IND vs ZIM: भारत की जिम्बाब्वे से टक्कर, 2 परेशानी नहीं की दूर तो सेमीफाइनल की उम्मीदें होंगी रफूचक्कर
IND vs ZIM Preview: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 राउंड में अब गलती की कोई जगह नहीं बची। एक खराब दिन, और सीधा घर वापसी। भारत और जिम्बाब्वे- दोनों की शुरुआत इतनी खराब रही कि नेट रनरेट देखकर माथा पीट लेंगे। ऐसे में गुरुवार को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में होने वाला मुकाबला करो या मरो जैसा है। भारत को दो परेशानी को दूर करना होगा। एक ओपनिंग को लेकर आ रही समस्या और दूसरा स्पिन गेंदबाजी का कॉम्बिनेशन।
टीम इंडिया की नजर इससे पहले खेले जाने वाले वेस्टइंडीज बनाम दक्षिण अफ्रीका मैच पर भी रहेगी। भारत चाहेगा कि इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका जीते जबकि जिम्बाब्वे की उम्मीद वेस्टइंडीज से होगी। उस मैच का नतीजा सेमीफाइनल की तस्वीर बदल सकता। लेकिन जो अपने हाथ में है, वो है खुद का प्रदर्शन और यहां चूक की कोई गुंजाइश नहीं है।
इस बार दबाव भारत पर ज्यादा है। जिम्बाब्वे पहले ही ऑस्ट्रेलिया को हराकर और श्रीलंका को चौंकाकर हीरो बन चुका है। कोलंबो की यादें, ब्रैड इवांस का रनआउट, ब्रायन बेनेट के शॉट, ये सब टीम का हौसला बढ़ाने वाले हैं। भारत के लिए कहानी अलग है। रिकॉर्ड तोड़ देने से कुछ नहीं होगा, ट्रॉफी चाहिए।
सबसे बड़ी चिंता भारतीय बल्लेबाजी को लेकर है। टूर्नामेंट से पहले जो लाइनअप सबसे खतरनाक मानी जा रही थी, वही अब संघर्ष करती दिख रही। दक्षिण अफ्रीका से मिली हार ने सवाल और गहरे कर दिए। कागज पर भारत जिम्बाब्वे को 10 में से 9 बार हरा सकता है लेकिन मैदान पर शुरुआत की दो-तीन गलतियां ही मैच का पूरा रुख बदल सकती हैं। अगर ब्लेसिंग मुजारबानी नई गेंद से झटका दें और सिकंदर रजा अपनी अलग अंदाज की ऑफ स्पिन से दबाव बनाएं, तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता।
बुमराह पर फिर रहेंगी नजरें
भारत के लिए इस मुकाबले में भी बुमराह ही ट्रंप कार्ड होंगे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3/15 की शानदार गेंदबाजी के बावजूद टीम हार गई। इस टूर्नामेंट में उनका औसत 9.85 और इकॉनमी 5.30 है। भारत को फिर उनसे बड़ी उम्मीद है।
दूसरी तरफ तदीवानाशे मारुमानी ने 21, 35, 34 और 14 रन की पारियां खेली हैं, स्ट्राइक रेट 157.57 रहा है। पावरप्ले में उनका आक्रामक अंदाज जिम्बाब्वे को तेज शुरुआत देता है। कप्तान सिकंदर रजा ने भी उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का दावेदार बताया है।
भारतीय प्लेइंग-11 कैसी हो सकती
रिंकू सिंह, जो पिता के बीमार होने की वजह से घर लौटे थे, उम्मीद है कि वो बुधवार शाम को चेन्नई में टीम से जुड़ जाएंगे और सेलेक्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे। हालांकि, अगर भारत संजू सैमसन के रूप में अपने टॉप-8 में तीसरे दाएं हाथ के बैट्समैन को लाना चाहता है, तो रिंकू को बाहर होना पड़ेगा। तिलक वर्मा भी प्लेइंग-11 से बाहर हो सकते हैं। अक्षर पटेल के भी लौटने की संभावना है, जो ज़िम्बाब्वे की ज़्यादातर दाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ वाशिंगटन सुंदर की जगह लेंगे। और ऐसे मैदान पर जहां तेज़ गेंदबाज़ों ने पूरे टूर्नामेंट में संघर्ष किया है, भारत कुलदीप यादव को लाने का कोई तरीका ढूंढ सकता।
कैसा होगा पिच का मिजाज?
पिच ने इस बार सबको चौंकाया है। चेपॉक, जो कभी स्पिन गेंदबाजों का गढ़ माना जाता था, इस वर्ल्ड कप में बल्लेबाजों का स्वर्ग बन गया। औसत और स्ट्राइक रेट दोनों सबसे बेहतर हैं। काली मिट्टी की पिच पर न्यूजीलैंड 183 रन 17.5 ओवर में चेज कर चुका है। मौसम साफ रहेगा, तापमान 25 से 28 डिग्री के बीच।
टी20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमें 2022 में मेलबर्न में भिड़ी थीं, जब सूर्यकुमार यादव की नाबाद 61 रन की पारी से भारत 71 रन से जीता था। जिम्बाब्वे ने भारत में कभी टी20 नहीं खेला।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11
भारत: 1 अभिषेक शर्मा, 2 संजू सैमसन, 3 ईशान किशन (विकेट कीपर), 4 सूर्यकुमार यादव (कप्तान), 5 शिवम दुबे, 6 हार्दिक पांड्या, 7 रिंकू सिंह/तिलक वर्मा, 8 अक्षर पटेल, 9 अर्शदीप सिंह, 10 वरुण चक्रवर्ती, 11 जसप्रीत बुमराह।
ज़िम्बाब्वे (संभावित): 1 तदिवानाशे मारुमानी (विकेट कीपर), 2 ब्रायन बेनेट, 3 डियोन मायर्स, 4 रयान बर्ल, 5 सिकंदर रज़ा (कप्तान), 6 टोनी मुनयोंगा, 7 ताशिंगा मुसेकीवा, 8 ब्रैड इवांस, 9 ग्रीम क्रेमर, 10 ब्लेसिंग मुज़राबानी, 11 रिचर्ड नगारवा।
अब सवाल साफ है कि क्या भारत दबाव झेल पाएगा, या जिम्बाब्वे एक और कहानी लिखेगा?
राइटर सलीम खान खतरे से बाहर:सलमान खान की को-स्टार डेजी शाह ने दिया हेल्थ अपडेट; कहा- उनकी हालत में सुधार है
सलमान खान के पिता और दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान की सेहत को लेकर एक्ट्रेस डेजी शाह ने बताया कि उनकी हालत में सुधार है। फिल्म जय हो में सलमान खान की को-स्टार डेजी शाह ने फिल्मीज्ञान से बातचीत में कहा, “मैं सलीम सर से मिल नहीं पाई, लेकिन सलमान सर और उनके परिवार के संपर्क में हूं। सलीम सर अब ठीक हैं। उनकी हालत स्थिर है। सर्जरी सफल रही। वह फिलहाल ऑब्जर्वेशन में हैं और खतरे से बाहर हैं।” बता दें कि 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर ने सलीम खान की हेल्थ अपडेट दी थी। हालांकि, उसके बाद परिवार की ओर से मेडिकल अपडेट सार्वजनिक न करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद उनकी हेल्थ को लेकर कोई आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आई। वहीं, इससे पहले, अमर उजाला से बातचीत में एक्टर और सलमान खान के करीबी संतोष शुक्ला ने भी बताया था कि सलीम खान की सेहत में सुधार है और वेंटिलेटर सपोर्ट हटा दिया गया। सलीम खान लीलावती अस्पताल में भर्ती सलीम खान को 17 फरवरी को सुबह ब्रेन से जुड़ी दिक्कत के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सुबह करीब 8:30 बजे इमरजेंसी में लाया गया। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम बनाई गई, जिसने उनकी स्थिति का आकलन किया। 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर जलील पारकर ने जानकारी दी थी कि सलीम खान की डिजिटल सब्स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) की गई। डॉक्टरों के मुताबिक, यह ब्रेन सर्जरी नहीं है। DSA एक एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टेस्ट है, जिससे दिमाग की नसों की स्थिति और संभावित ब्लॉकेज को साफ तरीके से देखा जाता है। वहीं, 20 फरवरी को जानकारी सामने आई कि सलीम खान का परिवार चाहता है कि उनकी हेल्थ से जुड़ी जानकारी प्राइवेट रखी जाए। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अस्पताल के सार्वजनिक बयान से सलमान खान और उनका परिवार नाराज था। परिवार के करीबी सूत्र ने कहा कि सेहत निजी मामला है और मीडिया से बात परिवार पर छोड़नी चाहिए। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान 90 साल के हैं। उनका जन्म 24 नवंबर 1935 को हुआ था। वे हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटरों में शुमार हैं। सलीम खान ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म बारात से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग नहीं, बल्कि राइटिंग असली ताकत है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए। ‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी फेमस हुई सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ‘सलीम–जावेद’ के नाम से मशहूर रही है। दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं, जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन और सीता और गीता। इन फिल्मों की दमदार कहानियां और डायलॉग लोगों के दिलों में बस गए। उनकी लिखी स्क्रिप्ट ने फिल्मों का अंदाज बदल दिया। उन्होंने मजबूत किरदार, संवाद और सामाजिक मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया। सलीम-जावेद की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों को नई पहचान और सम्मान मिला और उन्हें भी स्टार्स की तरह महत्व मिलने लगा। सलीम-जावेद भारतीय सिनेमा के पहले लेखक माने जाते हैं, जिन्हें ‘स्टार स्टेटस’ मिला। उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘एंग्री यंग मैन’ इमेज को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। सलीम खान ने दो शादियां कीं पर्सनल लाइफ की बात करें तो सलीम खान ने दो शादियां कीं। उनकी पहली शादी 18 नवंबर 1964 को सलमा खान (पूर्व नाम सुशीला चरक) से हुई। इस शादी से उनके चार बच्चे सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान और अलवीरा खान हुए। बाद में 1981 में सलीम खान ने एक्ट्रेस हेलन रिचर्डसन से शादी की। कुछ सालों बाद सलीम खान और हेलन ने अर्पिता को गोद लिया। उनके बड़े बेटे सलमान खान हिंदी सिनेमा के सबसे टॉप एक्टर्स में गिने जाते हैं, जबकि अरबाज और सोहेल भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। उनकी बेटी अलवीरा की शादी एक्टर-डायरेक्टर अतुल अग्निहोत्री से हुई, वहीं अर्पिता की शादी एक्टर आयुष शर्मा से हुई है। ………………………………………. सलीम खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…. दोस्ताना में अमिताभ से ज्यादा फीस सलीम ने मांगी:सलमान से कहा था हैलो ब्रदर नहीं चलेगी, ऋषि कपूर को दी थी बर्बाद करने की धमकी सलीम खान को नई जनरेशन सुपरस्टार सलमान खान के पिता के रूप में जानती है, लेकिन 70–80 के दशक में उनका ऐसा रुतबा था कि हर फिल्ममेकर उनसे ही अपनी फिल्में लिखवाना चाहता था, चाहे फीस या शर्त कुछ भी हो। इंदौर शहर में रहते हुए दोस्तों के लव लेटर लिखने से शुरू हुआ राइटिंग का सिलसिला हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन स्क्रिप्ट राइटर बनने पर मुकम्मल हुआ। पूरी खबर यहां पढ़ें
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