DA Hike: होली से पहले सरकार ने खोला खजाना, इन कर्मचारियों की आई मौज, महंगाई भत्ते में हुई बढ़ोतरी
DA Hike: महाराष्ट्र सरकार ने गुड़ी पड़वा और होली से पहले राज्य कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है, जो जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी. यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब राज्य में एक के बाद एक प्रमुख त्योहार दस्तक दे रहे हैं.
राज्य के वित्त राज्यमंत्री आशीष जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि संशोधित महंगाई भत्ता कर्मचारियों को नकद रूप में दिया जाएगा. इस फैसले से लगभग 5.16 लाख कर्मचारी और 8.72 लाख पेंशनर्स लाभान्वित होंगे.
बकाया भुगतान का पूरा शेड्यूल
सरकार ने बकाया राशि के भुगतान का स्पष्ट खाका भी तैयार किया है. जुलाई 2025 से अक्टूबर 2025 तक की अवधि का एरियर मार्च 2026 में गुड़ी पड़वा के अवसर पर दिया जाएगा. वहीं नवंबर 2025 से जनवरी 2026 तक के बकाया भुगतान के लिए अलग से आदेश जारी किए जाएंगे.
फरवरी महीने से बढ़े हुए भत्ते का भुगतान नकद रूप में शुरू किया जाएगा. त्योहारों के मौसम में यह अतिरिक्त राशि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आर्थिक सहारा साबित हो सकती है.
पहले भी मिल चुका है लाभ
गौरतलब है कि पिछले वर्ष फरवरी में भी राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते में उल्लेखनीय वृद्धि की थी. उस समय राज्य की कमान एकनाथ शिंदे के हाथों में थी और कर्मचारियों के DA में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी. इस बार की 3 प्रतिशत वृद्धि महंगाई के मौजूदा दबाव को देखते हुए की गई है.
गुड़ी पड़वा: नववर्ष का प्रतीक
महाराष्ट्र में Gudi Padwa को हिंदू नववर्ष की शुरुआत माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन सृष्टि की रचना का आरंभ हुआ था. राज्यभर में इस दिन पारंपरिक शोभायात्राएं निकाली जाती हैं. पुरुष और महिलाएं पारंपरिक मराठी वेशभूषा में सज-धजकर उत्सव मनाते हैं.
सड़कों पर बाइक रैलियां, घरों के बाहर सजी ‘गुड़ी’ और सांस्कृतिक कार्यक्रम पूरे माहौल को उत्साह से भर देते हैं.
त्योहारों की तिहरी खुशियां
इस वर्ष मार्च महीने में होली, गुड़ी पड़वा और ईद जैसे प्रमुख त्योहार एक साथ पड़ रहे हैं। ऐसे में महंगाई भत्ते में वृद्धि का निर्णय कर्मचारियों के लिए तिहरी खुशियों जैसा है.
सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे नई ऊर्जा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे. त्योहारों से पहले मिला यह आर्थिक प्रोत्साहन निश्चित रूप से राज्य के लाखों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाएगा.
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आयुष्मान योजना : चमोली के सीमांत जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की नई दिशा, दुर्गम पहाड़ी इलाकों में मुफ्त इलाज की सुविधा
चमोली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य पहल आयुष्मान भारत योजना के तहत संचालित आयुष्मान भारत वय वंदना योजना का लाभ उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली के लोगों को तेजी से मिल रहा है।
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में बसे इस जिले में अब तक 500 से अधिक पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान और वंदना कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से जरूरतमंद लोग सूचीबद्ध अस्पतालों में निशुल्क उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
लाभार्थी अवल सिंह रावत ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, लेकिन आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उनका पूरा उपचार निशुल्क हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले इलाज के लिए बाहर जाना और खर्च उठाना कठिन था, लेकिन अब सरकार की इस योजना से बड़ी राहत मिली है।
वहीं, भीम सिंह ने बताया कि उनका स्वास्थ्य काफी समय से खराब चल रहा था और डॉक्टर ने भर्ती होकर इलाज कराने की सलाह दी। आयुष्मान कार्ड के कारण उन्हें सभी जांच और उपचार सुविधाएं मुफ्त मिल रही हैं। उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए लोगों से अपील की कि वे भी आयुष्मान कार्ड बनवाकर योजना का लाभ उठाएं।
पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। अस्पतालों की दूरी, परिवहन की कठिनाइयों और आर्थिक तंगी के कारण कई बार मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता था। हालांकि, आयुष्मान भारत वय वंदना योजना ने इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया है। योजना के अंतर्गत बनाए गए कार्ड के जरिए वरिष्ठ नागरिकों और अन्य पात्र लाभार्थियों को भर्ती से लेकर जांच और उपचार तक की सुविधाएं बिना किसी आर्थिक बोझ के मिल रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण कर रही हैं, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे। विशेष रूप से सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों के प्राथमिकता के आधार पर कार्ड बनाए जा रहे हैं।
आयुष्मान भारत वय वंदना योजना से न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिल रही है, बल्कि सरकार की मंशा के अनुरूप अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य भी साकार हो रहा है।
--आईएएनएस
एएसएच/एबीएम
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