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जावद मंडी में ऊटी लहसुन की बंपर आवक, बीज खरीदने किसानों की लगी भीड़

नीमच जिले की जावद कृषि उपज मंडी इन दिनों किसानों की भीड़ से गुलजार है। मंडी में हर तरफ लहसुन से भरी ट्रॉलियां, ट्रक और बोरियों के ढेर नजर आ रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा ऊटी लहसुन की हो रही है, जिसे खरीदने के लिए दूर-दूर से किसान पहुंच रहे हैं। मंडी में सुबह से ही खरीदारों और व्यापारियों की आवाजाही शुरू हो जाती है और देर शाम तक नीलामी का दौर चलता रहता है।

इस बार किसानों का सबसे ज्यादा ध्यान ऊटी लहसुन के बीज पर है। अच्छी गुणवत्ता और बेहतर उत्पादन की उम्मीद में किसान इसे आने वाले सीजन की बुवाई के लिए खरीद रहे हैं। मंडी में बढ़ती आवक और खरीदारों की भीड़ ने स्थानीय व्यापार को भी नई रफ्तार दे दी है।

जावद कृषि उपज मंडी में लगातार बढ़ रही ऊटी लहसुन की आवक

नीमच की जावद कृषि उपज मंडी प्रदेश की प्रमुख कृषि मंडियों में गिनी जाती है। इन दिनों यहां लहसुन की बंपर आवक दर्ज की जा रही है। मंडी में अब तक करीब 35 ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लहसुन लेकर पहुंच चुकी हैं, जबकि लगातार नए वाहन भी मंडी में प्रवेश कर रहे हैं।

मंडी परिसर में हर तरफ लहसुन की बोरियां दिखाई दे रही हैं। नीलामी स्थल पर खरीदार और व्यापारी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। बढ़ती आवक के कारण मंडी पूरे दिन व्यस्त बनी हुई है। किसानों का कहना है कि इस समय अच्छी गुणवत्ता का लहसुन आसानी से मिल रहा है, इसलिए वे समय रहते बीज खरीदना चाहते हैं।

बीज के लिए ऊटी लहसुन की मांग सबसे ज्यादा

इस बार मंडी में सबसे ज्यादा मांग ऊटी लहसुन की है। व्यापारियों के अनुसार किसान इसे खाने के लिए कम और बीज के रूप में ज्यादा खरीद रहे हैं। ऊटी लहसुन अपनी अच्छी गुणवत्ता, मजबूत कलियों और बेहतर उत्पादन क्षमता के कारण किसानों की पहली पसंद माना जाता है। किसानों को उम्मीद है कि यदि अच्छी किस्म का बीज लगाया जाए तो अगली फसल में उत्पादन भी बेहतर मिलेगा और बाजार में अच्छी कीमत मिलने की संभावना रहेगी।

मंडी में सुबह से शाम तक बनी रहती है चहल-पहल

लहसुन की रिकॉर्ड आवक का असर मंडी की रौनक पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सुबह से ही किसानों की गाड़ियां मंडी पहुंचने लगती हैं। इसके बाद तुलाई, नीलामी और माल की खरीद-बिक्री का काम लगातार चलता रहता है।

मंडी परिसर में जगह-जगह लहसुन की बोरियों के ढेर लगे हैं। ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। खरीदार अच्छी गुणवत्ता वाले लहसुन का चयन कर रहे हैं, जबकि व्यापारी तेजी से बोली लगाकर खरीदारी कर रहे हैं।

स्थानीय व्यापार को भी मिल रहा फायदा

जावद मंडी में बढ़ती लहसुन की आवक का फायदा केवल किसानों तक सीमित नहीं है। इससे स्थानीय व्यापारियों, हम्मालों, ट्रांसपोर्ट कारोबार और मंडी से जुड़े अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है।

जब मंडी में बड़ी मात्रा में कृषि उपज आती है तो तुलाई, पैकिंग, लोडिंग, अनलोडिंग और परिवहन जैसे कई काम बढ़ जाते हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

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जावद के शास्त्री सर्कल का बदला लुक, चालू हुआ फव्वारा और जगमगाई लाइटिंग

नीमच जिले के जावद में बस स्टैंड पर श्री बटकेश्वर महादेव मंदिर मौजूद है। इस मंदिर के समीप स्थित शास्त्री सर्कल की सूरत अब बदली हुई नजर आ रही है। दरअसल यहां लंबे समय से चौराहे के बीच में लगा हुआ फव्वारा बंद पड़ा हुआ था। जिसे अब चालू कर दिया गया है।

बता दें कि बस स्टैंड के समीप मौजूद इस मुख्य चौराहे पर लंबे समय से साफ सफाई का अभाव देखने को मिल रहा था। गंदगी फैली हुई थी और रंग रोगन भी नहीं किया गया था। लेकिन नारायण सोमानी की मांग पर अब नगर परिषद की ओर से इस चौराहे का सौंदर्यीकरण किया गया है।

संवरा जावद का शास्त्री सर्कल

जब नगर परिषद तक की इस चौराहे की साफ सफाई और रंग रोगन के अभाव तथा फव्वारा बंद होने की जानकारी पहुंची। तब नगर परिषद दरोगा अनिल राडोदिया अपनी स्वछता टीम के साथ मौके पर पहुंचे। यहां साफ सफाई और रंग रोगन का काम करने के साथ टूटे लोहे के पाइप की मरम्मत की गई और फव्वारा चालू किया गया।

छाया मेले जैसा उल्लास

साफ सफाई और फव्वारा चालू करने के साथ यहां पर रंग बिरंगी रोशनी से सजावट भी की गई है। सजे हुए चौराहे के आसपास झूले वाले, गुब्बारे और खिलौने वाले आकर खड़े हो गए हैं। सावन के पवित्र महीने में मंदिर दर्शन करने आ रहे हैं श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच यहां मेले जैसी रौनक छा गई है। नगर परिषद द्वारा की गई स्वच्छता की स्थानीय नागरिकों ने सराहना भी की है।

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