वर्तमान समय में भी ज्योतिष शास्त्र का बेहद ही ज्यादा महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के जरिए भी देश-दुनिया में क्या होने वाला है, इसका अनुमान लगाया जा सकता है। प्रभासाक्षी ने भी अपने खास कार्यक्रम समय चक्र में जाने-माने एस्ट्रोलॉजर रोहिताश्व त्रिवेदी को इस बार आमंत्रित किया। हमने अपने कार्यक्रम में रोहिताश्व त्रिवेदी से यह जानने की कोशिश की कि सीपेजी प्रोटेस्ट के बाद सरकार के लिए समया कैसा रहने वाला है? हमने भारत को लेकर भी रोहिताश्व त्रिवेदी से कुछ सवाल किए जिसका जवाब उन्होंने ज्योतिष शास्त्र के अनुरूप दिया।
- saturn retrograde 2026 का असर?
जवाब- शनि की वक्री चाल का असर बहुत बड़ा रहने वाला है। जून जुलाई में जो कुछ भी घटनाएं हुई है, उसे इसी से जोड़कर देखा जाना चाहिए। ग्रह अपना खेल खेलते रहते हैं और इसका असर आने वाले कुछ और दिनों में देखने को मिलेगा। इस दौरान राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
- नरेंद्र मोदी के लिए आगे का समय?
जवाब- प्रधानमंत्री को यह समझना चाहिए कि अब नई पीढ़ी आ रही है। प्रधानमंत्री को अपने रिटायरमेंट की ओर बढ़ना चाहिए। प्रधानमंत्री को भूतकाल से सीखना चाहिए। प्रधानमंत्री को अपने राजनीतिक जीवन को स्वेच्छा से त्याग देना चाहिए।
- सरकार के लिए चनौतिया
जवाब- सरकार के लिए लगातार कई चुनौतियां बनी रहेंगी। वर्तमान में भी और आने वाले समय में भी कई चुनौतियां होंगी। एनडीए की एकता खत्म हो सकती है। भाजपा के भीतर गुटबाजी बढ़ सकती है। इसके अलावा मध्यावधि चुनाव पर भी विचार हो सकता है। इसकी संभावनाएं बन रही हैं।
- क्या भाजपा कमजोर होगी?
जवाब- भाजपा समय के हिसाब से निर्णय ले तो वह मजबूत हो सकती है। हालांकि भाजपा के कमजोर होने की शुरुआत हो चुकी है। भाजपा आने वाली चुनौतियों को समझें और उसके हिसाब से आगे बढ़े, यह ज्यादा बेहतर होगा।
- कांग्रेस का क्या होगा? राहुल-प्रियंका का दिखेगा दम?
जवाब- कांग्रेस के लिए स्थितियां थोड़ी बहुत ठीक हो सकती है। लेकिन उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को हम अच्छा करते हुए देख सकते हैं। लेकिन कांग्रेस के लिए कुछ ना कुछ दुरुस्त होने का समय दिखाई दे रहा है। प्रियंका गांधी का कब बढ़ता हुआ देखने को मिल रहा है। इसके अलावा राहुल गांधी के लिए कुछ चुनौतियां जरूर आएंगी। राहुल गांधी के लिए फिलहाल बहुत अच्छा समय तो नहीं दिख रहा है।
- क्या विपक्ष एकजुट रहेगा?
जवाब- विपक्ष एकजुट नहीं रहेगा। विश्व विजय पंचांग में भी यही लिखा हुआ है कि विपक्ष एकजुट होने का जो प्रयास कर रहा है वह असफल होगा।
- किसी राज्य में बड़े उठापटक?
जवाब- राज्यों के अंदर कई मुख्यमंत्री को बदला जा सकता है। इसके प्रबल संकेत मिल रहे हैं। इसके अलावा केंद्र में भी कई बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मनोहर लाल खट्टर के लिए अच्छा समय आ सकता है ।
- राज्यों में कानून व्यवस्था की स्थिति
जवाब- राज्यों में कानून व्यवस्था की स्थिति में उठापटक देखने को मिलेगी। हमें सतर्क रहना होगा। इसके अलावा वर्षा भी कम होगी। पृथ्वी में कम नमी रहेगी। इस दौरान हमें कई जन विरोध भी देखने को मिल सकता है।
- E20 Future?
जवाब- E20 को लेकर सरकार तनाव में आ सकती है। समय रहते सरकार को इसे दुरुस्त करना होगा। तेल पदार्थ के ऊपर शनि का ज्यादा प्रभाव होता है। ऐसे में सरकार के लिए भी यह चुनौतियां ला सकता है।
- भारत का अन्य देशों के साथ संबंध?
जवाब- पड़ोसी के साथ-साथ अन्य बड़े देशों के साथ भारत का संबंध फिलहाल तनाव वाले रहेंगे। हमारी सरकार को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में जो पेचीदगियों है उसकी वजह से कई संकटों का सामना करना पड़ सकता है। इसमें इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील भी एक बड़ी वजह बन सकता है।
- ईरान और अमेरिका युद्ध में आगे क्या?
जवाब- ईरान और अमेरिका के बीच जो युद्ध है, वैसे ही चलता रहेगा। अक्टूबर नवंबर आते-आते ईरान में बदलाव की तैयारी हो सकती है। फिलहाल अमेरिका एक लंबे सैन्य अभियान पर निकला है।
- PoK पर आपनी राय?
जवाब- पाक अधिकृत कश्मीर का भारत में विलय होना अति आवश्यक है। यह तभी संभव है, जब भारत की सरकार सैन्य अभियान को लेकर आगे बढ़ेगी। इसमें थोड़ा लंबा समय लग सकता है और यह लंबे संघर्ष के बाद ही मिलेगा।
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दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को 'फिजिक्सवाला' के फाउंडर अलख पांडे को उनके 'पर्सनैलिटी राइट्स'से जुड़े मामले में अंतरिम राहत दी। कोर्ट ने ऐसे ऑनलाइन कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया जो पहली नज़र में अश्लील या मानहानि करने वाला हो, या बिना इजाज़त उनके व्यक्तित्व का कमर्शियल इस्तेमाल करता हो। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने Google, X और Telegram को यह भी निर्देश दिया कि वे उन अकाउंट्स और URLs की 'बेसिक सब्सक्राइबर इन्फॉर्मेशन' (BSI) का खुलासा करें जिनकी पहचान वादी (पांडे) ने की है, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। पांडे की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए, कोर्ट ने वादी द्वारा पेश किए गए कथित तौर पर उल्लंघन करने वाले ऑनलाइन कंटेंट की कैटेगरी-वाइज़ लिस्ट पर विचार करने के बाद यह अंतरिम आदेश पारित किया।
कोर्ट ने कहा कि कुछ खास तरह के कंटेंट के लिए अंतरिम सुरक्षा को सीमित करने के कारणों को बताते हुए एक विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि मैं कुछ बातें बताऊंगा कि क्यों मैं अपने आदेश को कंटेंट के इन खास सेट तक सीमित कर रहा हूं। मैं अभी ये बातें नहीं बता रहा हूं। इस आदेश को तैयार होने में कुछ दिन लगेंगे। मामले की अगली सुनवाई नवंबर में होगी। सुनवाई के दौरान, पांडे की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट जे. साई दीपक ने एक चार्ट पेश किया जिसमें कथित तौर पर उल्लंघन करने वाले लिंक और उन प्रतिवादियों की पहचान की गई थी जिनके खिलाफ राहत मांगी गई थी।
रिकॉर्ड पर रखे गए मटीरियल को कोर्ट के सामने रखते हुए दीपक ने कहा कि एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है।
सीनियर वकील ने "अलख सर लेक्चर्स" नाम के टेलीग्राम चैनल के ज़रिए कथित तौर पर किसी और का रूप धरने (इम्पर्सोनेशन) के मामलों की ओर भी इशारा किया और बताया कि पांडे के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल बिना इजाज़त के किया जा रहा था। उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि लिंक्डइन और एक्स पर पांडे के नाम से कथित तौर पर फर्जी अकाउंट बनाए गए थे।
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