चार्टेड प्लेन ऑपरेटर्स के लिए नियम सख्त:विमान कितना पुराना, उसकी मेंटीनेंस हिस्ट्री बतानी होगी; गलती पर सिर्फ पायलट जिम्मेदार नहीं
एविएशन पर नजर रखने वाली संस्था DGCA ने नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर (चार्टेड प्लेन, एयर एंबुलेंस) के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। अब ऑपरेटर्स को अपनी वेबसाइट पर प्लेन की मेंटीनेंस हिस्ट्री को सार्वजनिक करना होगा। इसके साथ ही यह भी बताना होगा कि विमान कितना पुराना है। दरअसल झारखंड में एक चार्टेड प्लेन के क्रैश होने के बाद DGCA ने मंगलवार को ऐसे सभी ऑपरेटरों के साथ एक मीटिंग की। मीटिंग में ऑपरेटर्स को उनके सेफ्टी रिकॉर्ड के आधार पर रैंक करने का भी प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि यह रैंकिंग डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की वेबसाइट पर डाली जाएगी। DGCA ने यह फैसला पिछले एक महीने में नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर द्वारा संचालित दो चार्टेड विमानों के क्रैश होने के बाद लिया है। नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर वे एयरलाइन/कंपनियां होती हैं। जो नियमित टाइम-टेबल वाली कमर्शियल फ्लाइट नहीं चलातीं, बल्कि जरूरत या बुकिंग के आधार पर उड़ान भरती हैं। देश में पिछले 2 बड़े चार्टेड प्लेन हादसे… 23 फरवरी 2026: झारखंड के चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश, 7 की मौत झारखंड से दिल्ली जा रहा एक चार्टेड प्लेन चतरा में क्रैश हो गया। प्लेन में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई। रेडबर्ड कंपनी का बीचक्राफ्ट किंग एयर B90L एक एयर एंबुलेंस था। फ्लाइट ने सोमवार शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी, 7:34 पर एयरक्राफ्ट का कम्युनिकेशन टूट गया। थोड़ी देर बाद प्लेन झारखंड के चतरा जिले के समरिया के जंगलों में क्रैश हो गया। प्लेन में कैप्टन विवेक विकास भगत (पायलट), कैप्टन सबराजदीप सिंह ( को-पायलट), संजय कुमार (मरीज), अर्चना देवी (परिजन), धूरू कुमार (परिजन), विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर), सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिकल स्टाफ) सवार थे। 28 जनवरी 2026: महाराष्ट्र डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का इसी साल जनवरी में प्लेन क्रैश में निधन हो गया था। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया। वे 66 साल के थे। हादसे में पवार के सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर समेत 5 लोगों की जान गई थी। पायलट ने बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश की थी, लेकिन रनवे साफ दिखाई नहीं दिया तो वह प्लेन को दोबारा ऊंचाई पर ले गया। पहली कोशिश नाकाम रहने के बाद बारामती के रनवे-11 पर दोबारा लैंडिंग की कोशिश की गई। इस दौरान विमान रनवे से पहले ही गिर गया और उसमें आग लग गई। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… NCP विधायक बोले- अजित पवार का राजीव गांधी जैसा मर्डर: पूछा-क्या कैप्टन सुमित कपूर सुसाइड बॉम्बर बनकर आए थे नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक अमोल मिटकरी ने पार्टी के मुखिया अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या पवार का मर्डर उसी तरह हुआ जैसे लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) ने राजीव गांधी का मर्डर किया था? क्या कैप्टन सुमित कपूर सुसाइड बॉम्बर बनकर आए थे? पूरी खबर पढ़ें…
सरकार ने 5 OTT प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किया:अश्लील कंटेंट दिखाने पर एक्शन, 7 महीने पहले 25 प्लेटफॉर्म बैन हुए थे
केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने मंगलवार को 5 ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म (OTT) को ब्लॉक कर दिया है। जिन प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई हुई, उनमें मूडएक्सवीआईपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट दिखाया जा रहा था। यह कंटेंट आईटी एक्ट 2000, आईटी नियम 2021, आईपीसी की धारा 292 और महिलाओं को गलत तरीक से दिखाने से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करता पाया गया। यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किया है। पिछले साल जुलाई में Ullu-ALTT समेत 25 OTT प्लेटफॉर्म बैन किए गए थे। ALTT एप अप्रैल 2017 में फिल्म और टीवी प्रोड्यूसर एकता कपूर ने लॉन्च किया था। वहीं ULLu एप को IIT कानपुर से ग्रेजुएट विभु अग्रवाल ने 2018 में बनाया था। इससे पहले मार्च 2024 में सरकार ने अश्लील कंटेंट को लेकर 18 OTT प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया था। साथ ही 19 वेबसाइट्स, 10 एप्स और 57 सोशल मीडिया हैंडल्स भी ब्लॉक कर दिए थे। चार कानूनों के तहत OTT एप्स पर बैन लॉकडाउन में ALTT और Ullu एप के व्यूअर्स बढ़े 2020 के लॉकडाउन में जब OTT प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा दिया गया, उसी दौरान ALTT और Ullu एप जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील कंटेंट ज्यादा प्रसारित होने लगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2020 में एक एडल्ट कॉमेडी शो के लिए सर्वाधिक स्ट्रीमिंग (1.1 करोड़ ) एक दिन में ऑनलाइन ओटीटी प्लेटफॉर्म MX प्लेयर पर की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार ALTT की मई 2020 की व्यूअरशिप में 2019 की तुलना में 60% इजाफा हुआ। 2020 में इसके मंथली एक्टिव यूजर्स भी 21% बढ़े। इस ओटीटी पर एडल्ट कंटेंट ज्यादा है। ऑनलाइन कंटेंट को लेकर सरकार की मौजूदा गाइडलाइन भारत सरकार ने 2021 में 'द इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइन्स एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स' बनाया था। इसे 6 अप्रैल, 2023 को अपडेट किया गया। 30 पेज की गाइडलाइन में सोशल मीडिया, फिल्म और वेब सीरीज के लिए नियम बताए गए हैं। पेज नंबर-28 पर फिल्म, वेब सीरीज और एंटरटेनमेंट प्रोग्राम के लिए जनरल गाइडलाइंस है। इसमें टारगेट ऑडियंस के आधार पर कैटेगरी तय करना जरूरी है। ये चेतावनी देना भी जरूरी है कि आप क्या कंटेंट दिखा रहे हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक, OTT और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ग्रीवांस ऑफिसर रखने होंगे। कंटेंट कानून के हिसाब से होना चाहिए। उसमें सेक्स न हो, एंटी नेशनल न हो और बच्चों-महिलाओं को नुकसान पहुंचाने वाला न हो। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- निर्देशों का पालन करेंगे: विज्ञापन कंपनियों से डेटा शेयर नहीं करेंगे ग्लोबल टेक कंपनियों मेटा और वॉट्सएप ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वे कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की प्राइवेसी और गाइडलाइंस को एडवरटाइजिंग से जुड़े डेटा शेयर करने के मामले में NCLAT के निर्देशों का पालन करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
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