षा पहलू
ब्रिटेन सरकार का कहना है कि ई-वीजा प्रणाली अधिक सुरक्षित और पारदर्शी है. डिजिटल रिकॉर्ड होने के कारण इसे खोने या छेड़छाड़ की आशंका नहीं रहती. UK Home Office के अनुसार, यह प्रणाली वीजा धारकों को तुरंत और सुरक्षित तरीके से अपने आव्रजन अधिकार साबित करने की सुविधा देती है.
आव्रजन और नागरिकता मंत्री Mike Tapp ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले आवश्यक डिजिटल अनुमति सुनिश्चित करें ताकि उनकी यात्रा में कोई बाधा न आए.
किन देशों पर लागू होगा नियम?
अब तक अमेरिका, कनाडा और फ्रांस सहित 85 देशों के नागरिकों को ब्रिटेन यात्रा के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं होती थी, लेकिन नई प्रणाली के तहत इन देशों के यात्रियों को भी ETA लेना अनिवार्य होगा.
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक एक करोड़ से अधिक ई-वीजा जारी किए जा चुके हैं. पिछले कुछ वर्षों से फिजिकल दस्तावेजों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जा रहा था, और अब यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल स्वरूप ले चुकी है.
यात्रियों के लिए क्या मायने?
इस बदलाव का सीधा असर उन भारतीय यात्रियों पर पड़ेगा, जो पढ़ाई, काम या पर्यटन के लिए ब्रिटेन जाते हैं. डिजिटल प्रणाली से प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होने की उम्मीद है, लेकिन यात्रियों को यात्रा से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी.
कुल मिलाकर, यह कदम ब्रिटेन की आव्रजन व्यवस्था को आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
रात में आइसक्रीम खाने की आदत बनती है कई बीमारियों की वजह, ब्लड शुगर और हार्मोनल संतुलन पर पड़ता है सीधा असर
नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। खाने के बाद कुछ ठंडा और मीठा खाने का मन होना आम बात है। खासकर आइसक्रीम ऐसी चीज है जिसे खाते ही मन खुश हो जाता है। कई लोग इसे रात के खाने के बाद खाना पसंद करते हैं, लेकिन सेहत के लिहाज से यह नुकसानदायक है। विज्ञान की मानें तो रात में आइसक्रीम खाना शरीर के लिए कई तरह की परेशानियों की वजह बन सकता है।
आयुर्वेद के अनुसार, रात का समय शरीर के लिए आराम वाला पल होता है। इस समय पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। आइसक्रीम ठंडी, भारी और मीठी होती है, जिसे आयुर्वेद में कफ बढ़ाने वाला माना जाता है। रात में खाने से पाचन अग्नि कमजोर पड़ जाती है, जिससे खाना ठीक से नहीं पच पाता और शरीर में विषैले तत्व बनने लगते हैं जो गैस, एसिडिटी, पेट भारी और सुस्ती जैसी समस्याओं की वजह बनते हैं।
विज्ञान के मुताबिक, आइसक्रीम में शुगर और फैट की मात्रा काफी ज्यादा होती है। रात में इसे खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है और फिर अचानक गिर सकता है। ब्लड शुगर में यह उतार-चढ़ाव नींद को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। कई रिसर्च बताती हैं कि सोने से पहले ज्यादा मीठा खाने से इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे नींद बार-बार टूटती है।
रात में आइसक्रीम खाने से वजन बढ़ने का खतरा भी काफी ज्यादा होता है। रात के समय शरीर की गतिविधि न के बराबर होती है, जिससे आइसक्रीम की अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में जमा होने लगती है। यही वजह है कि जो लोग रोज रात में आइसक्रीम खाते हैं, उनमें मोटापा तेजी से बढ़ सकता है। मोटापा आगे चलकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी बीमारियों का कारण बनता है।
पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए भी रात की आइसक्रीम नुकसानदेह मानी जाती है। कई लोगों को रात में आइसक्रीम खाने के बाद एसिडिटी, सीने में जलन और पेट दर्द की शिकायत होती है। इसका कारण यह है कि ठंडी चीजें पेट की मांसपेशियों को ढीला कर देती हैं, जिससे एसिड ऊपर की ओर आने लगता है। जिन्हें पहले से गैस या एसिड रिफ्लक्स की समस्या होती है, उनके लिए रात में आइसक्रीम खाना और भी खतरनाक साबित हो सकता है।
--आईएएनएस
पीके/डीकेपी
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