Explainer: इंडियन क्रिकेटर्स को कैसे मिलती है सरकारी नौकरी? जानिए ईशान किशन को RBI देता है कितनी सैलरी
How Indian cricketers get government jobs : भारतीय क्रिकेट बोर्ड दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड में से एक हैं. बीसीसीआई के पास इतना पैसा है कि, वो अपना खुद का एक स्वतंत्र क्रिकेट बोर्ड बना सकता है. ऐसे में सवाल उठता है कि, जब भारतीय क्रिकेट बोर्ड इतना अमीर है, तो उसके खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी की क्या जरूरत है. बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों के संन्यास लेने के बाद पेंशन भी देता है, ऐसे में फिर भी भारत के क्रिकेटर्स को सरकारी नौकरी करने की जरूरत क्यों पड़ती है. इसके साथ ही एक और सवाल खड़ा होता है कि, जब ज्यादातर भारतीय क्रिकेटर्स ज्यादा पढ़े लिखे नहीं होते हैं तो, उनके सरकारी नौकरी कैसे मिल जाती है. उनको गवर्नमेंट जॉब मिलने का आधार क्या होता है.
भारत में सचिन तेंदुलकर से लेकर महेंद्र सिंह धोनी समते तमाम क्रिकेटर सरकारी नौकरी करते हैं. इस लिस्ट में मोहम्मद शमी और आकाशदीप तमाम क्रिकेटर्स भी आते हैं. इन इंडियन क्रिकेटर्स को सरकारी जॉब कैसे मिली. ये सवाल हर क्रिकेट फैंस के मन में कभी न कभी आता है. तो आज हम आपको इसी बारे में बताने वाले हैं. आइए जानते हैं कि भारतीय क्रिकेटर्स को सरकारी नौकरी कैसे मिलती है?
Happy Independence Day!
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) August 15, 2025
Jai Hind! ???????? pic.twitter.com/W8K8iMPD8d
कैसे मिलती है भारतीय क्रिकेटर्स को सरकारी नौकरी?
आपको बता दें कि, भारतीय क्रिकेटरों को सरकारी नौकरी सीधे क्रिकेट खेलने के कारण नहीं मिलती, बल्कि उनके प्रदर्शन और व्यक्तिगत उपलब्धियों के आधार पर विभिन्न सरकारी संस्थान उन्हें नियुक्त करते हैं. आमतौर पर यह नियुक्तियां स्पोर्ट्स कोटा के तहत होती हैं. लेकिन इसमें भी कई मुख्य तरीकों के द्वारा भारतीय क्रिकेटर्स को सरकारी नौकरी दी जाती है.
1 - स्पोर्ट्स कोटा
क्रिकेट खिलाड़ी को भारतीय टीम, रणजी ट्रॉफी, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने के लिए स्पोर्ट्स कोटे से सरकारी नौकरी दी जाती है. इस खिलाड़ियों को ज्यादातर रेलवे, बैंक, एयरलाइंस और अन्य सरकारी संस्थानों में नौकरी आसानी से मिल जाती है.
2 - सीधे नियुक्ति
क्रिकेटर्स को कई बार बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने के बाद भी सरकारी नौकरी मिल जाती है. इन खिलाड़ियों को कुछ विभाग बिना सामान्य लिखित परीक्षा के भी नियुक्त कर सकते हैं और उन्हें सरकारी नौकरी पर रख सकते हैं. इन खिलाड़ियों को विभाग की भर्ती और पात्रता संबंधी नियमों का पूरी तरह से पालन करना पड़ा था.
3 - राज्य सरकारों द्वारा नियुक्ति
भारत के हर राज्य में सरकार द्वारा खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने के लिए अलग-अलग नियम और प्रवाधान होते हैं. कई राज्य सरकारें अपने राज्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी प्रदान करती है. इन खिलाड़ियों को पुलिस, खेल विभाग या अन्य सरकारी विभागों में अधिकारी पद पर नियुक्ति मिलती है.
इन विभागों में भारतीय खिलाड़ियों को मिल सकती है नौकरी?
- भारतीय रेलवे
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
- विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक
- आयकर विभाग
- सीमा शुल्क (Customs)
- सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां (PSUs)
- राज्य पुलिस और खेल विभाग
ईशान टीम से फ्री होने पर निभा रहे अपनी ड्यूटी
भारत के बाएं हाथ के बल्लेबाज ईशान किशन को सरकारी नौकरी मिली हुई है. उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन और भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए सरकारी नौकरी मिली थी. ईशान किशन को स्पोर्ट्स कोटा के तहत नौकरी मिली थी, उन्हें साल 2017 में पटना में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में असिस्टेंट मैनेजर की पोस्ट मिली थी. ईशान को जिस समय ये नौकरी मिली तब उनकी उम्र 18 से 19 वर्ष थी.
आपको बता दें कि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समय-समय पर स्पोर्ट्स कोटा के तहत अपनी बैंक में स्लॉट पूरे करता है, जिसके तहत खिलाड़ियों को वरीयता दी जाती है. आरबीआई क्रिकेट, बैडमिंटन, हॉकी और अन्य खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बैंक का प्रतिनिधित्व करने का मौका देती है. खिलाड़ी जब खेल रहे हैं, तब वो खेल सकते हैं. बाकी जब वो फ्री हैं तो वो आकर बैंक में अपनी सेवाएं दे सकते है और ड्यूटी कर सकते हैं.
???? ISHAN KISHAN WORKING AS A BANKER ????
— Venky Mama (@venkymama100) August 4, 2026
Ishan Kishan has been keeping busy away from the cricket field these days by taking up a regular job at a local bank in Jharkhand, handling customer accounts and paperwork while the Indian team has no matches scheduled. With the… pic.twitter.com/RLdT1CTr1H
भारतीय क्रिकेटर ईशान किशन इन दिनों इंडियन क्रिकेट टीम से फ्री हैं. इस समय भारतीय टीम श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेलने के लिए गई है. ईशान किशन इस टीम का हिस्सा नहीं है. इन दोनों घरेलू क्रिकेट में भी मैच नहीं खेले जा रहे हैं. ईशान किशन अब पूरी तरह फ्री है. वो इससे पहले आयरलैंड, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में खेलते हुए नजर आए थे. अब ईशान अपने फ्री टाइम में RBI में अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं. वो पटना ब्रांच में जमकर काम कर रहे हैं, उनकी अपने साथियों के साथ तस्वीरें और वीडियो भी सामने आ रही हैं.
Many people don't know that Ishan Kishan is an Assistant Manager at RBI Patna. He has now joined his office after a break from cricket and is back at work as a government employee.
— Sonu (@Cricket_live247) August 4, 2026
Ishan Kishan with his banking colleagues. pic.twitter.com/W8dsiQRuhB
ईशान किशन को RBI देता है कितनी सैलरी
ईशान किशन जब RBI में काम कर रहे हैं तो, उनके फैंस जानना चाह रहे हैं कि, उनको कितनी सैलरी मिलती है. तो आइए अब हम आपको ईशान किशन की सैलरी के बारे में बताने वाले हैं. ईशान भारतीय रिजर्व बैंक में असिस्टेंट मैनेजर की पोस्ट पर हैं. असिस्टेंट मैनेजर पोस्ट (ग्रेड-A अधिकारी) का वेतन अधिक होता है. बता दें कि इस पद का बेसिक वेतन तकरीबन 62,500 रुपये प्रतिमाह होता है.
Ishan Kishan update from RBI office???? pic.twitter.com/k0uACLfI7X
— Ishan's (@Ishanworld32) August 4, 2026
इसके साथ ही महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), स्थानीय भत्ता, मेडिकल सुविधा और अन्य लाभ जोड़कर कुल मासिक ग्रॉस सैलरी लगभग 1.22 लाख से 1.27 लाख रुपये तक होती है. ऐसे में सभी कटौतियों के बाद इन-हैंड सैलरी करीब 1.05 लाख से 1.15 लाख रुपये प्रतिमाह आती है. हालांकि ईशान किशन की सही सैलरी सार्वजनिक नहीं है, तो ऐसे में उनको कितनी सैलरी मिलती है. इस बारे में कुछ भी आधिकारिक तौर पर साफ-साफ नहीं कहा जा सकता है. हालांकि उन्हें असिस्टेंड मैनेजर की पोस्ट वाली सैलरी ही मिलती होगी, ऐसा अनुमान लगाया जा सकता है.
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डाबर पर FSSAI का बड़ा एक्शन! 100 प्रतिशत शुद्धता के दावे पर लगाया बैन, ये है पूरा मामला
FSSAI Action on Dabur: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डाबर के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है. ऐसे में अगर आप भी शहद, घी, नारियल पानी या फिर ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स खरीदते समय पैकेट पर लिखे हुए 100 प्रतिशत नेचुरल, 100 फीसदी शुद्ध या फिर100% ऑर्गेनिक देखकर भरोसा कर लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है.
दरअसल, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी कि एफएसएसएआई ने देश की बड़ी एफएमसीजी कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड के कई फूड प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगा दी है. इसके पीछे की वजह ये है कि कंपनी द्वारा अपने उत्पादों पर ऐसे 100% शुद्धता वाले दावे करना. जिन्हें एफएसएससीआई ने भ्रामक, अप्रमाणित और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला माना है.
- इतना ही नहीं एफएसएससीआई का कहना है कि कंपनी को पहले भी ऐसे दावे हटाने के लिए नोटिस दिया गया था. लेकिन संतोषजनक सुधार नहीं किया गया. अब कंपनी को इन प्रोडक्ट्स की बिक्री तुरंत रोकने के लिए 15 दिनों के भीतर अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट यानी कि एटीआर जमा करने का आदेश दिया गया है.
जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल, एफएसएसआई ने जांच के दौरान पाया कि डाबर की वेबसाइट और कई फूड प्रोडक्ट्स पर 100% नेचुरल, 100% प्योर, 100% प्योरिटी गारंटीड, 100% ऑर्गेनिक और 100% टेंडर कोकोनट वाटर जैसे दावे किए जा रहे थे.
- पहली नजर में यह दावे ग्राहकों को आकर्षित करने वाले लग सकते हैं. लेकिन एफएसएसआई का कहना है कि ऐसे दावों को वैज्ञानिक रूप से साबित करना बेहद मुश्किल होता है. अगर कंपनी इनके समर्थन में पर्याप्त और वैध प्रमाण नहीं दे सकती तो ऐसे दावे कानून के तहत स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं.
एफएसएससीआई के मुताबिक 100% जैसे पूर्ण दावे ग्राहकों को यह विश्वास दिलाते हैं कि उत्पाद में किसी भी तरह की मिलावट, प्रोसेसिंग या फिर कोई अन्य सामग्री बिल्कुल भी नहीं है. अगर ऐसा दावा प्रमाणित नहीं है तो यह सीधे तौर पर उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है.
- अब यह भी जान लीजिए कि किन प्रोडक्ट्स पर आखिर कारवाई हुई है. तो एफएसएसओआई के अनुसार जिन प्रोडक्ट्स पर कारवाई की गई है उनमें डाबर का शहद, गाय का घी, एप्पल साइडर विनेगर, वर्जन कोकोनट ऑयल, तिल का तेल, नारियल पानी और नारियल दूध जैसे कई फूड प्रोडक्ट्स शामिल हैं.
इसके अलावा यह भी सामने आया है कि DAB ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और DAB ऑर्गेनिक हनी पर जैविक भारत का लोगो लगाया गया था. जबकि उसके लिए जरूरी वैध एफएसएसआई ऑर्गेनिक एंडोर्समेंट उपलब्ध ही नहीं था. एफएसएसआई का कहना है कि बिना अधिकृत प्रमाण के ऐसा लोगो लगाना नियमों का उल्लंघन है.
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