एआई वैश्विक अर्थव्यवस्था में सालाना 2.5 ट्रिलियन डॉलर का दे सकता है योगदान : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मौजूदा कार्य प्रक्रियाओं को स्वचालित और अधिक प्रभावी बनाकर दुनियाभर में सालाना 2.52 ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक मूल्य पैदा कर सकता है। हालांकि, एआई के इस्तेमाल की बढ़ती लागत इन लाभों को काफी हद तक कम कर सकती है। कंसल्टिंग कंपनी मैकिन्से की एक नई रिपोर्ट में यह बात कही।
‘द एआई वैल्यू कर्व: द इकोनॉमिक्स ऑफ अप्लाइंग एआई टू एग्जिस्टिंग वर्क’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में एआई तकनीकों को तेजी से अपनाने और संगठनों द्वारा वास्तव में हासिल किए जा रहे आर्थिक लाभों के बीच बढ़ते अंतर को उजागर किया गया है।
अध्ययन के अनुसार, कई कंपनियां यह पर्याप्त रूप से आकलन किए बिना एआई लागू करने को प्राथमिकता दे रही हैं कि इस तकनीक से निवेश पर पर्याप्त रिटर्न मिल रहा है या नहीं।
मैकिन्से का अनुमान है कि एआई को लागू करने की प्रभावी लागत में 30 प्रतिशत की वृद्धि होने से सालाना आर्थिक मूल्य में 850 अरब डॉलर तक की कमी आ सकती है। ऐसी स्थिति में, इस तकनीक का अनुमानित वैश्विक आर्थिक प्रभाव घटकर सालाना 2.52 ट्रिलियन डॉलर से 1.67 ट्रिलियन डॉलर रह जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में भी यदि लागत इसी अनुपात में बढ़ती है, तो एआई से पैदा होने वाला सालाना आर्थिक मूल्य 960 बिलियन डॉलर से घटकर 640 बिलियन डॉलर रह सकता है। मैकिन्से ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े भविष्य के परिणामों का पूर्वानुमान नहीं, बल्कि एक मॉडल पर आधारित संभावित परिदृश्य हैं।
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब कंपनियां एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और ऑटोमेशन तकनीकों पर भारी खर्च कर रही हैं। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2030 तक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में वैश्विक निवेश लगभग 7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इस खर्च को उचित ठहराने के लिए सालाना करीब 760 ट्रिलियन डॉलर के मुनाफे की आवश्यकता होगी।
विभिन्न उद्योगों में वित्तीय सेवाओं को एआई अपनाने से सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है। इस क्षेत्र में सालाना 530 बिलियन डॉलर के आर्थिक लाभ का अनुमान लगाया गया है।
शिक्षा क्षेत्र 410 बिलियन डॉलर के संभावित लाभ के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके बाद प्रौद्योगिकी, मीडिया और दूरसंचार क्षेत्र का स्थान है, जहां सालाना 360 बिलियन डॉलर का आर्थिक लाभ होने का अनुमान है। वहीं, एआई आधारित अनुप्रयोगों के जरिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र सालाना लगभग 310 बिलियन डॉलर का मूल्य पैदा कर सकता है।
रिपोर्ट में इस धारणा को भी चुनौती दी गई है कि एआई की मुख्य भूमिका कम वेतन वाले कर्मचारियों की जगह लेना है। इसके बजाय, रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई से सबसे आकर्षक आर्थिक अवसर कानून, स्वास्थ्य सेवा, प्रबंधन और कंप्यूटर से जुड़े क्षेत्रों में उच्च कौशल वाले पेशेवरों को सहायता देने में मिल सकते हैं। इन क्षेत्रों में यह तकनीक उत्पादकता बढ़ाने और बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकती है।
--आईएएनएस
एबीएस
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तीसरे T20 में न्यूजीलैंड को हराकर सीरीज अपने नाम करने उतरेगी टीम इंडिया, पर वेलिंगटन का इतिहास है बड़ी चुनौती
IND vs NZ: भारतीय टीम का न्यूजीलैंड दौरे पर शानदार आगाज हुआ है. दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली जा रही है, जिसके शुरुआती 2 मुकाबले जीतकर टीम इंडिया ने सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है. अब श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंडिया की नजर 27 अक्टूबर 2026 को होने वाले तीसरे टी20 मैच को जीतकर सीरीज अपने नाम करने पर होगी. यह महत्वपूर्ण मुकाबला वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम में खेला जाएगा. भारत के पास सीरीज सील करने का शानदार मौका है, लेकिन वेलिंगटन में टीम इंडिया का इतिहास उसके लिए बड़ी चुनौती रहने वाला है.
भारत सीरीज में 2-0 से आगे, क्लीन स्वीप पर नजर
टी20 सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में जीत की बदौलत भारतीय टीम इस समय मजबूत स्थिति में है. टीम के बल्लेबाज बेहद ही शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं. 27 अक्टूबर को होने वाले इस तीसरे मैच में जीत हासिल करते ही भारतीय टीम इस सीरीज को अपने नाम कर लेगी. कप्तान और टीम मैनेजमेंट की कोशिश होगी कि इसी मैच में जीत दर्ज कर सीरीज को सुरक्षित किया जाए. हालांकि टीम इंडिया के लिए उसका पुराना इतिहास मुश्किलें खड़ी कर सकता है.
वेलिंगटन में कैसा है टीम इंडिया का टी20 रिकॉर्ड
भले ही भारतीय टीम मौजूदा सीरीज में आगे चल रही हो, लेकिन वेलिंगटन रीजनल स्टेडियम में भारत का टी20 रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं रहा है. टीम इंडिया ने इस मैदान पर टी20 क्रिकेट में अब तक एक मैच जीती है वो फिर सुपर ओवर से नजीता निकला था. जबकि वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच 4 टी20 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें से 2 मैचों में न्यूजीलैंड ने जीत हासिल की है. वहीं एक मैच बारिश की वजह से बेनतीजा रहा था.
वेलिंगटन में टीम इंडिया का टी20 रिकॉर्ड
मैच: 4 (1 मुकाबला बारिश के कारण रद्द हुआ)
न्यूजीलैंड की जीत: 2 बार (साल 2009 और 2019 में)
टाई मुकाबला: 1 बार (साल 2020 में भारत ने इसे सुपर ओवर में जीता था)
साल 2020 में न्यूजीलैंड ने सुपर ओवर में मारी थी बाजी
इस मैदान पर भारत की एकमात्र याद जो सबसे बेहतरीन रही है, वह साल 2020 का मुकाबला है. उस रोमांचक मैच में भारत और न्यूजीलैंड दोनों ने 20 ओवरों में 165-165 रन बनाए थे. इसके बाद मैच का फैसला 'सुपर ओवर' से हुआ, जहां केएल राहुल और विराट कोहली की धमाकेदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने जीत हासिल की थी.
वेलिंगटन में भी बल्लेबाजों का रहेगा बोलबाला
वेलिंगटन के इस खूबसूरत स्टेडियम को फैंस प्यार से 'The Cake Tin' भी कहते हैं. यहां की पिच को टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल माना जाता है. पहली पारी का औसत स्कोर यहाँ करीब 170 रन रहता है, जिसका मतलब है कि दर्शकों को 27 अक्टूबर को एक बार फिर चौके-छक्कों की बरसात देखने को मिल सकती है. अब देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर इसी दिन सीरीज अपने नाम करती है या नहीं.
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दोनों टीमों का स्क्वॉड
भारतीय टीम - श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव और कुमार कुशाग्र.
न्यूजीलैंड की टीम - मिचेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, ज़ैक फॉल्क्स, मैट हेनरी, बेवॉन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने, डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट और नाथन स्मिथ.
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