Farooq Abdullah के बयान पर घमासान, BJP ने टिप्पणी को बताया राष्ट्रविरोधी
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर मुद्दे को बरकरार रखकर पाकिस्तान ने कश्मीरियों को बचाया है जिसके बाद उनके इस बयान से विवाद खड़ा हो गया और भाजपा ने उनकी टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे ‘‘राजद्रोह और राष्ट्रविरोधी’’ बताया। अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीरियों को केंद्र सरकार से बहुत कम उम्मीद है। उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले में पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘आपको (जम्मू-कश्मीर के लोगों को) उनसे (दिल्ली से) क्या उम्मीद होगी?
क्या आप उम्मीद करेंगे कि वे आपके साथ न्याय करेंगे?’’ उन्होंने कहा कि कश्मीरी लोग साहस बनाए रखें, ताकि दिल्ली के सामने टिके रह सकें। उन्होंने कहा, ‘‘यदि आपमें यह साहस नहीं होगा, तो आपका अस्तित्व मिट जाएगा। हमारा नामोनिशान और पहचान भी खत्म हो जाएगी।
कुछ भी नहीं बचेगा। वे आज चुप हैं, क्योंकि दुनिया में इस मुद्दे पर आवाज उठ रही है और हमारा पड़ोसी लगातार इसके पीछे लगा हुआ है। हर जगह कहा जाता है कि ‘कश्मीर के संबंध में फैसला नहीं हुआ है।’ यही बात हमें बचा रही है।
अन्यथा, उनकी मंशा अच्छी नहीं है।’’ अब्दुल्ला ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में मुसलमानों पर ज्यादती की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘क्या आप देखते हैं कि उनकी मस्जिदें कैसे ढहाई जा रही हैं? उनके घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं!
उनकी दुकानें तोड़ी जा रही हैं! क्या आप यह सब देखते हैं?’’ अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने कभी भी भारतीय होने से इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने कभी नहीं कहा कि हम भारतीय नहीं हैं।
हमने बार-बार कहा कि हमने भारत में विलय किया था..महात्मा गांधी के भारत में, जवाहरलाल नेहरू के भारत में और (मौलाना अबुल कलाम) आजाद के भारत में।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने कभी कल्पना नहीं की थी कि एक ऐसा दौर आएगा, जब केवल सत्ता के लिए..सिर्फ इस कुर्सी के लिए..मुसलमानों और हिंदुओं को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर दिया जाएगा।’’ अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘भारत का ताना-बाना नष्ट कर दिया गया। हमने कभी कल्पना नहीं की थी कि ऐसा होगा। लेकिन ईश्वर ने चाहा तो यह दौर भी खत्म होगा।
इसका समय आएगा।’’ भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने अब्दुल्ला के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की। ठाकुर ने एक बयान में कहा, ‘‘फारूक अब्दुल्ला का पाकिस्तान समर्थक बयान राजद्रोह और राष्ट्रविरोधी है तथा ऐसी टिप्पणी करने के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। भारतीय संविधान के तहत शपथ लेने वाले किसी नेता को पाकिस्तान के विमर्श को राजनीतिक वैधता देते हुए अपने ही लोगों के प्रति देश की मंशा पर सवाल उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।’’ उन्होंने कहा कि यदि अब्दुल्ला पाकिस्तान से इतना प्यार करते हैं, तो उन्हें वहां चले जाना चाहिए।
ठाकुर ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में रहने वाले लोग पाकिस्तान के कुशासन से आजादी पाने के लिए बेचैन हैं और भारत में शामिल होना चाहते हैं। उन्हें पाकिस्तान का महिमामंडन करने के बजाय जमीनी हकीकत समझनी चाहिए।’’ भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को प्रायोजित करके जम्मू-कश्मीर को भारी पीड़ा पहुंचाई है और इस क्षेत्र को दशकों तक हिंसा तथा लक्षित हत्याओं के दौर में धकेल दिया है। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘पाकिस्तान ने कश्मीर को आतंकवाद, रक्तपात, भय और अनिश्चितता के अलावा कुछ नहीं दिया है।
क्या फारूक अब्दुल्ला चाहते हैं कि कश्मीर के लोग इस दर्दनाक इतिहास को भूल जाएं और यह मान लें कि पाकिस्तान उनका रक्षक है?’’ उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाने के पाकिस्तान के प्रयास इस क्षेत्र में लंबे समय से जारी हिंसा के लिए उसकी जिम्मेदारी को खत्म नहीं कर सकते। भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस का नेतृत्व आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षाबलों और आम नागरिकों द्वारा दिए गए बलिदानों को अक्सर स्वीकार नहीं करता है। ठाकुर ने कहा, ‘‘पाकिस्तान को कश्मीरियों के रक्षक के रूप में पेश नहीं किया जा सकता, जबकि उसकी नीतियों ने दशकों की पीड़ा में योगदान दिया है।
जम्मू-कश्मीर के लोग शांति और प्रगति चाहते हैं, न कि राजनीतिक बयानबाजी का एक और दौर, जिससे पाकिस्तान के दुष्प्रचार तंत्र को फायदा पहुंचे।’’
संजय राउत पर AI से ऑडियो क्लिप बनाने का आरोप, BJP ने साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भाजपा को बदनाम करने का ‘‘ठेका’’ देने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने एआई की मदद से एक ऑडियो क्लिप तैयार की, जिसमें मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को ‘‘500 करोड़ रुपये’’ दिए जाने का जिक्र है। राउत इस घटना को भाजपा के भीतर जारी ‘‘गला-काट’’ प्रतिस्पर्धा का नतीजा बताते हुए दावा किया कि भाजपा के एक विधान पार्षद ने वह ऑडियो क्लिप लीक की। जरांगे ने पैसे मिलने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को इस विवाद की तह तक जाना चाहिए।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने जरूरत पड़ने पर राउत के खिलाफ मामला दर्ज कराने और इस बात की जांच किए जाने की मांग की कि क्या इस कथित साजिश के लिए उन्हें राहुल गांधी से धन मिला था। बन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘संजय राउत ने नवी मुंबई के वाशी स्थित एक ‘वॉर रूम’ से इस साजिश को अंजाम दिया। राउत ने भाजपा को बदनाम करने का राहुल गांधी से ठेका लिया है।
पिछले कुछ दिनों से वह राहुल गांधी के एजेंडे को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि राउत करीब दो महीने से इस ऑडियो क्लिप को तैयार करने में लगे थे और उन्होंने यूट्यूब पर उपलब्ध आवाज के नमूनों को एआई की मदद से जोड़कर इसे तैयार किया। बन ने कहा, ‘‘राउत ने ‘सामना’ अखबार के कार्यालय में कथित बातचीत की पटकथा तैयार की थी। शुरुआत में उन्होंने 100 करोड़ रुपये के लेनदेन का आरोप लगाने पर विचार किया था, लेकिन मीडिया का अधिक ध्यान आकर्षित करने के लिए बाद में यह राशि बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दी।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में यह ऑडियो क्लिप छत्रपति संभाजीनगर के एक व्यक्ति को सौंपी गई, जिसने इसे जरांगे तक पहुंचाया।
उन्होंने दावा किया कि इस ऑडियो क्लिप को भाजपा नेताओं, शिंदे और जरांगे की छवि खराब करने तथा उनके बीच टकराव पैदा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। इस मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच के शुक्रवार को आदेश दिए। इससे पहले शिवसेना नेता रामदास कदम ने आरोप लगाया था कि भाजपा के कुछ नेता उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से ‘‘खत्म’’ करने के लिए जरांगे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
जरांगे ने बृहस्पतिवार को जालना में यह ऑडियो क्लिप जारी करते हुए आरोप लगाया था कि उन्हें चुप कराने और मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची गई। सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित इस ऑडियो क्लिप में एक महिला कथित तौर पर यह दावा करती सुनाई देती है कि एकनाथ शिंदे के पुत्र और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे को 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए थे। बन ने कहा कि फडणवीस ने मामले की एसआईटी से जांच कराने की घोषणा की है, लेकिन जांचकर्ताओं को विशेष रूप से राउत की कथित भूमिका और ‘वॉर रूम’ की गतिविधियों की जांच करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं फडणवीस को पत्र लिखकर मामले की तत्काल जांच कराने और जरूरत पड़ने पर राउत के खिलाफ मामला दर्ज करने का अनुरोध करूंगा। इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि क्या इस कथित साजिश के लिए राउत को राहुल गांधी से धन मिला था।’’ बन ने दावा किया कि इस ऑडियो क्लिप से केवल कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) को फायदा होगा, जबकि भाजपा, शिंदे और जरांगे की छवि को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि जरांगे ने खुद एसआईटी से जांच कराने की मांग की है, क्योंकि उन्हें भी ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता पर भरोसा नहीं है।
भाजपा के विधान परिषद सदस्य प्रसाद लाड ने राउत को इस मामले में मुख्य आरोपी और ‘‘साजिशकर्ता’’ बनाए जाने की मांग की। लाड ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए और सबसे पहले संजय राउत को पूछताछ के लिए बुलाया जाना चाहिए। उनसे पूछा जाना चाहिए कि उन्हें कैसे पता चला कि ऑडियो क्लिप किस तरह तैयार की गई, इसे किसने बनाया और इसे तैयार करने के लिए क्या-क्या किया गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘संजय राउत ने ऑडियो क्लिप की पटकथा लिखी थी और यह तय किया था कि कौन क्या बोलेगा और किस तरह बोलेगा।
आवाजें एआई की मदद से तैयार की गई थीं।’’ राउत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस को सबसे पहले मामला दर्ज कराना चाहिए और फिर ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच करानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इस जांच से ‘‘कोई नतीजा नहीं निकलेगा।’’ राउत ने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘यह क्लिप भाजपा के एक विधान पार्षद ने लीक की है। वह जरांगे के साथ बातचीत में शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने उन पर बहुत स्नेह दिखाया था, लेकिन यह नुकसान कर गया।’’ मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले प्रसाद लाड ने अगस्त में मराठा आरक्षण को लेकर जरांगे के अनशन के दौरान उनसे बातचीत की थी। राउत ने दावा किया कि भाजपा के भीतर ‘गलाकाट प्रतिस्पर्धा’ चल रही है और ऑडियो क्लिप लीक होना उसकी आंतरिक राजनीति का नतीजा है। राउत ने दावा किया कि फडणवीस और उनके उपमुख्यमंत्री शिंदे के बीच चल रहा ‘‘शीतयुद्ध’’ चरम पर पहुंच गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों एक-दूसरे को राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। जालना में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, जरांगे ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ एक साजिश रची गई, क्योंकि वह किसानों और आम नागरिकों के मुद्दों को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पर्दे के पीछे छिपी बातों को सामने ला दिया है।
असल में, हमने पर्दा ही फाड़ दिया है। इसकी वजह से सभी राजनीतिक दलों के नेता जाग गए हैं, जो मेरे लिए अहम है। मैं इस मामले की तह तक जाऊंगा।’’
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