मैथ्स में हैं मास्टर; तो ये चैलेंज पूरा करके दिखाएं
Maths competition: क्या आप जानते हैं कि एक बिस्किट के अंदर बने सर्कल की परिधि को कैसे नापा जाता है? अगर हां, तो ब्रिटानिया ट्रीट आपके लिए एक 'ब्रिटानिया ट्रीट सर्कल चैलेंज' लेकर आया है। इसमें हिस्सा लेकर आप 10 लाख रुपए तक का नकद पुरस्कार जीत सकते हैं। आइए इस प्रतियोगिता के बारे में सबकुछ जानते हैं।
चैलेंज क्या है?
इस प्रतियोगिता में आपको ब्रिटानिया ट्रीट बिस्किट (चोको क्रीम, ओरेंज, वनीला या चिली ग्वावा फ्लेवर) के अंदर बने सर्कल की परिधि को मिलीमीटर में नापना है और अपना उत्तर 7 दशमलव स्थानों तक सटीक बताना है। जो प्रतिभागी सबसे सही उत्तर देगा, वह 10 लाख रुपए की बड़ी राशि जीत सकता है!
प्रतियोगिता में कैसे भाग लें?
- ब्रिटानिया ट्रीट बिस्किट खरीदें (किसी भी फ्लेवर में)।
- बिस्किट के अंदर बने सर्कल की परिधि को नापें (मिलीमीटर में, 7 दशमलव तक सटीक)।
- अपना जवाब https://www.treatchallenge.com/ पर सबमिट करें।
इसके अलावा, अगर आप एक क्रिएटिव वीडियो बनाकर दिखाते हैं कि आपने परिधि कैसे नापी, तो आप बुक माय शो से 1 लाख रुपए का गिफ्ट वाउचर भी जीत सकते हैं!
आपको इस बात का ध्यान रखना है कि प्रतियोगिता की अंतिम तिथि 15 अप्रैल 2025 है। इसलिए जल्दी से अपना उत्तर सबमिट करें!
शराब शौकीनों को झटका: महंगी हुई Sharab, देखें नई रेट लिस्ट
Liquor Price Hike in HP: हिमाचल प्रदेश में शराब की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। अंग्रेजी शराब के रेगुलर ब्रांड में 40 से 50 रुपए और हाई ब्रांड के दाम 150 से 200 रुपए तक बढ़ाए गए हैं। सुक्खू सरकार ने देसी शराब भी महंगी कर दी है। आबकारी विभाग की नई रेट लिस्ट के अनुसार, देसी शराब प्रति बोतल 15 रुपए तक महंगी की गई है।
हिमाचल प्रदेश में ऊना नंबर वन की जो शराब 250 रुपए प्रति बॉटल मिलती थी, उसके दाम 265 रुपए प्रति बोतल कर दिए गए हैं। इसी तरह अन्य देशी ब्रांड जो 245 रुपए प्रति बोतल बिकती थी, वह अब 260 रुपए में मिलेगी।
MRP पर ही बेचनी होगी शराब
आबकारी विभाग ने इस बार शराब की मैक्सिमम रिटेल प्राइज निर्धारित किए हैं। जबकि, पिछले वित्त वर्ष में शराब पर मिनिमम सेल प्राइज निर्धारित किया गया था। दुकानदार मिनिमम सेल प्राइज से 30 फीसदी अधिक राशि वसूल सकता था, लेकिन भविष्य में अब ऐसा नहीं होगा। उसे एमआरपी रेट पर बेचना होगा। एमआरपी से ज्यादा रेट वसूलने पर चालानी कार्रवाई होगी। इसमें ठेका सील करने तक का प्रावधान है।
2850 करोड़ राजस्व जुटाने का लक्ष्य
हिमाचल सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत सभी ठेके नीलाम करने का निर्णय लिया है। गत वर्ष 2600 करोड़ के मुकाबले इस साल 2850 करोड़ राजस्व जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि, अभी शिमला के पूरे ठेके नहीं नीलाम हुए। मंडी और कुल्लू में यही स्थिति है। बिलासपुर, लाहौल स्पीति और कांगड़ा में शराब ठेकों की बिक्री पूरी नहीं हो पाई। कांगड़ा में ज्यादा दिक्कत है। यहां विभाग के अधिकारी लगातार नीलामी के प्रयास कर रहे हैं।
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