Holi 2026: होली पार्टी के बाद नहीं उतर रहा भांग का नशा, तो अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय, मिनटों में मिलेगी राहत
Hangover After Holi: होली रंगों और दोस्तों के साथ जश्न मनाने का त्योहार है. इस खास मौके पर लोग जमकर पार्टी करते हैं. घर-घर कई स्वादिष्ट भोजन, गुजिया आदि मिठाइयां बनाई जाती हैं. इसके अलावा कई लोग होली पर भांग वाली ठंडाई पीना भी पसंद करते हैं. हालांकि, ये ठंडाई पीने पर ज्यादातर लोग हैंगओवर की वजह से अगले दिन थकान और तेज सिर दर्द जैसा महसूस करते हैं. दरअसल, भांग का नशा शरीर पर देर तक असर डालता है जिससे फिर लोगों को दिनभर कमजोरी, थकान, तेज सिर दर्द और सुस्ती का सामना करना पड़ता है. अगर आप होली के बाद भांग के हैंगओवर को उतारना चाहते हैं तो हम आपके लिए कुछ आसान और घरेलू उपाय लेकर आए है जो आपका हैंगओवर जल्दी उतारने में मददगार हो सकते हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में.
हैंगओवर उतारने के घरेलू उपाय
नींबू पानी पीएं
होली पार्टी के बाद हैंगओवर उतारने के लिए सबसे अच्छा तरीका नींबू पानी को माना जाता है. नींबू में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है जो शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है और पेट को हल्का रखने में रामबाण साबित होता है. अगर आप हैंगओवर से राहत पाना चाहते हैं तो एक गिलास गुनगुना पानी में एक नींबू का रस और थोड़ा सा शहद मिलाकर पिएं. यह शरीर को हाइड्रेट करेगा और सिरदर्द से आराम मिलेगा.
नारियल पानी पिएं
इसके अलावा अगर आपने शराब या भांग का ज्यादा सेवन कर लिया है तो आप नारियल पानी का सेवन कर सकते हैं. नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है. यह शरीर में खोए हुए मिनरल्स की भरपाई करता है. होली के अगले दिन एक गिलास नारियल पानी पीने से आपको तुरंत एनर्जी मिलेगी और हैंगओवर उतर जाएगा.
दही और केला खाएं
हैंगओवर की वजह से कई बार पेट में गड़बड़ हो जाती है जिससे कमजोरी और थकान महसूस होता है. दही एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक है जो पेट की सेहत सुधारता है जबकि केला पोटैशियम का अच्छा स्त्रोत है जो शरीर की एनर्जी बनाए रखने में मदद करता है. होली के अगले दिन नाश्ते में एक कटोरी दही में एक केला काटकर सेवन कर सकते हैं.
खूब पानी पिएं
होली पार्टी पर ज्यादा हैंगओवर होने के बाद सबसे पहले खूब पानी पीएं क्योंकि भांग शरीर को डिहाइड्रेशन कर देती है जिससे सिर दर्द, उल्टी और कमजोरी का एहसास होता है. इसे कम करने के लिए समय-समय पर पानी का सेवन करें.
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'हमें यह समझ में नहीं आता नाम से समुदाय...' सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की Yadav Ji Ki Love story के खिलाफ दायर याचिका
Supreme Court Dismisses Petition Against Yadav Ji Ki Love Story: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार करते हुए इससे संबंधित याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया. अदालत का यह फैसला फिल्म की देशव्यापी रिलीज से ठीक दो दिन पहले आया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फिल्म के शीर्षक में ऐसा कोई भी शब्द या विशेषण मौजूद नहीं है, जो यादव समुदाय की छवि को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता हो या उन्हें गलत तरीके से चित्रित करता हो.
अदालत ने सुनाया फिल्म के पक्ष में फैसला
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और उज्ज्वल भुयान की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा जताई गई आशंकाएं पूरी तरह निराधार हैं. अदालत ने सवाल किया कि फिल्म का शीर्षक किस प्रकार किसी समुदाय को गलत तरीके से पेश कर सकता है? याचिका में आरोप लगाया गया था कि "यादव जी" जैसे जाति-आधारित संबोधन का उपयोग सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने और जातिगत रूढ़ियों को मजबूत करने का जोखिम पैदा करता है. हालांकि, कोर्ट ने इसे काल्पनिक बताते हुए फिल्म के पक्ष में फैसला सुनाया.
अदातल ने दिया 'बैंडिट क्वीन' का उदाहरण
सुनवाई के दौरान अदालत ने 1994 की चर्चित फिल्म 'बैंडिट क्वीन' के मामले का भी उदाहरण दिया. उस समय भी गुर्जर समुदाय के चित्रण को लेकर विवाद हुआ था, लेकिन अदालत ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में रखा था. याचिकाकर्ता के वकील ने जब फिल्म में महिला के चित्रण और उसे सच्ची घटना पर आधारित बताए जाने पर सवाल उठाए, तो पीठ ने साफ कहा कि फिल्म एक काल्पनिक सिनेमाई कृति है और रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री के अध्ययन के बाद इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं पाया गया है.
'घुसखोर पंडित' पर भी मच चुका है बवाल
सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स की फिल्म 'घुसखोर पंडित' पर दिए गए पिछले आदेश और इस मामले के बीच के अंतर को भी स्पष्ट किया. अदालत ने बताया कि 'घुसखोर' शब्द का अर्थ 'भ्रष्ट' होता है, जो एक समुदाय के साथ नकारात्मक विशेषण जोड़ रहा था, इसलिए उस पर कार्रवाई की गई थी. इसके विपरीत, 'यादव जी की लव स्टोरी' में यादव समुदाय के साथ कोई भी अपमानजनक शब्द नहीं जुड़ा है. कोर्ट ने कहा कि यहां संविधान की धारा 19(2) के तहत लागू होने वाले उचित प्रतिबंधों की कोई आवश्यकता नहीं है.
विवाद का पटाक्षेप
बता दें कि इससे पहले 19 फरवरी को फिल्म निर्माता नीरज पांडे ने 'घुसखोर पंडित' के शीर्षक और प्रचार सामग्री को वापस लेने का निर्णय लिया था, जिसके बाद उस विवाद का अंत हुआ था. 'यादव जी की लव स्टोरी' के मामले में भी पीठ ने यह उम्मीद जताई है कि कोर्ट के इस स्पष्टीकरण के बाद शीर्षक को लेकर चल रहे विवाद पर विराम लग जाएगा. अब यह फिल्म बिना किसी कानूनी बाधा के अपने निर्धारित समय पर सिनेमाघरों में रिलीज हो सकेगी.
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