AIBE 21 Registration 2026: ऑल इंडिया बार एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन इस दिन से शुरू, जानें एग्जाम डेट
AIBE 21 Registration 2026: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने घोषणा की है कि AIBE 21 परीक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 11 फरवरी 2026 से शुरू हो जाएगी। जो कानून स्नातक भारत में वकालत करने के लिए 'सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस' (COP) प्राप्त करना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट allindiabarexamination.com पर जाकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। काउंसिल ने आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 निर्धारित की है, जिससे छात्रों को फॉर्म भरने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
7 जून को होगी परीक्षा
एआईबीई 21 परीक्षा के लिए जारी शेड्यूल के अनुसार, ऑनलाइन शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि 1 मई 2026 है। यदि आवेदन पत्र में कोई गलती हो जाती है, तो उम्मीदवार 3 मई 2026 तक उसमें सुधार कर सकेंगे। परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 22 मई 2026 को जारी किए जाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरे देश में एआईबीई 21 की परीक्षा 7 जून 2026 को आयोजित की जाएगी।
AIBE 21 Registration 2026: आवेदन करने की प्रक्रिया
इच्छुक अभ्यर्थी नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन कर अपना फॉर्म भर सकते हैं:
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट allindiabarexamination.com पर जाएं।
- होमपेज पर "AIBE 21 Registration" के लिंक पर क्लिक करें।
- अपना नाम, एनरोलमेंट नंबर, राज्य और मोबाइल नंबर दर्ज कर पंजीकरण करें।
- इसके बाद अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें।
- परीक्षा के लिए अपनी पसंदीदा भाषा का चयन करें (AIBE कई भाषाओं में आयोजित होती है)।
- फॉर्म सबमिट करने के बाद आपके पास रजिस्ट्रेशन आईडी और पासवर्ड आएगा।
- अंत में, शुल्क का भुगतान करें और आवेदन पत्र का प्रिंटआउट लेकर रख लें।
वकीलों के लिए अनिवार्य है यह परीक्षा
बता दें कि भारत की किसी भी अदालत में स्थायी रूप से वकालत करने के लिए कानून स्नातकों को यह परीक्षा पास करना अनिवार्य होता है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया इस परीक्षा के माध्यम से वकीलों के कानूनी ज्ञान और विश्लेषणात्मक कौशल की जांच करता है। परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को बार काउंसिल की ओर से सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अन्य अपडेट के लिए नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।
सोशल मीडिया पर बड़ी कार्रवाई: रूस में WhatsApp-YouTube-Instagram समेत कई विदेशी प्लेटफॉर्म पर लगी रोक, विदेशी वेबसाइटें हुईं गायब
रूस में इंटरनेट नियंत्रण और सख्त हो गया है। देश में एक साथ कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच अचानक बंद हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, व्हाट्सएप, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अब रूस के भीतर काम नहीं कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन सभी वेबसाइट्स के डोमेन नाम रूस के राष्ट्रीय डोमेन नेम सिस्टम (DNS) से हटा दिए गए हैं।
इस बार मामला सिर्फ स्पीड कम करने या आंशिक रोक तक सीमित नहीं है। मौजूदा फैसले के तहत ये प्लेटफॉर्म पूरी तरह “अदृश्य” हो गए हैं। यूजर्स जब इन वेबसाइट्स को खोलने की कोशिश कर रहे हैं, तो सिस्टम संबंधित IP एड्रेस ही नहीं ढूंढ पा रहा है। नतीजतन स्क्रीन पर यह संदेश आ रहा है कि ऐसा कोई डोमेन मौजूद नहीं है।
सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की वेबसाइट्स भी इस कार्रवाई की चपेट में आ गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बीबीसी, डॉयचे वेले और रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी जैसी वेबसाइट्स भी रूस में एक्सेस नहीं हो पा रही हैं। इसके अलावा, गुमनाम ब्राउजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला टॉर ब्राउजर (Tor Browser) भी पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है।
रूस में सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय DNS सिस्टम का उपयोग करना अनिवार्य है, जिसे सरकारी एजेंसी Roskomnadzor नियंत्रित करती है। यह व्यवस्था “सॉवरेन इंटरनेट” कानून के तहत लागू की गई है, जिसका मकसद देश के इंटरनेट ट्रैफिक को पूरी तरह सरकारी निगरानी में रखना है।
जानकारी के मुताबिक रूस ने साल 2021 से ही Google DNS जैसी वैकल्पिक DNS सेवाओं के इस्तेमाल को सीमित करना शुरू कर दिया था। अब ताजा कदम को इंटरनेट नियंत्रण की दिशा में अब तक का सबसे सख्त फैसला माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कार्रवाई से रूस में रहने वाले लोग विदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और अंतरराष्ट्रीय खबरों के बड़े स्रोतों से लगभग कट चुके हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस इंटरनेट नियंत्रण को और किस हद तक आगे बढ़ाती है।
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