‘जीवन की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस होता है’, दीक्षांत समारोह में बोले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विद्यार्थियों से शिक्षा को केवल नौकरी पाने या करियर बनाने का माध्यम न मानकर राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा का अवसर बनाने का आह्वान किया. शनिवार को के.एन. यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों में, “विश्वविद्यालय की परीक्षा में प्रश्न सिलेबस से आते हैं, लेकिन जीवन की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस होता है.”
मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षणिक जीवन में विद्यार्थियों की प्रगति का आकलन अंकों और ग्रेड से किया जाता है, लेकिन वास्तविक जीवन में सफलता निरंतर मेहनत, धैर्य और दृढ़ संकल्प से मिलती है. उन्होंने युवाओं से ज्ञान के साथ विनम्रता, सफलता के साथ संवेदनशीलता और शक्ति के साथ जिम्मेदारी का भाव अपनाने की अपील की.
शिक्षा और कौशल विकास पर गुजरात सरकार का जोर
भूपेंद्र पटेल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और समाज के विकास में योगदान देना भी है. उन्होंने गुजरात में उच्च शिक्षा के विस्तार का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य में लगभग 110 विश्वविद्यालय संचालित हैं.
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा, मातृभाषा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय के महत्व पर भी जोर दिया. मुख्यमंत्री के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्र युवाओं के लिए नए अवसर खोल रहे हैं.
94 विद्यार्थियों को मिली डिग्री, 22 मेधावियों का सम्मान
समारोह में विभिन्न विषयों के 94 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं. वहीं, शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 22 विद्यार्थियों को पदक दिए गए, जिनमें नौ स्वर्ण, छह रजत और सात कांस्य पदक शामिल थे.
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि युवा अपनी शिक्षा और कौशल के बल पर उद्यमिता, नवाचार और रोजगार सृजन में योगदान देंगे. उन्होंने विद्यार्थियों से विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.
गुजरात सरकार की शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाली पहलों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने युवाओं को देश की प्रगति का महत्वपूर्ण भागीदार बताया.
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने जबलपुर में कार्यकर्ताओं से की चर्चा, राज्यसभा सांसद पीटी उषा से भी की मुलाकात
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 24 से 26 अक्टूबर तक जबलपुर प्रवास पर हैं। वहीं दौरे के पहले दिन उन्होंने महानगर में रहने वाले मुख्य शिक्षक और उनसे ऊपर के दायित्व वाले कार्यकर्ताओं से बातचीत की। इसी दौरान राज्यसभा सांसद और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पीटी उषा ने भी केशव कोटि पहुंचकर उनसे मुलाकात की। वहीं रविवार को मोहन भागवत महाकौशल प्रांत के कॉलेजों में पढ़ने वाले स्वयंसेवकों के शिविर में शामिल होंगे।
दरअसल डॉ. मोहन भागवत के दौरे के दौरान संघ के अलग-अलग कार्यक्रम रखे गए हैं। इनमें कार्यकर्ताओं से संवाद, युवा स्वयंसेवकों के शिविर और प्रांतीय स्तर की बैठक शामिल हैं। शनिवार को उन्होंने संघ के दायित्ववान कार्यकर्ताओं के साथ संगठन के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। वहीं विजयनगर में RSS के पथ संचलन में 34 जिलों से आए 3185 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में 16 से 32 साल तक की उम्र के स्वयंसेवक शामिल हुए।
शिक्षकों और संघ कार्यकर्ताओं से की चर्चा
वहीं जबलपुर प्रवास के पहले दिन शनिवार को डॉ. मोहन भागवत ने महानगर में रहने वाले मुख्य शिक्षक और उनसे ऊपर के दायित्व वाले कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इस दौरान संघ के संगठनात्मक कामों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मोहन भागवत ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन भी किया। उनके तीन दिन के दौरे में संघ के अलग-अलग स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें रखी गई हैं। कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं। निजी कॉलेज में होने वाले कार्यक्रमों में सुरक्षा कारणों से मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगाई गई है। इन कार्यक्रमों में मीडिया कवरेज की अनुमति भी नहीं है। शनिवार दोपहर राज्यसभा सांसद और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पीटी उषा भी RSS प्रमुख से मिलने केशव कोटि पहुंचीं। वह करीब 15 से 20 मिनट तक वहां रहीं। इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। हालांकि, मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर बातचीत हुई, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
पथ संचलन में 34 जिलों के स्वयंसेवक शामिल
वहीं जबलपुर के विजयनगर में शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन हुआ। इसमें महाकौशल प्रांत के 34 जिलों से आए 16 से 32 साल की उम्र के कुल 3,185 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। स्वयंसेवक एक साथ कदम मिलाकर संचलन करते हुए निकले। मार्ग पर जगह-जगह स्वागत के लिए पंडाल लगाए गए थे जहां मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया। संचलन में कई प्रमुख नेता भी शामिल हुए। पथ संचलन श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज से शुरू हुआ और केशरवानी कॉलेज पहुंचकर खत्म हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एक साथ चलते दिखाई दिए। कार्यक्रम में शामिल युवाओं की उम्र 16 से 32 साल के बीच थी। अलग-अलग जिलों से आए स्वयंसेवकों की भागीदारी इस आयोजन का प्रमुख हिस्सा रही।
25 अक्टूबर को कॉलेज के स्वयंसेवकों के शिविर में शामिल होंगे
दरअसल डॉ. मोहन भागवत रविवार 25 अक्टूबर को महाकौशल प्रांत के महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों के शिविर में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में वह कॉलेजों में पढ़ने वाले युवा स्वयंसेवकों से संवाद करेंगे। उनके जबलपुर प्रवास के दौरान यह कार्यक्रम युवाओं के साथ बातचीत के लिए रखा गया है। दौरे के अंतिम दिन सोमवार, 26 अक्टूबर को RSS महाकौशल प्रांत की कार्यकारिणी और विभाग टोली के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक होगी। इसमें संगठन के कामकाज, गतिविधियों और मौजूदा विषयों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, आगे के कामों को लेकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया जाएगा।
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